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Bhiwani News: 50 साल पुराने जर्जर नहरी पुलों की जगह बनेंगे नए सेतु, 12 करोड़ की मंजूरी मिली
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नहर की पुलिया
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भिवानी। तोशाम क्षेत्र में करीब 50 साल पुराने जर्जर और खतरनाक नहरी पुलों की जगह अब नए मजबूत सेतु बनाए जाएंगे। सिंचाई विभाग ने निंगाना कैनाल पर 12 तथा निंगाना फीडर पर एक पुल के निर्माण के लिए 12 करोड़ छह लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।
मानसून के बाद पुराने पुलों को ध्वस्त कर नए पुलों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। इससे तोशाम क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क बेहतर होगा और जर्जर पुलों के कारण हादसों का खतरा भी खत्म होगा। सिंचाई विभाग ने वर्ष 1976-77 में नहरी नेटवर्क को मजबूत करने और आसपास के गांवों के बीच सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए इन नहरी पुलों का निर्माण कराया था।
करीब पांच दशक पुराने हो चुके ये पुल अब अपनी आयु पूरी कर चुके हैं। विभाग समय-समय पर इनका मरम्मत एवं नवीनीकरण कराता रहा लेकिन अब इन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर आधुनिक डिजाइन के नए पुल बनाए जाएंगे। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के प्रयासों से इन कार्यों को पहले ही स्टेट हेड से मंजूरी मिल चुकी थी जिसके बाद अब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
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इन पुलों के बनने से तोशाम, सागवान, दांग कलां, दांग खुर्द, रिवासा, जूई, खरकड़ी माखवान, खरकड़ी सोहान, दुल्हेड़ी, लक्ष्मणपुरा, खरकड़ी आलमपुर तथा बहल क्षेत्र के गांवों का सड़क संपर्क पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
भारी वाहनों से कांपते थे पुल, दीवारें भी हो चुकी थीं क्षतिग्रस्त
निंगाना कैनाल पर बने जर्जर पुलों से जब भी भारी वाहन गुजरते थे तो उनमें तेज कंपन महसूस होता था। कई पुलों की साइड की दीवारें या तो पूरी तरह गायब हो चुकी थीं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं। रात के समय इन पुलों से गुजरना भी जोखिम भरा था। इसी स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने पुराने पुलों के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया। इसके तहत निंगाना कैनाल पर 12 और निंगाना फीडर पर एक जर्जर पुल को नए सिरे से बनाया जाएगा।
20 से 33 फीट चौड़े होंगे नए पुल
प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद सिंचाई विभाग नए पुलों की ड्राइंग तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है। सड़क की चौड़ाई के अनुसार पुलों की चौड़ाई 20 से 33 फीट तक रखी जाएगी। कई पुलों पर बीच में डिवाइडर भी बनाए जाएंगे ताकि दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही सुरक्षित रहे। आधुनिक तकनीक से बनने वाले ये पुल मौजूदा पुलों की तुलना में अधिक मजबूत और सुरक्षित होंगे।
तोशाम क्षेत्र के करीब 12 गांवों से होकर गुजरने वाली निंगाना कैनाल और निंगाना फीडर पर 13 नहरी पुल तैयार किए जाएंगे। जिसके लिए स्टेट हेड के बजट से 12 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इन पुलों के निर्माण कार्य के लिए ड्राइंग तैयार करने और टेंडर प्रक्रिया का काम मानसून के दौरान पूरा किया जाएगा तथा मानसून के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड से इन कार्यों को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। - अनुराग गोयल, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर डिवीजन, सिंचाई विभाग, भिवानी
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मानसून के बाद पुराने पुलों को ध्वस्त कर नए पुलों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। इससे तोशाम क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क बेहतर होगा और जर्जर पुलों के कारण हादसों का खतरा भी खत्म होगा। सिंचाई विभाग ने वर्ष 1976-77 में नहरी नेटवर्क को मजबूत करने और आसपास के गांवों के बीच सड़क संपर्क बनाए रखने के लिए इन नहरी पुलों का निर्माण कराया था।
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करीब पांच दशक पुराने हो चुके ये पुल अब अपनी आयु पूरी कर चुके हैं। विभाग समय-समय पर इनका मरम्मत एवं नवीनीकरण कराता रहा लेकिन अब इन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर आधुनिक डिजाइन के नए पुल बनाए जाएंगे। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के प्रयासों से इन कार्यों को पहले ही स्टेट हेड से मंजूरी मिल चुकी थी जिसके बाद अब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
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इन पुलों के बनने से तोशाम, सागवान, दांग कलां, दांग खुर्द, रिवासा, जूई, खरकड़ी माखवान, खरकड़ी सोहान, दुल्हेड़ी, लक्ष्मणपुरा, खरकड़ी आलमपुर तथा बहल क्षेत्र के गांवों का सड़क संपर्क पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
भारी वाहनों से कांपते थे पुल, दीवारें भी हो चुकी थीं क्षतिग्रस्त
निंगाना कैनाल पर बने जर्जर पुलों से जब भी भारी वाहन गुजरते थे तो उनमें तेज कंपन महसूस होता था। कई पुलों की साइड की दीवारें या तो पूरी तरह गायब हो चुकी थीं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं। रात के समय इन पुलों से गुजरना भी जोखिम भरा था। इसी स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग ने पुराने पुलों के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया। इसके तहत निंगाना कैनाल पर 12 और निंगाना फीडर पर एक जर्जर पुल को नए सिरे से बनाया जाएगा।
20 से 33 फीट चौड़े होंगे नए पुल
प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद सिंचाई विभाग नए पुलों की ड्राइंग तैयार करने की प्रक्रिया में जुट गया है। सड़क की चौड़ाई के अनुसार पुलों की चौड़ाई 20 से 33 फीट तक रखी जाएगी। कई पुलों पर बीच में डिवाइडर भी बनाए जाएंगे ताकि दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही सुरक्षित रहे। आधुनिक तकनीक से बनने वाले ये पुल मौजूदा पुलों की तुलना में अधिक मजबूत और सुरक्षित होंगे।
तोशाम क्षेत्र के करीब 12 गांवों से होकर गुजरने वाली निंगाना कैनाल और निंगाना फीडर पर 13 नहरी पुल तैयार किए जाएंगे। जिसके लिए स्टेट हेड के बजट से 12 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इन पुलों के निर्माण कार्य के लिए ड्राइंग तैयार करने और टेंडर प्रक्रिया का काम मानसून के दौरान पूरा किया जाएगा तथा मानसून के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। हरियाणा राज्य सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड से इन कार्यों को पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। - अनुराग गोयल, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर डिवीजन, सिंचाई विभाग, भिवानी