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Bhiwani News: किसानों की मौजूदगी में खोले बिजली टावर वाली जगह के रेट के लिफाफे
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 21 Apr 2026 01:45 AM IST
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तोशाम। एसडीएम संदीप कुमार ने सोमवार को सरपंचों, कंपनी के अधिकारियों, किसानों की मौजूदगी में छप्पार जोगियान, छप्पार रांगडान और डाडम गांवों में बिजली टावर लगाने वाली जगह के रेटों के लिफाफे खोले गए। इस दौरान प्रशासन, बिजली कंपनी के अधिकारी और किसानों मौजूद रहे।
दरअसल, एसडीएम की अध्यक्षता में प्रशासन द्वारा सरपंचों, बिजली कंपनी के अधिकारी और किसानों के साथ संयुक्त बातचीत हुई थी कि किसानों की सहमति से मुआवजा देने उपरांत लाइन का काम शुरू किया जाएगा। एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि सरकार किसानों के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी।
यह पावर ग्रिड लाइन सिवानी से सोनीपत तक जाएगी। जिसमें तोशाम उपमंडल के 13 गांव भेरा, मिरान, दरियापुर, छप्पार जोगियान, छप्पार रांगडान, पिंजोखरा,डाडम, बागनवाला, तोशाम, अलखपुरा, सागबन और भूरटाना गांव के खेतों से होकर यह बिजली लाइन गुजरेगी।
उन्होंने बताया कि तीन भूमि की कीमत सर्वे एजेंसियां गांव वाइज जमीनों के रेट तय करने के लिए इसमें एक किसानों की तरफ से, एक प्रशासन की तरफ से और एक बिजली कंपनी की तरफ से नियुक्त की गई है। तीनों के रेट बंद लिफाफे में लिए गए थे।
जमीनों के रेट के बंद लिफाफों को किसानों के साथ बैठक में ड्रा के जरिए खोलकर गांव वाइज रेट तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति से ही बिजली के टावर उनके खेतों में लगेंगे। जहां टावर लगेगा जमीन का तय रेट से दोगुना रेट किसानों को मिलेगा और जहां तार जाएंगे वहां पर 46 मीटर तक तय रेट से 30 प्रतिशत राशि का मुआवजा किसानों को दिया जाएगा।
इसके अलावा तीन फसलों का एमएसपी रेट का मुआवजा और खेतों में बने ट्यूवबेल, मकान तथा पेड़ों की कीमत भी अलग से दिलवाई जाएगी।
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दरअसल, एसडीएम की अध्यक्षता में प्रशासन द्वारा सरपंचों, बिजली कंपनी के अधिकारी और किसानों के साथ संयुक्त बातचीत हुई थी कि किसानों की सहमति से मुआवजा देने उपरांत लाइन का काम शुरू किया जाएगा। एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि सरकार किसानों के साथ कोई अन्याय नहीं होने देगी।
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यह पावर ग्रिड लाइन सिवानी से सोनीपत तक जाएगी। जिसमें तोशाम उपमंडल के 13 गांव भेरा, मिरान, दरियापुर, छप्पार जोगियान, छप्पार रांगडान, पिंजोखरा,डाडम, बागनवाला, तोशाम, अलखपुरा, सागबन और भूरटाना गांव के खेतों से होकर यह बिजली लाइन गुजरेगी।
उन्होंने बताया कि तीन भूमि की कीमत सर्वे एजेंसियां गांव वाइज जमीनों के रेट तय करने के लिए इसमें एक किसानों की तरफ से, एक प्रशासन की तरफ से और एक बिजली कंपनी की तरफ से नियुक्त की गई है। तीनों के रेट बंद लिफाफे में लिए गए थे।
जमीनों के रेट के बंद लिफाफों को किसानों के साथ बैठक में ड्रा के जरिए खोलकर गांव वाइज रेट तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति से ही बिजली के टावर उनके खेतों में लगेंगे। जहां टावर लगेगा जमीन का तय रेट से दोगुना रेट किसानों को मिलेगा और जहां तार जाएंगे वहां पर 46 मीटर तक तय रेट से 30 प्रतिशत राशि का मुआवजा किसानों को दिया जाएगा।
इसके अलावा तीन फसलों का एमएसपी रेट का मुआवजा और खेतों में बने ट्यूवबेल, मकान तथा पेड़ों की कीमत भी अलग से दिलवाई जाएगी।

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