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Bhiwani News: पुलिस हिरासत में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में एनएचआरसी ने लिया संज्ञान

संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 30 Jan 2026 01:54 AM IST
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NHRC takes cognizance of human rights violations in police custody
राष्ट्रीय मानवा​धिकार आयोग की ओर से जारी किया गया नोटिस। 
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भिवानी। हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य सुशील वर्मा की ओर से पुलिस हिरासत में यातना की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। एनएचआरसी सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रथम दृष्टया मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए संरक्षण मानवाधिकार अधिनियम 1993 की धारा 12 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। आयोग ने पुलिस अधीक्षक भिवानी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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शिकायत में आरोप है कि कुछ गिरफ्तार व्यक्तियों को जमीन पर बैठाकर कान पकड़ने के लिए मजबूर किया गया, उनकी तस्वीरें खींचकर सार्वजनिक की गईं तथा कम से कम एक मामले में शारीरिक चोट के संकेत भी सामने आए। एनएचआरसी ने स्पष्ट किया है कि हिरासत में व्यक्तियों के साथ अपमानजनक व्यवहार कानूनन निषिद्ध है तथा ऐसे मामलों में जवाबदेही तय की जानी आवश्यक है।
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“भिवानी में पुलिस हिरासत के दौरान गिरफ्तार व्यक्तियों के साथ जिस प्रकार का अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार सामने आया है, वह अत्यंत चिंताजनक और संविधान विरोधी है। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार पुलिस को नहीं है। कान पकड़वाकर जमीन पर बैठाना, फोटो खिंचवाकर सार्वजनिक करना और हिरासत में शारीरिक चोट के संकेत, यह सब कानून का नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा इस मामले में संज्ञान लिया जाना यह स्पष्ट करता है कि आरोप गंभीर हैं और प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होता है। यह केवल कुछ व्यक्तियों का मामला नहीं, बल्कि पूरी आपराधिक न्याय प्रणाली की गरिमा से जुड़ा प्रश्न है।
-प्रियंक, कानूनगो सदस्य, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग।


मैं मांग करता हूं कि आरोपी पुलिस अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए, पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस दिशानिर्देश लागू किए जाएं।

-सुशील वर्मा, पूर्व सदस्य, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग
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