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प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन की चेतावनी, कहा- जिले में 145 अवैध शिक्षण संस्थान, लखनऊ अग्निकांड जैसा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Published by: मयूर शर्मा
Updated Wed, 24 Jun 2026 05:41 PM IST
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सार
राम अवतार शर्मा ने बताया कि जिले में करीब 100 ऐसे प्ले स्कूल या अन्य छोटे स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो बिना किसी सरकारी मान्यता के अवैध रूप से बच्चों का भविष्य और उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।
राम अवतार शर्मा प्रेसवार्ता करते हुए
- फोटो : संवाद
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विस्तार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने देशभर के अभिभावकों और शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। इस हादसे पर गहरी संवेदना और तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष राम अवतार शर्मा ने बुधवार को भिवानी में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
राम अवतार शर्मा ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर, बिना सुरक्षा मानकों के बेसमेंट और तंग गलियों में चलाए जा रहे संस्थान सीधे तौर पर बच्चों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तुरंत सील किया जाना चाहिए।
प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
उन्होंने कहा कि लखनऊ की घटना कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि घोर प्रशासनिक लापरवाही और लालच का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी कोचिंग सेंटर या शैक्षणिक संस्थान बगैर सरकार की मान्यता के, बिना फायर एनओसी के या अन्य जरूरी मापदंडों को पूरा किए बिना चल रहे हैं, वे देश के भविष्य यानी हमारे बच्चों की जान दांव पर लगा रहे हैं। प्रशासन को तुरंत जागना होगा और इन पर तुरंत ताला लगाना होगा। ऐसे अवैध संस्थानों के संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में लखनऊ जैसी किसी भी त्रासदी को होने से रोका जा सके।
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जिले में 145 अवैध संस्थान हो रहें संचालित- राम अवतार शर्मा
राम अवतार शर्मा ने स्थानीय स्तर पर भिवानी जिले की जमीनी हकीकत को उजागर करते हुए बेहद चौंकाने वाले आंकड़े मीडिया के सामने रखे। उन्होंने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए बताया कि भिवानी शहर और इसके आसपास के इलाकों में लगभग 45 ऐसे बड़े और छोटे कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनके पास न तो वैध कागजात हैं, न वेंटिलेशन है और न ही आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम। वहीं, भिवानी जिले में करीब 100 ऐसे प्ले स्कूल या अन्य छोटे स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो बिना किसी सरकारी मान्यता के अवैध रूप से बच्चों का भविष्य और उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।
जिला उपायुक्त से चेकिंग अभियान चलाने की अपील
राम अवतार शर्मा ने भिवानी के जिला उपायुक्त और स्थानीय शिक्षा प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए तुरंत एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इन सभी 145 से ज्यादा अवैध संस्थानों की औचक जांच करनी चाहिए। जिन संस्थानों के पास फायर एग्जिट, वेंटिलेशन या अग्निशमन उपकरण नहीं हैं, उन्हें बंद किया जाए। पत्रकार वार्ता के दौरान राम अवतार शर्मा ने शिक्षा विभाग और सरकार की दोहरी नीतियों पर भी जमकर प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो विभाग कड़ा निर्देश जारी करता है कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को स्कूल न बुलाया जाए और उनसे कोई काम न लिया जाए। वहीं, दूसरी तरफ सरकार खुद के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए कभी योगा डे, कभी समर कैंप तो कभी अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के नाम पर छुट्टियों में भी बच्चों को जबरन स्कूल बुलाने का दबाव बनाती है।
राम अवतार शर्मा ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर, बिना सुरक्षा मानकों के बेसमेंट और तंग गलियों में चलाए जा रहे संस्थान सीधे तौर पर बच्चों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इन्हें किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तुरंत सील किया जाना चाहिए।
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प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
उन्होंने कहा कि लखनऊ की घटना कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि घोर प्रशासनिक लापरवाही और लालच का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी कोचिंग सेंटर या शैक्षणिक संस्थान बगैर सरकार की मान्यता के, बिना फायर एनओसी के या अन्य जरूरी मापदंडों को पूरा किए बिना चल रहे हैं, वे देश के भविष्य यानी हमारे बच्चों की जान दांव पर लगा रहे हैं। प्रशासन को तुरंत जागना होगा और इन पर तुरंत ताला लगाना होगा। ऐसे अवैध संस्थानों के संचालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में लखनऊ जैसी किसी भी त्रासदी को होने से रोका जा सके।
जिले में 145 अवैध संस्थान हो रहें संचालित- राम अवतार शर्मा
राम अवतार शर्मा ने स्थानीय स्तर पर भिवानी जिले की जमीनी हकीकत को उजागर करते हुए बेहद चौंकाने वाले आंकड़े मीडिया के सामने रखे। उन्होंने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए बताया कि भिवानी शहर और इसके आसपास के इलाकों में लगभग 45 ऐसे बड़े और छोटे कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनके पास न तो वैध कागजात हैं, न वेंटिलेशन है और न ही आग से निपटने के पुख्ता इंतजाम। वहीं, भिवानी जिले में करीब 100 ऐसे प्ले स्कूल या अन्य छोटे स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो बिना किसी सरकारी मान्यता के अवैध रूप से बच्चों का भविष्य और उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।
जिला उपायुक्त से चेकिंग अभियान चलाने की अपील
राम अवतार शर्मा ने भिवानी के जिला उपायुक्त और स्थानीय शिक्षा प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि लखनऊ की घटना से सबक लेते हुए तुरंत एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इन सभी 145 से ज्यादा अवैध संस्थानों की औचक जांच करनी चाहिए। जिन संस्थानों के पास फायर एग्जिट, वेंटिलेशन या अग्निशमन उपकरण नहीं हैं, उन्हें बंद किया जाए। पत्रकार वार्ता के दौरान राम अवतार शर्मा ने शिक्षा विभाग और सरकार की दोहरी नीतियों पर भी जमकर प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि एक तरफ तो विभाग कड़ा निर्देश जारी करता है कि गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को स्कूल न बुलाया जाए और उनसे कोई काम न लिया जाए। वहीं, दूसरी तरफ सरकार खुद के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए कभी योगा डे, कभी समर कैंप तो कभी अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के नाम पर छुट्टियों में भी बच्चों को जबरन स्कूल बुलाने का दबाव बनाती है।