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Bhiwani News: छत पर 120 गमलों से बना दी हरियाली, शहरी जैविक खेती की मिसाल बने रोहताश
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अपनी छत पर बनाए गए हरा-भरा किचन गार्डन में मौजूद रोहताश मुवाल।
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मुंढाल। मुंढाल बांडाहेड़ी निवासी रोहताश मुवाल ने अपनी छत पर 120 गमलों में जैविक सब्जियां और फल उगाकर शहरी खेती की अनूठी मिसाल पेश की है। पब्लिक हेल्थ विभाग में ड्राफ्टमैन पद से सेवानिवृत्त रोहताश मुवाल ने घर की छत को हरे-भरे किचन गार्डन में बदल दिया है जो क्षेत्र में प्रेरणा का केंद्र बना हुआ है।
कबाड़ के सामान से छोटे-बड़े कुल 120 गमले तैयार कर उनमें जैविक तरीके से सब्जियां और फल उगाए जा रहे हैं। उनकी छत पर बैंगन, हरी मिर्च, टमाटर, गोभी, पालक, धनिया, प्याज, मूली, गाजर और मेथी जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के साथ ड्रैगन फ्रूट, अमरूद, किन्नू और नींबू के पौधे भी लहलहा रहे हैं। यह पहल परिवार को ताजी और रसायन-मुक्त सब्जियां उपलब्ध कराने के साथ कम जगह में खेती की प्रेरणा दे रही है।
समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने मुंढाल क्षेत्र में अपने निजी खर्च पर तीन से अधिक अत्याधुनिक प्याऊ का निर्माण करवाया, जिससे गर्मी के मौसम में राहगीरों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर सैकड़ों छायादार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रकृति, पशु और समाज को सच्ची सेवा मानते हैं रोहताश
रोहताश मुवाल समय-समय पर गोशाला में जाकर सेवा कार्य करते हैं और पशु सेवा को समाज सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। उनका मानना है कि प्रकृति, पशु और समाज तीनों की सेवा ही सच्ची मानव सेवा है। परिवार में भी उन्होंने पर्यावरण प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। अपनी पोती के जन्मदिन पर उन्होंने घर में एक सुंदर ट्री हाउस बनाकर उसे विशेष उपहार दिया, जो बच्चों को प्रकृति के करीब लाने का संदेश देता है। रोहताश मुवाल का कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटी-छोटी सकारात्मक पहल करे तो समाज और पर्यावरण दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।
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कबाड़ के सामान से छोटे-बड़े कुल 120 गमले तैयार कर उनमें जैविक तरीके से सब्जियां और फल उगाए जा रहे हैं। उनकी छत पर बैंगन, हरी मिर्च, टमाटर, गोभी, पालक, धनिया, प्याज, मूली, गाजर और मेथी जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के साथ ड्रैगन फ्रूट, अमरूद, किन्नू और नींबू के पौधे भी लहलहा रहे हैं। यह पहल परिवार को ताजी और रसायन-मुक्त सब्जियां उपलब्ध कराने के साथ कम जगह में खेती की प्रेरणा दे रही है।
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समाज सेवा के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने मुंढाल क्षेत्र में अपने निजी खर्च पर तीन से अधिक अत्याधुनिक प्याऊ का निर्माण करवाया, जिससे गर्मी के मौसम में राहगीरों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों पर सैकड़ों छायादार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रकृति, पशु और समाज को सच्ची सेवा मानते हैं रोहताश
रोहताश मुवाल समय-समय पर गोशाला में जाकर सेवा कार्य करते हैं और पशु सेवा को समाज सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। उनका मानना है कि प्रकृति, पशु और समाज तीनों की सेवा ही सच्ची मानव सेवा है। परिवार में भी उन्होंने पर्यावरण प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है। अपनी पोती के जन्मदिन पर उन्होंने घर में एक सुंदर ट्री हाउस बनाकर उसे विशेष उपहार दिया, जो बच्चों को प्रकृति के करीब लाने का संदेश देता है। रोहताश मुवाल का कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर छोटी-छोटी सकारात्मक पहल करे तो समाज और पर्यावरण दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।