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Bhiwani News: कला प्रदर्शनी के अंतिम दिन रंगोली व बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
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बीएड महाविद्यालय में आयोजित कला प्रदर्शनी में बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट की गतिविधियों में ह
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भिवानी। तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला के तहत आयोजित राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के अंतिम दिन छात्राओं ने रंगोली व बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट गतिविधियों में अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई। पंडित सीताराम शास्त्री बीएड ट्रेनिंग महाविद्यालय में छह से आठ अप्रैल तक आयोजित इस प्रदर्शनी का समापन बुधवार को हुआ।
कार्यक्रम के अंतिम दिन छात्राओं ने रंगोली व बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया और समापन अवसर पर अपने अनुभव भी साझा किए। रंगोली और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट कार्यशाला का आयोजन कला जीवन समिति, कला एवं संस्कृति विभाग सीबीलयू और पंडित सीताराम शास्त्री बीएड ट्रेनिंग कॉलेज के सहयोग से किया गया।
समापन कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रमाणपत्र वितरित किए तथा बाहर से आए कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने संस्कृति के संरक्षण और युवाओं में रचनात्मकता को बढ़ावा देने में कला के महत्व पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने रंगोली, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट सहित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रदर्शनी में विविध विषयों और कलात्मक अभिव्यक्तियों से जुड़ी कलाकृतियों की विस्तृत शृंखला प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. स्नेहलता व रविंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. विकास शर्मा, आयोजक सचिव डॉ. रेखा, डॉ. मधु और रुचि सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रतिभागी बोलीं- प्रतिभा के प्रदर्शन का बेहतर मंच रही प्रदर्शनी
मैंने तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी में कला से संबंधित विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसमें मैंने सीखा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कला का योगदान है। साथ ही कला के क्षेत्र में हम बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। -प्रियंका, कलानौर।
मेरी कला के क्षेत्र में काफी रुचि है इसलिए मैं इस वर्कशॉप में हिस्सा लेने के लिए आई थी। तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी में मुझे काफी सीखने को मिला। कोई भी क्षेत्र कला से अछूता नहीं है इसलिए मैं कला के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हूं। -आरती, बापोड़ा।
मुझे भविष्य में एक अच्छा कलाकार बनना है इसलिए मैंने इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में मैंने रंगोली, पेंटिंग सहित अनेक गतिविधियों में भाग लिया। यहां मुझे कई नई चीजें सीखने को मिलीं।- पायल, भिवानी।
तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का बेहतर मंच रही, जिसमें मैंने कला से जुड़ी नई-नई बातें सीखीं। कला का क्षेत्र काफी विस्तृत है और मेरी हमेशा से इसमें रुचि रही है। -आरती, दिनोद।
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कार्यक्रम के अंतिम दिन छात्राओं ने रंगोली व बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया और समापन अवसर पर अपने अनुभव भी साझा किए। रंगोली और बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट कार्यशाला का आयोजन कला जीवन समिति, कला एवं संस्कृति विभाग सीबीलयू और पंडित सीताराम शास्त्री बीएड ट्रेनिंग कॉलेज के सहयोग से किया गया।
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समापन कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों और विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए प्रमाणपत्र वितरित किए तथा बाहर से आए कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने संस्कृति के संरक्षण और युवाओं में रचनात्मकता को बढ़ावा देने में कला के महत्व पर बल दिया।
कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने रंगोली, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट सहित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रदर्शनी में विविध विषयों और कलात्मक अभिव्यक्तियों से जुड़ी कलाकृतियों की विस्तृत शृंखला प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. स्नेहलता व रविंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. विकास शर्मा, आयोजक सचिव डॉ. रेखा, डॉ. मधु और रुचि सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रतिभागी बोलीं- प्रतिभा के प्रदर्शन का बेहतर मंच रही प्रदर्शनी
मैंने तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी में कला से संबंधित विभिन्न प्रकार की गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसमें मैंने सीखा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कला का योगदान है। साथ ही कला के क्षेत्र में हम बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। -प्रियंका, कलानौर।
मेरी कला के क्षेत्र में काफी रुचि है इसलिए मैं इस वर्कशॉप में हिस्सा लेने के लिए आई थी। तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी में मुझे काफी सीखने को मिला। कोई भी क्षेत्र कला से अछूता नहीं है इसलिए मैं कला के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हूं। -आरती, बापोड़ा।
मुझे भविष्य में एक अच्छा कलाकार बनना है इसलिए मैंने इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में मैंने रंगोली, पेंटिंग सहित अनेक गतिविधियों में भाग लिया। यहां मुझे कई नई चीजें सीखने को मिलीं।- पायल, भिवानी।
तीन दिवसीय कला प्रदर्शनी अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का बेहतर मंच रही, जिसमें मैंने कला से जुड़ी नई-नई बातें सीखीं। कला का क्षेत्र काफी विस्तृत है और मेरी हमेशा से इसमें रुचि रही है। -आरती, दिनोद।