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Bhiwani News: लोहारू में पिलानी रोड रेलवे ओवरब्रिज 6 माह से अंधेरे में

संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Fri, 30 Jan 2026 02:01 AM IST
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Pilani Road Railway Overbridge in Loharu in darkness for 6 months
रेलवे ओवरब्रिज पर लाइट बंद होने से छाया अंधेरा। 
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लोहारू। लोहारू कस्बे में पिलानी रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य एक जून 2021 को विधिवत शुभारंभ के साथ शुरू किया गया था। करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से बने इस महत्वपूर्ण ओवरब्रिज को चार वर्षों की अवधि के बाद जून 2025 में पूरा कर लिया गया। चार साल के लंबे इंतजार के बाद यह ओवरब्रिज जनता के लिए खोल तो दिया गया, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और संबंधित विभागों के बीच आपसी सहमति न बनने के कारण यह ओवरब्रिज पिछले करीब छह महीनों से अंधेरे में डूबा हुआ है।
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ओवरब्रिज पर स्ट्रीट लाइटें तो लगा दी गई हैं, लेकिन आज तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है। संबंधित विभागों के बीच यह सहमति नहीं बन पाई है कि ओवरब्रिज की लाइटों का बिजली बिल कौन सा विभाग वहन करेगा। इसी वजह से करोड़ों की लागत से बना यह ओवरब्रिज रात ही नहीं, बल्कि सुबह-सुबह भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
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गौरतलब है कि इस मार्ग पर गोशाला और तालाब भी स्थित हैं, जिसके चलते सुबह तड़के बड़ी संख्या में लोग टहलने, दूध लेने और गोशाला जाने के लिए इसी ओवरब्रिज से होकर आवागमन करते हैं। अंधेरा होने के कारण सुबह के समय भी लोगों को फिसलने, वाहन की चपेट में आने और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

ओवरब्रिज बनने से पहले झेल रहे थे लोग जाम की परेशानी
ओवरब्रिज बनने से पहले लोगों को रेलवे फाटक पार कर आना-जाना पड़ता था। सड़क की हालत खराब होने के कारण वाहन रेंग-रेंग कर चलते थे और रेलवे फाटक बंद होने पर लोगों का कीमती समय भी जाम लगने से बर्बाद होता था। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए पिलानी रोड पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया गया था।

राजस्थान के बड़े शहरों को जोड़ता है ओवरब्रिज
यह ओवरब्रिज लोहारू ही नहीं बल्कि आसपास के पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग से राजस्थान के पिलानी, झुंझुनू, चूरू, सीकर, खाटूश्याम, सालासर जैसे प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए आवागमन होता है। ओवरब्रिज बनने से पहले और अब भी इसी रास्ते से आईटीआई, निजी स्कूल, गौशाला, तालाब और आसपास की ढाणियों में लोगों का नियमित आना-जाना रहता है। ओवरब्रिज चालू होने से यातायात सुगम हुआ और रेलवे फाटक की समस्या से राहत जरूर मिली, लेकिन लाइटें बंद रहने से अब यह सुविधा अधूरी साबित हो रही है। रोजाना खेतों में जाने वाले किसान, ढाणियों में रहने वाले ग्रामीण, पैदल यात्री और सुबह की सैर करने वाले लोग अंधेरे में चलने के लिए मजबूर हैं। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।

रात के समय बढ़ रही पिलानी जाने वालों की परेशानी
रात्रि में पिलानी जाने वाले यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है। नगर पालिका कार्यालय के बाहर ओवरब्रिज के पास अंधेरे में खड़े होकर यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ता है। रात के समय भिवानी, दिल्ली और दादरी से चलकर लोहारू होते हुए पिलानी जाने वाली बसें करीब रात 10 बजे तक चलती हैं, जबकि लोहारू बस स्टैंड लगभग रात 8 बजे बंद हो जाता है। ऐसे में अंधेरे में खड़ा रहना यात्रियों के लिए भय और असुरक्षा का कारण बन रहा है।

पुल बनकर तैयार, नहीं हुआ विधिवत उद्घाटन
सबसे हैरानी की बात यह है कि करीब 37 करोड़ रुपये की लागत से बना यह ओवरब्रिज पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी द्वारा विधिवत उद्घाटन नहीं किया गया है, जिससे आमजन में नाराजगी देखी जा रही है। इस संबंध में जेई नारंग ने बताया कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हो चुका है और लाइटें भी लगा दी गई हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन को लेकर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसका बिजली बिल कौन भरेगा। उन्होंने बताया कि इस विषय में जल्द ही लोहारू एसडीएम को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
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