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देश में दिखावा हो रहा, युवाओं के भविष्य से हो रहा खिलवाड़ : कुमारी सैलजा
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बवानीखेड़ा में धरने पर बैठे लोगों से बातचीत करतीं कुमारी सैलजा ।
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बवानीखेड़ा (भिवानी)। हरियाणा प्रदेश की वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि देश में दिखावा किया जा रहा है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा के जिम्मेदार नेता हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और जिम्मेदारी लेने के बजाय निचले स्तर के कुछ लोगों पर कार्रवाई कर पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं उन्होंने हरियाणा में एचपीएससी की नौकरियों में चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। वे सोमवार को भिवानी पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के युवाओं और शिक्षण संस्थानों को हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े कुछ लोग निकम्मा और नालायक बताकर प्रदेश से बाहर के लोगों को नौकरी देने का काम कर रहे हैं। इस दौरान कुमारी सैलजा ने देश में बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को कम खर्च करने की सलाह दी जा रही है जबकि भाजपा से जुड़े नेता और मंत्री वैकल्पिक वाहनों का प्रयोग कर केवल दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह का दिखावा पहले स्वच्छता अभियान के दौरान भी किया गया था जबकि आमजन को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कच्चे तेल की खरीद का निर्णय अमेरिका से पूछकर नहीं किया जाना चाहिए। देश का नियंत्रण सरकार के हाथ में होना चाहिए। भारत को कहां से और कितना पेट्रोल खरीदना है इसका निर्णय देश का अपना होना चाहिए तभी देश सुदृढ़ हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के आगे झुककर तेल खरीद के फैसले ले रहा है जिससे देश में संकट जैसी स्थिति बन रही है।
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कुमारी सैलजा सोमवार को भिवानी के हालुवास बाईपास स्थित शारदा देवी फिलिंग स्टेशन के उद्घाटन समारोह में पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने फिलिंग स्टेशन संचालक सुरेंद्र परमार को बधाई दी। इसके बाद वे बवानीखेड़ा में पीड़ित परिवारों द्वारा जारी धरना स्थल पर भी पहुंचीं और सरकार व प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ने का काम किया है जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी और इसका जवाब सरकार को देना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता तब तक कांग्रेस का हर कार्यकर्ता उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगा। इस मौके पर उनके साथ सुरेंद्र परमार, दीपेश सारसर, प्रवीण चेयरमैन, रणधीर घिकाडा, सुशील धानक जिला अध्यक्ष चरखी दादरी, कमल प्रधान, अभिजीत लाल सिंह, नागेंद्र परमार, नितिन परमार, लीला समसपुर, अनिल धनखड़, प्रदीप गुलिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
गरीबों को उजाड़ना कौन सा विकास है : कुमारी सैलजा
बवानीखेड़ा। सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि बवानीखेड़ा नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि खेड़ी अलखपुरा मार्ग पर विकास कार्य प्रस्तावित है लेकिन यह हैरानी की बात है कि गरीब लोगों को उजाड़ना या उनके आशियाने छीनकर कोई कार्य करवाना कौन सा विकास है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में विकास कार्य की जरूरत थी तो पहले गरीबों के पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी और उन्हें किसी अन्य स्थान पर बसाकर उनकी संतुष्टि के बाद ही कार्रवाई की जाती।
वे सोमवार को बवानीखेड़ा में उन लोगों से बातचीत करने के बाद संबोधित कर रही थीं जिनके मकान तोड़े गए हैं। सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार में न तो संवेदनशीलता है और न ही समझ। सरकार के इशारे पर गरीबों को बेघर कर दिया गया लेकिन उनके पुनर्वास को लेकर किसी भी स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि यदि पुनर्वास की आवश्यकता थी तो पहले नोटिस देकर लोगों को दूसरी जगह बसाया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है और गरीबों के दर्द को नजरअंदाज किया गया है।
