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Bhiwani News: अब पुराने जलघर टैंकों में पर्याप्त नहरी पानी भंडारण के लिए स्थापित होंगी नौ पंपिंग मोटरें
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 21 Apr 2026 01:44 AM IST
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शहर के महम रोड पर स्थित जलघर का टैंक।
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भिवानी। अब शहर के पुराना जलघर के टैंकों तक पर्याप्त नहरी पानी की उपलब्धता को लेकर आखिरकार जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लिया है। इसके बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी इस दिशा में लंबे अर्से बाद कदम उठाया है। अब पुराने जलघर टैंकों में पर्याप्त नहरी पानी भंडारण के लिए नौ नई पंपिंग मोटरें स्थापित होंगी।
दरअसल लगातार 14 दिनों तक नहरी पानी मिलने के बावजूद पुराना जलघर के दो नए टैंक मात्र 25 फीसदी पानी भंडारण ही कर पाते हैं। इस वजह से हर बार गर्मियों के मौसम में पुराने शहर को जलसंकट का सामना करना पड़ता है। फिलहाल भी शहर के अंदर पानी की कमी के चलते एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति मिल रही है।
अमृत द्वितीय चरण के तहत महम रोड के पुराना जलघर में चार पुराने टैंकों को तोड़कर दो नए टैंक बने हैं लेकिन बनाने के बाद एक बार भी ये टैंक पूरी तरह से नहीं भरे जा सके हैं। इसकी वजह मिताथल हेड पर पंपिंग क्षमता की कमी माना जा रहा है। शहर के जलघर टैंकों को नहरी शेड्यूल के हिसाब से सात दिन नहरी पानी मिलता है।
भिवानी के पुराने जलघरों को दो ग्रुपों में लगातार 14 दिनों तक पानी की आपूर्ति कराई जाती है। मगर छोटी लाइन होने की वजह से टैंकों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है। ये नए टैंक मात्र 25 फीसदी भंडारण ही कर पाते हैं। जिससे शहर को मुश्किल से दस से 15 दिन ही पानी की आपूर्ति का काम चलता है। शहर की जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए उपायुक्त साहिल गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हरकत में आया है।
हाल ही में 28 इंच पाइपलाइन में आई बाधा तथा पुराने जल भंडारण टैंक में पानी की कमी को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से समाधान करने के निर्देश दिए थे। अब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने कार्यों में तेजी शुरू कर दी है। रॉ वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए जहां नौ नई मोटरें लगाई जाएंगी वहीं पानी उठाने व जल भंडारण में भी वृद्धि होगी।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यकारी अभियंता कपिल देव ने बताया कि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भिवानी शहर के लिए ऑगमेंटेशन ऑफ वाटर सप्लाई स्कीम तैयार की गई है, जिस पर लगभग 235 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस योजना को तकनीकी स्वीकृति के साथ-साथ प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है।
जलघर में पानी भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदम
डीसी के निर्देशों के तहत मिताथल हेड पर 375 एचपी की मोटर लगाने का कार्य प्रगति पर है जिससे पानी की उठान और भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। इसके अलावा, रॉ वाटर स्टोरेज बढ़ाने के लिए नौ नई मोटरें (375 एचपी प्रत्येक) स्थापित की जाएंगी। इस कार्य के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है।
नहरी पानी भंडारण के लिए भी पंपिंग स्टेशन का होगा निर्माण
डीसी के निर्देशानुसार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजना के तहत समर्सिबल, पंप चैंबर, पंपिंग मशीनरी, इनलेट चैनल, इलेक्ट्रिक ट्रांसफॉर्मर व डीजी सेट तथा राइजिंग मेन पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा। इस पैकेज पर लगभग 1082.62 लाख की लागत अनुमानित है। डीसी साहिल गुप्ता ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि समय रहते सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि शहरवासियों को नियमित और सुचारु जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
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दरअसल लगातार 14 दिनों तक नहरी पानी मिलने के बावजूद पुराना जलघर के दो नए टैंक मात्र 25 फीसदी पानी भंडारण ही कर पाते हैं। इस वजह से हर बार गर्मियों के मौसम में पुराने शहर को जलसंकट का सामना करना पड़ता है। फिलहाल भी शहर के अंदर पानी की कमी के चलते एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति मिल रही है।
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अमृत द्वितीय चरण के तहत महम रोड के पुराना जलघर में चार पुराने टैंकों को तोड़कर दो नए टैंक बने हैं लेकिन बनाने के बाद एक बार भी ये टैंक पूरी तरह से नहीं भरे जा सके हैं। इसकी वजह मिताथल हेड पर पंपिंग क्षमता की कमी माना जा रहा है। शहर के जलघर टैंकों को नहरी शेड्यूल के हिसाब से सात दिन नहरी पानी मिलता है।
भिवानी के पुराने जलघरों को दो ग्रुपों में लगातार 14 दिनों तक पानी की आपूर्ति कराई जाती है। मगर छोटी लाइन होने की वजह से टैंकों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता है। ये नए टैंक मात्र 25 फीसदी भंडारण ही कर पाते हैं। जिससे शहर को मुश्किल से दस से 15 दिन ही पानी की आपूर्ति का काम चलता है। शहर की जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए उपायुक्त साहिल गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग हरकत में आया है।
हाल ही में 28 इंच पाइपलाइन में आई बाधा तथा पुराने जल भंडारण टैंक में पानी की कमी को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से समाधान करने के निर्देश दिए थे। अब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने कार्यों में तेजी शुरू कर दी है। रॉ वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए जहां नौ नई मोटरें लगाई जाएंगी वहीं पानी उठाने व जल भंडारण में भी वृद्धि होगी।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यकारी अभियंता कपिल देव ने बताया कि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भिवानी शहर के लिए ऑगमेंटेशन ऑफ वाटर सप्लाई स्कीम तैयार की गई है, जिस पर लगभग 235 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इस योजना को तकनीकी स्वीकृति के साथ-साथ प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है।
जलघर में पानी भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदम
डीसी के निर्देशों के तहत मिताथल हेड पर 375 एचपी की मोटर लगाने का कार्य प्रगति पर है जिससे पानी की उठान और भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। इसके अलावा, रॉ वाटर स्टोरेज बढ़ाने के लिए नौ नई मोटरें (375 एचपी प्रत्येक) स्थापित की जाएंगी। इस कार्य के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है।
नहरी पानी भंडारण के लिए भी पंपिंग स्टेशन का होगा निर्माण
डीसी के निर्देशानुसार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजना के तहत समर्सिबल, पंप चैंबर, पंपिंग मशीनरी, इनलेट चैनल, इलेक्ट्रिक ट्रांसफॉर्मर व डीजी सेट तथा राइजिंग मेन पाइपलाइन का निर्माण किया जाएगा। इस पैकेज पर लगभग 1082.62 लाख की लागत अनुमानित है। डीसी साहिल गुप्ता ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि समय रहते सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि शहरवासियों को नियमित और सुचारु जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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