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Bhiwani News: कचरे का पहाड़ होगा खत्म... एनजीटी की चेतावनी के बाद नगर परिषद ने शुरू किया कयामसर झील और बीड फार्म के पुराने डंपिंग स्टेशनों से कचरा निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:26 AM IST
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हांसी में कचरे के निस्तारण के लिए लगाई मशीन।
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हांसी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) की नोटिस के बाद नगर परिषद ने कयामसर झील और बीड फार्म के पुराने डंपिंग स्टेशनों से कचरा निस्तारण का कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत 1,09,000 टन कचरे का निस्तारण किया जाएगा। नगर परिषद ने दिल्ली की जनकपुरी की फर्म को यह कार्य 5 करोड़ 89 लाख 41,200 रुपये में टेंडर पर दिया है।
कचरा निस्तारण का कार्य 13 मार्च चल रहा है। फर्म को यह कार्य 30 अक्तूबर तक पूरा करना होगा। कचरा निस्तारण के लिए बीड फार्म के पुराने डंपिंग स्टेशन में मशीन लगाई गई है। कयामसर झील के पास जमा कचरे को डंपरों के जरिये लाया जाएगा। सबसे पहले प्लास्टिक अलग किया जाएगा फिर बचे कचरे का निस्तारण होगा। इस कचरे से खाद बनाई जाएगी जिसका उपयोग खेतों में या फिर जमीन की भरती करने में किया जाएगा। समाधा रोड डंपिंग स्टेशन व बीड़ फॉर्म में पुराने डंपिंग स्टेशन, इन दोनों पुराने डंपिंग स्टेशन पर अब भी कचरे के पहाड़ बने हैं जिससे भूमि का भी कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कचरा निस्तारण के लिए नगर परिषद ने दो वर्ष पहले योजना बनाई थी जो अब सिरे चढ़ पाई है।
20 मार्च को है सुनवाई
कयामसर झील में कचरा निस्तारण का मामला एनजीटी में भी विचाराधीन है। एनजीटी कचरा निस्तारण के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को फटकार लगा चुकी है। आगामी सुनवाई 20 मार्च को होनी है जिसके चलते अधिकारियों ने अब कचरे का निस्तारण शुरू करवाया है।
बीड फार्म में बनाया नया डंपिंग स्टेशन
नए बीड फार्म स्थित डंपिंग स्टेशन से कचरे का निस्तारण किया गया। वहां 17376 टन कचरे का निस्तारण हो चुका है। शेष कचरे का निस्तारण भी जल्दी किया जाएगा। नगर परिषद द्वारा अब बीड फॉर्म में 17 एकड़ जमीन में बनाए नए डंपिंग स्टेशन पर कचरा डाला जा रहा है।
दो बार शिफ्ट हो चुका है डंपिंग स्टेशन
नगर परिषद ने वर्ष 2018 में बीड फार्म में डंपिंग स्टेशन बनाया था लेकिन ग्रामीण विरोध के कारण 2021 में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद डंपिंग स्टेशन को समाधा रोड, कयामसर झील के पास शिफ्ट किया गया। इस स्थान पर कचरा डालने को लेकर पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी ने कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने कचरा डालने पर रोक लगा दी। समाधा रोड स्थित डंपिंग स्टेशन पर पिछले दो महीनों से कचरा नहीं डाला जा रहा है। करीब ढाई वर्ष पहले, नगर परिषद ने बीड फार्म में कृषि विभाग से खरीदी गई 17 एकड़ जमीन पर कचरा डालना शुरू किया था।
69 लाख रुपये का लग चुका जुर्माना
डंपिंग स्टेशन में ठोस कचरा प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 67 लाख का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना 1 अप्रैल 2020 से 31 अक्तूबर 2025 तक का लगाया गया। कुल 67 महीने का प्रति महीने एक लाख रुपये के दर से जुर्माना लगाया गया था। जनवरी व फरवरी में भी कचरा प्रबंधन में लापरवाही के लिए दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
