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Bhiwani News: गांव संडवा के चार सगे भाई बहन बने पुलिस कांस्टेबल
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:31 AM IST
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गांव संडवा के चार भाई-बहन बने पुलिस कांस्टेबल ।
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तोशाम। जिले के तोशाम क्षेत्र के गांव संडवा में चार सगे भाई-बहनों ने कामयाबी की कहानी लिख डाली। किसान परिवार के ये चारों भाई-बहन पुलिस में कांस्टेबल हैं। ये चारों कामयाबी पाकर अब दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बने हैं।
गांव संडवा के चार भाई-बहन आज कामयाबी की ऐसी बुलंदी पर पहुंच गए हैं जिसने पूरे गांव को गर्व से भर दिया है। बुलंद हौसलों और कड़ी मेहनत के दम पर इन चारों ने खाकी वर्दी हासिल कर एक अनोखी मिसाल पेश की है। हाल ही में जब चारों भाई-बहन पहली बार एक साथ खाकी वर्दी में नजर आए तो यह पल परिवार के लिए यादगार बन गया। गांव संडवा निवासी किसान अत्तर सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसके पांच बच्चे हैं। तीन बेटी और दो बेटे हैं। उसका एक बेटा श्यामसुंदर राजस्थान के सीकर में प्रिंस स्कूल में बच्चों को पढ़ाता है। जबकि उसकी बेटी सुदेश चंडीगढ़ पुलिस में लगी है। वहीं बेटी उर्मिला रेलवे पुलिस अंबाला में तैनात है। उसकी बेटी मोनिका दिल्ली पुलिस में लगी हुई है। सबसे छोटा बेटा अंकित हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल है।
अत्तर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी और वह बहुत कम पढ़े-लिखे हैं लेकिन हमने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी है जिसके बल पर वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। अत्तर सिंह के बेटे श्याम सुंदर ने बताया कि सभी भाई-बहनों की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही स्कूल से शुरू हुई थी। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। नियमित मेहनत और सही रणनीति की वजह से उन्हें शुरुआती प्रयासों में ही सफलता मिलती चली गई।
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गांव संडवा के चार भाई-बहन आज कामयाबी की ऐसी बुलंदी पर पहुंच गए हैं जिसने पूरे गांव को गर्व से भर दिया है। बुलंद हौसलों और कड़ी मेहनत के दम पर इन चारों ने खाकी वर्दी हासिल कर एक अनोखी मिसाल पेश की है। हाल ही में जब चारों भाई-बहन पहली बार एक साथ खाकी वर्दी में नजर आए तो यह पल परिवार के लिए यादगार बन गया। गांव संडवा निवासी किसान अत्तर सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करता है। उसके पांच बच्चे हैं। तीन बेटी और दो बेटे हैं। उसका एक बेटा श्यामसुंदर राजस्थान के सीकर में प्रिंस स्कूल में बच्चों को पढ़ाता है। जबकि उसकी बेटी सुदेश चंडीगढ़ पुलिस में लगी है। वहीं बेटी उर्मिला रेलवे पुलिस अंबाला में तैनात है। उसकी बेटी मोनिका दिल्ली पुलिस में लगी हुई है। सबसे छोटा बेटा अंकित हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल है।
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अत्तर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी और वह बहुत कम पढ़े-लिखे हैं लेकिन हमने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी है जिसके बल पर वे इस मुकाम तक पहुंचे हैं। अत्तर सिंह के बेटे श्याम सुंदर ने बताया कि सभी भाई-बहनों की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही स्कूल से शुरू हुई थी। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। नियमित मेहनत और सही रणनीति की वजह से उन्हें शुरुआती प्रयासों में ही सफलता मिलती चली गई।