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Bhiwani News: कार्रवाई के बाद भी बसी अवैध कॉलोनी
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तोशाम रोड जूई नहर के पास अनधिकृत कॉलोनी में किया जा रहा निर्माण।
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भिवानी। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग की कार्रवाई के बावजूद शहर में अनधिकृत कॉलोनियों में अवैध निर्माण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तोशाम रोड स्थित जागृति कॉलोनी मोड़ के पास जिस अनधिकृत कॉलोनी में पहले दो बार तोड़फोड़ की कार्रवाई की जा चुकी है और भूमि मालिकों पर एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है वहां अब फिर से धड़ल्ले से निर्माण कार्य शुरू हो गया है। कई मकानों की छत तक डाली जा चुकी है जबकि कुछ में अंतिम निर्माण कार्य चल रहा है।
तोशाम रोड जूई नहर जागृति कॉलोनी मोड़ टीआईटी ग्राउंड के पास करीब 4.2 एकड़ भूमि में विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी पर जिला नगर योजनाकार विभाग ने पिछले वर्ष तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। हाल ही में विभाग ने दोबारा भी कार्रवाई की इसके बावजूद कॉलोनी विकसित करने का सिलसिला नहीं रुका। इसके बाद तत्कालीन डीटीपी नरेंद्र नैन ने विधायक के परिवार के सदस्यों पर एफआईआर तक दर्ज करवाई थी।
हालांकि एफआईआर के बाद डीटीपी का तबादला कर दिया गया। करीब 20 दिनों तक जिले में नियमित डीटीपी नहीं होने का फायदा भूमाफिया को मिला। इस दौरान कॉलोनी में दिन-रात निर्माण कार्य चलता रहा। प्लाॅटों की चहारदीवारी के साथ-साथ तीन से चार मकानों का निर्माण भी कर दिया गया। अब जींद के डीटीपी मनीष दहिया को भिवानी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं अनधिकृत कॉलोनी विकसित किए जाने के मामले में जिला प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
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प्लाॅटों की तोड़ी गई डीपीसी के बाद चहारदीवारी भी हुई, अधिकारियों ने मूंदी आंख
तोशाम रोड जागृति कॉलोनी मोड़ टीआईटी ग्राउंड के पास शहर से सटी इस वीआईपी कॉलोनी में डीटीपी विभाग ने कुछ समय पहले प्लाॅटों की डीपीसी तोड़ी थी लेकिन अब उन डीपीसी को दोबारा भरकर चहारदीवारी भी कर दी गई है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय आंख मूंदे बैठे हैं। यह मामला समाधान शिविर में भी उठ चुका है। वहीं विधायक के परिवार पर दर्ज एफआईआर की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंची थी। इसके बावजूद अवैध निर्माण कार्य लगातार जारी है और अधिकारी इसे रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
रजिस्ट्री न पीआईडी फिर भी धड़ल्ले से खड़ी कर डाली अवैध भवन की बुनियाद
अनधिकृत कॉलोनी में किसी भी प्लाॅट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। केवल एग्रीमेंट के आधार पर महंगे दामों में प्लाॅट बेचकर लोगों को सुविधाओं के सपने दिखाए जा रहे हैं। कई लोगों ने जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर यहां मकान तक बना लिए हैं जिन्हें अब तोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से अवैध कॉलोनाइजरों के झांसे में नहीं आने की एडवाइजरी भी जारी की गई थी इसके बावजूद लोग इन कॉलोनाइजरों के झांसे में आ रहे हैं।
मेरे पास भिवानी जिले का अतिरिक्त कार्यभार अभी आया है। मुझे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से पता चला है कि कुछ अनधिकृत कॉलोनियों में अवैध निर्माण फिर से शुरू हो गया है। जिसको लेकर उपायुक्त से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाने की सिफारिश की गई है। प्रशासन की अगुवाई में कमेटी गठित होने के बाद तत्काल प्रभाव से चिह्नित की गई अवैध कॉलोनियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। -मनीष दहिया, जिला नगर योजनाकार, भिवानी।
तोशाम रोड जूई नहर जागृति कॉलोनी मोड़ टीआईटी ग्राउंड के पास करीब 4.2 एकड़ भूमि में विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी पर जिला नगर योजनाकार विभाग ने पिछले वर्ष तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। हाल ही में विभाग ने दोबारा भी कार्रवाई की इसके बावजूद कॉलोनी विकसित करने का सिलसिला नहीं रुका। इसके बाद तत्कालीन डीटीपी नरेंद्र नैन ने विधायक के परिवार के सदस्यों पर एफआईआर तक दर्ज करवाई थी।
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हालांकि एफआईआर के बाद डीटीपी का तबादला कर दिया गया। करीब 20 दिनों तक जिले में नियमित डीटीपी नहीं होने का फायदा भूमाफिया को मिला। इस दौरान कॉलोनी में दिन-रात निर्माण कार्य चलता रहा। प्लाॅटों की चहारदीवारी के साथ-साथ तीन से चार मकानों का निर्माण भी कर दिया गया। अब जींद के डीटीपी मनीष दहिया को भिवानी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं अनधिकृत कॉलोनी विकसित किए जाने के मामले में जिला प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
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अनधिकृत कॉलोनी में किसी भी प्लाॅट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। केवल एग्रीमेंट के आधार पर महंगे दामों में प्लाॅट बेचकर लोगों को सुविधाओं के सपने दिखाए जा रहे हैं। कई लोगों ने जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर यहां मकान तक बना लिए हैं जिन्हें अब तोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से अवैध कॉलोनाइजरों के झांसे में नहीं आने की एडवाइजरी भी जारी की गई थी इसके बावजूद लोग इन कॉलोनाइजरों के झांसे में आ रहे हैं।
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