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पुराने डंपिंग स्टेशनों से कचरा निस्तारण का कार्य शुरू करवा दिया है। बीड फार्म के पुराने डंपिंग स्टेशन में ही दोनों जगहों के कचरे का निस्तारण होगा। कयामसर झील से कचरा वहां पहुंचाया जाएगा। जगह खाली होने पर कयामसर झील के समीप सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद हांसी।
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कचरा निस्तारण का कार्य 13 मार्च चल रहा है। फर्म को यह कार्य 30 अक्तूबर तक पूरा करना होगा। कचरा निस्तारण के लिए बीड फार्म के पुराने डंपिंग स्टेशन में मशीन लगाई गई है। कयामसर झील के पास जमा कचरे को डंपरों के जरिये लाया जाएगा। सबसे पहले प्लास्टिक अलग किया जाएगा फिर बचे कचरे का निस्तारण होगा। इस कचरे से खाद बनाई जाएगी जिसका उपयोग खेतों में या फिर जमीन की भरती करने में किया जाएगा। समाधा रोड डंपिंग स्टेशन व बीड़ फॉर्म में पुराने डंपिंग स्टेशन, इन दोनों पुराने डंपिंग स्टेशन पर अब भी कचरे के पहाड़ बने हैं जिससे भूमि का भी कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा है। कचरा निस्तारण के लिए नगर परिषद ने दो वर्ष पहले योजना बनाई थी जो अब सिरे चढ़ पाई है।
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20 मार्च को है सुनवाई
कयामसर झील में कचरा निस्तारण का मामला एनजीटी में भी विचाराधीन है। एनजीटी कचरा निस्तारण के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को फटकार लगा चुकी है। आगामी सुनवाई 20 मार्च को होनी है जिसके चलते अधिकारियों ने अब कचरे का निस्तारण शुरू करवाया है।
बीड फार्म में बनाया नया डंपिंग स्टेशन
नए बीड फार्म स्थित डंपिंग स्टेशन से कचरे का निस्तारण किया गया। वहां 17376 टन कचरे का निस्तारण हो चुका है। शेष कचरे का निस्तारण भी जल्दी किया जाएगा। नगर परिषद द्वारा अब बीड फॉर्म में 17 एकड़ जमीन में बनाए नए डंपिंग स्टेशन पर कचरा डाला जा रहा है।
दो बार शिफ्ट हो चुका है डंपिंग स्टेशन
नगर परिषद ने वर्ष 2018 में बीड फार्म में डंपिंग स्टेशन बनाया था लेकिन ग्रामीण विरोध के कारण 2021 में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद डंपिंग स्टेशन को समाधा रोड, कयामसर झील के पास शिफ्ट किया गया। इस स्थान पर कचरा डालने को लेकर पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी ने कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर कोर्ट ने कचरा डालने पर रोक लगा दी। समाधा रोड स्थित डंपिंग स्टेशन पर पिछले दो महीनों से कचरा नहीं डाला जा रहा है। करीब ढाई वर्ष पहले, नगर परिषद ने बीड फार्म में कृषि विभाग से खरीदी गई 17 एकड़ जमीन पर कचरा डालना शुरू किया था।
69 लाख रुपये का लग चुका जुर्माना
डंपिंग स्टेशन में ठोस कचरा प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 67 लाख का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना 1 अप्रैल 2020 से 31 अक्तूबर 2025 तक का लगाया गया। कुल 67 महीने का प्रति महीने एक लाख रुपये के दर से जुर्माना लगाया गया था। जनवरी व फरवरी में भी कचरा प्रबंधन में लापरवाही के लिए दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
पुराने डंपिंग स्टेशनों से कचरा निस्तारण का कार्य शुरू करवा दिया है। बीड फार्म के पुराने डंपिंग स्टेशन में ही दोनों जगहों के कचरे का निस्तारण होगा। कयामसर झील से कचरा वहां पहुंचाया जाएगा। जगह खाली होने पर कयामसर झील के समीप सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद हांसी।