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Bhiwani News: अब सरकारी स्कूलों के प्राचार्य करा सकेंगे पांच लाख रुपये तक के काम

संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Tue, 21 Apr 2026 01:51 AM IST
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Now, principals of government schools will be able to get work done up to Rs 5 lakh.
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भिवानी। अब राजकीय विद्यालयों में प्राचार्य और मुख्याध्यापकों को मरम्मत कार्यों की मंजूरी के लिए निदेशालय की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे खुद ही अपने स्कूलों में मरम्मत कार्य करवा सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने स्कूल मुखियाओं को चाइल्ड वेलफेयर फंड से पांच लाख रुपये के मरम्मत कार्य करवाने को मंजूरी दी है।
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पिछले दिनों शिक्षा अधिकारियों के सरकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, बाउंड्री वाल और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में खामियां पाई गई थीं।
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कई स्कूलों में नल, शौचालय और शौचालय की फिटिंग भी जर्जरहाल में पाई गई थी। कई स्कूलों में तो नल से टोंटी तक गायब थी। इसके अलावा कई शौचालय में पानी की फिटिंग भी गायब मिली।
इसके अलावा कुछ विद्यालयों में तो चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त मिली। इस वजह से बाहरी लोग विद्यालय परिसर में ही गंदगी डाल रहे हैं। इन सबके बीच विद्यालय मुखिया को कार्य कराने के लिए मुख्यालय से बजट का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन अब ये काम आसान हो गया है।
मरम्मत कार्यों के लिए फंड का इस्तेमाल करने की छूट मिली

सरकारी स्कूलों में मरम्मत कार्य के लिए चाइल्ड वेलफेयर फंड का प्रयोग करने की छूट दी गई है। एक लाख रुपये तक के कार्य के लिए स्थानीय खरीद समिति की सिफारिश मान्य होगी। विभाग की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि स्कूल मुखिया अपने-अपने विद्यालयों की आवश्यकताओं का आकलन कर कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।


सरकारी स्कूलों में प्राचार्य व मुख्याध्यापक द्वारा अपने स्तर पर पांच लाख रुपये तक के काम कराने का फैसला सराहनीय कदम है। इससे विद्यालय में बच्चों की सुविधा अनुसार तत्परता से कराए जाने वाले काम अनावश्यक औपचारिकता की वजह से नहीं रुक पाएंगे। जरूरी कार्याें को प्राथमिकता के आधार पर कराना संभव होगा। इसमें स्कूल मुखिया व मुख्याध्यापक यह खास तौर पर ध्यान रखें कि मुख्यालय की हिदायतों को पूरा करना अति आवश्यक रहेगा।

-डॉ निर्मल दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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