{"_id":"6a20698436a224efcd09ef41","slug":"sugar-testing-stopped-at-the-civil-hospital-due-to-the-depletion-of-kits-patients-have-to-get-tests-done-at-private-labs-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-152041-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: नागरिक अस्पताल में किट खत्म होने से ठप हुई शुगर जांच, मरीजों को निजी लैब में करवाने पड़ रहे टेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: नागरिक अस्पताल में किट खत्म होने से ठप हुई शुगर जांच, मरीजों को निजी लैब में करवाने पड़ रहे टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भिवानी। चौधरी बंसीलाल जिला नागरिक अस्पताल की खून जांच प्रयोगशाला में शुगर जांच किट खत्म होने के कारण पिछले एक सप्ताह से शुगर की जांच बंद है। इससे मरीजों को मजबूरन निजी लैब में जांच करवानी पड़ रही है। अस्पताल के कमरा नंबर-39 में संचालित प्रयोगशाला में किट की कमी के साथ-साथ लैब तकनीशियनों की भी कमी बनी हुई है और प्रशिक्षु ही पूरी प्रक्रिया संभाल रहे हैं।
अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे मरीज बिमला, संगीता, राजेंद्र और भरत सिंह ने बताया कि उनका ओपीडी में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने उन्हें शुगर जांच कराने के लिए कहा था लेकिन प्रयोगशाला में पहुंचने पर पता चला कि शुगर जांच नहीं हो रही है। ऐसे में उन्हें निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में लोग सस्ते और बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं लेकिन यहां जांच से लेकर दवाइयों तक की कमी बनी रहती है। कई बार समय पर दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हो पातीं। वहीं ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ इतनी अधिक रहती है कि घंटों इंतजार के बाद नंबर आता है। तीन से चार घंटे प्रतीक्षा करने और चिकित्सक से जांच कराने के बाद जब वे टेस्ट करवाने पहुंचे तो शुगर जांच किट खत्म मिली। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े इस अस्पताल में बेहतर सुविधाओं की उम्मीद लेकर मरीज पहुंचते हैं लेकिन वर्तमान हालात निराशाजनक हैं। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इस संबंध में नागरिक अस्पताल प्रभारी डॉ. बलवान सिंह ने कहा कि खून जांच केंद्र के प्रभारी से जानकारी ली जाएगी कि शुगर जांच किट उपलब्ध न होने की स्थिति क्यों बनी। मरीजों की सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
अस्पताल में जांच के लिए पहुंचे मरीज बिमला, संगीता, राजेंद्र और भरत सिंह ने बताया कि उनका ओपीडी में इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने उन्हें शुगर जांच कराने के लिए कहा था लेकिन प्रयोगशाला में पहुंचने पर पता चला कि शुगर जांच नहीं हो रही है। ऐसे में उन्हें निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में लोग सस्ते और बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं लेकिन यहां जांच से लेकर दवाइयों तक की कमी बनी रहती है। कई बार समय पर दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हो पातीं। वहीं ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ इतनी अधिक रहती है कि घंटों इंतजार के बाद नंबर आता है। तीन से चार घंटे प्रतीक्षा करने और चिकित्सक से जांच कराने के बाद जब वे टेस्ट करवाने पहुंचे तो शुगर जांच किट खत्म मिली। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहा है।
Trending Videos
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े इस अस्पताल में बेहतर सुविधाओं की उम्मीद लेकर मरीज पहुंचते हैं लेकिन वर्तमान हालात निराशाजनक हैं। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इस संबंध में नागरिक अस्पताल प्रभारी डॉ. बलवान सिंह ने कहा कि खून जांच केंद्र के प्रभारी से जानकारी ली जाएगी कि शुगर जांच किट उपलब्ध न होने की स्थिति क्यों बनी। मरीजों की सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।