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Bhiwani News: मुख्यालय सहित ग्रामीण मंडियों में फूटा किसानों का गुस्सा, दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 21 Apr 2026 01:47 AM IST
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मंडियों पर लगाई अनावश्यक शर्तों के विरोध में प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा संगठन के सदस्य।
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भिवानी। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण मंडियों में सोमवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। वहीं किसान संगठनों ने मंडियों में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने सोमवार को भिवानी मंडी कार्यालय के बाहर धरना दिया। विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अधिकारियों का घेराव किया।
किसानों ने मंडी खरीद में बायोमेट्रिक जैसी शर्तों, बीमा भुगतान में कथित गड़बड़ी और फसल नुकसान के मुआवजे को लेकर सरकार को चेतावनी दी। अखिल भारतीय किसान सभा की भिवानी तहसील प्रधान संतोष देशवाल, भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष राकेश आर्य व किसान खेत-मजदूर यूनियन के पदाधिकारी धर्मबीर ने किसानों को संबोधित किया।
मुख्य वक्ता के तौर पर किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, किसान सभा के पूर्व राज्य प्रधान मा. शेर सिंह व किसान सभा के तहसील उपप्रधान राजकुमार दलाल पहुंचे तथा संचालन किसान सभा के तहसील सचिव करतार ग्रेवाल ने किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसानों को पोर्टलों और नई-नई शर्तों में उलझाकर खरीद प्रक्रिया को धीमा कर रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि बेमौसमी बारिश के कारण मंडियों में पड़ी गेहूं और सरसों की फसल भीग रही है लेकिन प्रशासन की ओर से न तो उचित उठान हो रहा है और न ही फसल को बचाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसानों ने 350 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम में फ्रॉड का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और जल्द भुगतान की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि 27 अप्रैल को हिसार में राज्यस्तरीय किसान कन्वेंशन आयोजित करने का ऐलान किया है जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
फसल खरीद पर बनाए गए नियमों को लेकर किसान मोर्चा ने ज्ञापन सौंपा
बवानीखेड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को अनाज मंडी बवानीखेड़ा में मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन सौंपा। हरियाणा सरकार ने फसल खरीद के नियम बनाए हैं, किसान उनके खिलाफ हैं और ये वापस लेने चाहिए। वहीं किसान मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसान नेताओं ने कहा कि अनेक बार सरकार द्वारा बनाए गए फसल बेचने के नियम जिसके लिए सरकार ने ऑनलाइन व्यवस्था की गई है वह ठप हो जाती है। वहीं किसान घंटों तक इंतजार करते रहते हैं। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजेश कुंगड़, सतबीर नेहरा, राजेंद्र ध्याल, अनूप शर्मा, मास्टर हनुमान रोहिल्ला, हरफूल सिंह, जगदीश, रमेश चंद्र, मास्टर राजबीर सर्व कर्मचारी संघ उपस्थित थे।
कानूनों की आड़ में मंडियों को बिहार की तरह हरियाणा में समाप्त करना चाहती है सरकार : जगरोशन
तोशाम। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मंडियों पर लगाई अनावश्यक शर्तों के विरोध में मार्केट कमेटी कार्यालय तोशाम पर तीन घंटे तक धरना दिया। धरने की अध्यक्षता करण सिंह जैनावास, रोहतास सैनी व दयानंद फौजी ने संयुक्त रूप से की तथा संचालन नरेंद्र सिंह डाडम व धर्मवीर सिंह कानूनगो ने किया। मास्टर जगरोशन ने कहा कि सरकार मंडी कानूनों की आड़ में मंडियों को बिहार की तरह हरियाणा में समाप्त करना चाहती है। किसान वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर व बायोमेट्रिक मशीन की शर्त को गेट पर लगाकर किसानों को परेशान