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विधायक-सांसद को कई पेंशन मिल रहीं, बुजुर्गों की कटौती क्यों : अभय
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चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने विधायकों व सांसदों के पेंशन के मुद्दे को उठाते बुजुर्गों की सम्मान पेंशन काटने का आरोप लगाया है। बुधवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी मुख्यालय पर प्रेसवार्ता कर उन्होंने कहा कि एक बार विधायक बनने पर ताउम्र पेंशन व परिवार को सुविधाएं मिलती हैं और जब वही व्यक्ति सांसद व राज्यसभा सदस्य बनता है तो उसे तीनों पेंशन मिलती हैं फिर बुजुर्गों की पेंशन क्यों काटी जा रही है।
आरोप लगाया कि चौधरी देवीलाल द्वारा शुरू की गई बुढ़ापा पेंशन पर सरकार ने शर्तें लगाकर एक लाख से अधिक बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी जबकि 1 नवंबर से 3200 रुपये पेंशन देने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में विधायक यह मुद्दा उठाएंगे। 20 फरवरी को पंचकूला में हजारों प्रभावित बुजुर्गों के साथ प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा। चौटाला ने कहा कि अगर पेंशन नहीं काटी गई तो गांव-गांव सर्टिफिकेट जमा कराने का प्रचार क्यों हो रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले पेंशन पर शर्तें उसी ने लगाई थीं। उन्होंने बताया कि 1987 में देवीलाल ने 65 वर्ष आयु पर पेंशन शुरू की थी, जबकि 1992 में शर्तें लगाई गईं।
ब्यूरो
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आरोप लगाया कि चौधरी देवीलाल द्वारा शुरू की गई बुढ़ापा पेंशन पर सरकार ने शर्तें लगाकर एक लाख से अधिक बुजुर्गों की पेंशन बंद कर दी जबकि 1 नवंबर से 3200 रुपये पेंशन देने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि बजट सत्र में विधायक यह मुद्दा उठाएंगे। 20 फरवरी को पंचकूला में हजारों प्रभावित बुजुर्गों के साथ प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन दिया जाएगा। चौटाला ने कहा कि अगर पेंशन नहीं काटी गई तो गांव-गांव सर्टिफिकेट जमा कराने का प्रचार क्यों हो रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले पेंशन पर शर्तें उसी ने लगाई थीं। उन्होंने बताया कि 1987 में देवीलाल ने 65 वर्ष आयु पर पेंशन शुरू की थी, जबकि 1992 में शर्तें लगाई गईं।
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