बवानीखेड़ा के जनप्रतिनिधि द्वारा विपक्ष पर मामले को जानबूझकर तूल देने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि सवाल यह है कि सत्तारूढ़ पार्टी की सरकार ने गरीबों को उजाड़ा ही क्यों और उन्हें पुनर्वास क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष जिम्मेदारी से भाग रहा है जबकि विपक्ष पीड़ितों के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सदन में आवाज उठाई जाएगी ताकि सरकार तक उनकी बात पहुंच सके और उसकी आंख व कान खुल सकें। उन्होंने कहा कि गरीबों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। इस दौरान अधिवक्ता दीपेश सारसर, अधिवक्ता राजेश सिंधू और कामरेड राजेश कुंगड़ ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि समय रहते जनप्रतिनिधि और नगर पालिका अधिकारी इस मामले को संभाल लेते तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के युवाओं और शिक्षण संस्थानों को हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन से जुड़े कुछ लोग निकम्मा और नालायक बताकर प्रदेश से बाहर के लोगों को नौकरी देने का काम कर रहे हैं। इस दौरान कुमारी सैलजा ने देश में बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को कम खर्च करने की सलाह दी जा रही है जबकि भाजपा से जुड़े नेता और मंत्री वैकल्पिक वाहनों का प्रयोग कर केवल दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह का दिखावा पहले स्वच्छता अभियान के दौरान भी किया गया था जबकि आमजन को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कच्चे तेल की खरीद का निर्णय अमेरिका से पूछकर नहीं किया जाना चाहिए। देश का नियंत्रण सरकार के हाथ में होना चाहिए। भारत को कहां से और कितना पेट्रोल खरीदना है इसका निर्णय देश का अपना होना चाहिए तभी देश सुदृढ़ हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के आगे झुककर तेल खरीद के फैसले ले रहा है जिससे देश में संकट जैसी स्थिति बन रही है।
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कुमारी सैलजा सोमवार को भिवानी के हालुवास बाईपास स्थित शारदा देवी फिलिंग स्टेशन के उद्घाटन समारोह में पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने फिलिंग स्टेशन संचालक सुरेंद्र परमार को बधाई दी। इसके बाद वे बवानीखेड़ा में पीड़ित परिवारों द्वारा जारी धरना स्थल पर भी पहुंचीं और सरकार व प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर प्रशासन ने गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ने का काम किया है जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी और इसका जवाब सरकार को देना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता तब तक कांग्रेस का हर कार्यकर्ता उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगा। इस मौके पर उनके साथ सुरेंद्र परमार, दीपेश सारसर, प्रवीण चेयरमैन, रणधीर घिकाडा, सुशील धानक जिला अध्यक्ष चरखी दादरी, कमल प्रधान, अभिजीत लाल सिंह, नागेंद्र परमार, नितिन परमार, लीला समसपुर, अनिल धनखड़, प्रदीप गुलिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
गरीबों को उजाड़ना कौन सा विकास है : कुमारी सैलजा
बवानीखेड़ा। सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि बवानीखेड़ा नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि खेड़ी अलखपुरा मार्ग पर विकास कार्य प्रस्तावित है लेकिन यह हैरानी की बात है कि गरीब लोगों को उजाड़ना या उनके आशियाने छीनकर कोई कार्य करवाना कौन सा विकास है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में विकास कार्य की जरूरत थी तो पहले गरीबों के पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए थी और उन्हें किसी अन्य स्थान पर बसाकर उनकी संतुष्टि के बाद ही कार्रवाई की जाती।
वे सोमवार को बवानीखेड़ा में उन लोगों से बातचीत करने के बाद संबोधित कर रही थीं जिनके मकान तोड़े गए हैं। सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार में न तो संवेदनशीलता है और न ही समझ। सरकार के इशारे पर गरीबों को बेघर कर दिया गया लेकिन उनके पुनर्वास को लेकर किसी भी स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि यदि पुनर्वास की आवश्यकता थी तो पहले नोटिस देकर लोगों को दूसरी जगह बसाया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ सरकार ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया है और गरीबों के दर्द को नजरअंदाज किया गया है।
बवानीखेड़ा के जनप्रतिनिधि द्वारा विपक्ष पर मामले को जानबूझकर तूल देने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि सवाल यह है कि सत्तारूढ़ पार्टी की सरकार ने गरीबों को उजाड़ा ही क्यों और उन्हें पुनर्वास क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष जिम्मेदारी से भाग रहा है जबकि विपक्ष पीड़ितों के साथ खड़ा है।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सदन में आवाज उठाई जाएगी ताकि सरकार तक उनकी बात पहुंच सके और उसकी आंख व कान खुल सकें। उन्होंने कहा कि गरीबों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। इस दौरान अधिवक्ता दीपेश सारसर, अधिवक्ता राजेश सिंधू और कामरेड राजेश कुंगड़ ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि समय रहते जनप्रतिनिधि और नगर पालिका अधिकारी इस मामले को संभाल लेते तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।