Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Bhiwani News
›
Gujarat Governor Acharya Devvrat taught natural farming and values to teachers across the state.
{"_id":"69e75a8a3108eeaffd0286e4","slug":"video-gujarat-governor-acharya-devvrat-taught-natural-farming-and-values-to-teachers-across-the-state-2026-04-21","type":"video","status":"publish","title_hn":"भिवानी: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रदेशभर के शिक्षकों को पढ़ाया प्राकृतिक खेती और संस्कारों का पाठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भिवानी: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रदेशभर के शिक्षकों को पढ़ाया प्राकृतिक खेती और संस्कारों का पाठ
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को हरियाणा शिक्षा बोर्ड भिवानी में संस्कारयुक्त शिक्षा व प्राकृतिक खेती पर आयोजित कार्यशाला में प्रदेशभर के शिक्षकों को प्राकृतिक खेती व संस्कारों का पाठ पढ़ाया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित प्रदेश सरकार व हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हरियाणा में नई शिक्षा नीति लागू करने के साथ-साथ संस्कारयुक्त शिक्षा और प्राकृतिक खेती पर जोर दिया जा रहा है, जो कि आने वाली पीढि़यों को बचाने के लिए जरूरी है। संस्कारयुक्त शिक्षा ही देश व समाज की नींव है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को भी प्राकृतिक खेती के बारे जागरूक करें। उन्होंने कहा कि डीएपी और रसायनयुक्त खेती से खानपान जहरीला हो गया है, जिससे इंसान जानलेवा बीमारियों की चपेट में आ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर ही हम अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई शिक्षा नीति लागू कर शिक्षा को फिर से संस्कारयुक्त बनाया गया है। राज्यपाल ने कहा कि देश में प्राकृतिक खेती का बहुत तेज गति से विस्तार हो रहा है। आज देश में करीब 40 लाख किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं, जिसका आधार देशी गाय है। गुजरात में आठ लाख और हिमाचल में दो लाख किसान प्राकृतिक खेती करने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि करीब 30-40 साल पहले कैंसर, ह्रदयघात, किडनी, लीवर या डायबिटीज से संबंधित बीमारी सुनने को नहीं मिलती थी, लेकिन आज अस्पतालों में इन बीमारियों के मरीजों की भरमार है और इन बीमारियों का कोई ठोस उपचार नहीं मिल रहा है। छोटे-छोटे बच्चे कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। यहां तक कि पशुओं को भी कैंसर हो रहा है। उन्होंने कहा कि बीमारियों से बचने के लिए हमने सबसे पहले धरती को जहरीली होने से बचाना होगा। आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाएं। वहीं खाएं जो हमारा भोजन है, वहीं पीएं जो प्रकृति ने पीने के लिए दिया है। इस मौके पर भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ, दादरी से विधायक सुनील सतपाल सांगवान, बाढड़ा से विधायक उमेद पातुवास, बवानीखेड़ा से विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि, चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर प्रो. दीप्ति धर्माणी, बोर्ड चेयरमैन डॉक्टर पवन कुमार मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।