कर रही है। मंडी में बारदाना, उठान व किसानों के भुगतान की समस्या बनी हुई है तथा खुला में अनाज पड़ा है इसकी उठान जल्द होनी चाहिए। रोहताश सैनी ने बताया कि सितंबर अक्तूबर 2025 में आई बाढ़ से भिवानी जिला के 36 गांव में खरीफ फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो गई थी परंतु इसका मुआवजा अभी तक जारी नहीं किया गया है। धरने को जगबीर डाडम, महेंद्र सिंह कटारिया, ईश्वर, राजवीर, मांगेराम भगत, रणधीर सागवान ने भी संबोधित किया। इस मौके पर महावीर , रामकुमार, महेंद्र, दिलबाग, सुरेन्द्र, अमीर, जयसिंह, सतबीर, श्रीचंद, जगदीश, बीरभान, ओमबीर मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता के तौर पर किसान सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, किसान सभा के पूर्व राज्य प्रधान मा. शेर सिंह व किसान सभा के तहसील उपप्रधान राजकुमार दलाल पहुंचे तथा संचालन किसान सभा के तहसील सचिव करतार ग्रेवाल ने किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसानों को पोर्टलों और नई-नई शर्तों में उलझाकर खरीद प्रक्रिया को धीमा कर रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि बेमौसमी बारिश के कारण मंडियों में पड़ी गेहूं और सरसों की फसल भीग रही है लेकिन प्रशासन की ओर से न तो उचित उठान हो रहा है और न ही फसल को बचाने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसानों ने 350 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम में फ्रॉड का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और जल्द भुगतान की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि 27 अप्रैल को हिसार में राज्यस्तरीय किसान कन्वेंशन आयोजित करने का ऐलान किया है जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
फसल खरीद पर बनाए गए नियमों को लेकर किसान मोर्चा ने ज्ञापन सौंपा
बवानीखेड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को अनाज मंडी बवानीखेड़ा में मार्केट कमेटी सचिव को ज्ञापन सौंपा। हरियाणा सरकार ने फसल खरीद के नियम बनाए हैं, किसान उनके खिलाफ हैं और ये वापस लेने चाहिए। वहीं किसान मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। किसान नेताओं ने कहा कि अनेक बार सरकार द्वारा बनाए गए फसल बेचने के नियम जिसके लिए सरकार ने ऑनलाइन व्यवस्था की गई है वह ठप हो जाती है। वहीं किसान घंटों तक इंतजार करते रहते हैं। इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजेश कुंगड़, सतबीर नेहरा, राजेंद्र ध्याल, अनूप शर्मा, मास्टर हनुमान रोहिल्ला, हरफूल सिंह, जगदीश, रमेश चंद्र, मास्टर राजबीर सर्व कर्मचारी संघ उपस्थित थे।
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तोशाम। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मंडियों पर लगाई अनावश्यक शर्तों के विरोध में मार्केट कमेटी कार्यालय तोशाम पर तीन घंटे तक धरना दिया। धरने की अध्यक्षता करण सिंह जैनावास, रोहतास सैनी व दयानंद फौजी ने संयुक्त रूप से की तथा संचालन नरेंद्र सिंह डाडम व धर्मवीर सिंह कानूनगो ने किया। मास्टर जगरोशन ने कहा कि सरकार मंडी कानूनों की आड़ में मंडियों को बिहार की तरह हरियाणा में समाप्त करना चाहती है। किसान वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर व बायोमेट्रिक मशीन की शर्त को गेट पर लगाकर किसानों को परेशान कर रही है। मंडी में बारदाना, उठान व किसानों के भुगतान की समस्या बनी हुई है तथा खुला में अनाज पड़ा है इसकी उठान जल्द होनी चाहिए। रोहताश सैनी ने बताया कि सितंबर अक्तूबर 2025 में आई बाढ़ से भिवानी जिला के 36 गांव में खरीफ फसल पूर्ण रूप से बर्बाद हो गई थी परंतु इसका मुआवजा अभी तक जारी नहीं किया गया है। धरने को जगबीर डाडम, महेंद्र सिंह कटारिया, ईश्वर, राजवीर, मांगेराम भगत, रणधीर सागवान ने भी संबोधित किया। इस मौके पर महावीर , रामकुमार, महेंद्र, दिलबाग, सुरेन्द्र, अमीर, जयसिंह, सतबीर, श्रीचंद, जगदीश, बीरभान, ओमबीर मौजूद रहे।

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