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Chandigarh-Haryana News: अमृत सरोवरों से जुड़ने के बाद हरियाणा के मत्स्य पालकों में जागी उम्मीद
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-पिछले दस साल में उत्पादन का क्षेत्र 70 एकड़ से बढ़कर 58293 एकड़ हुआ, अब और बढ़ने की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बजट में मत्स्य पालन उद्योग को अमृत सरोवरों से जोड़ने की घोषणा के बाद हरियाणा के मत्स्य पालकों में नई आशा जागी है। हालांकि हरियाणा में इस योजना पर पहले से काम हो रहा है पर अब केंद्रीय बजट में योजना तय होने से इसे और मजबूती मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2014-2015 में हरियाणा में केवल 70 एकड़ में ही मछली पालन हो रहा था। 2024-2025 तक यह क्षेत्रफल बढ़कर 58,293 एकड़ हो गया है। अब इसके और बढ़ने की उम्मीद है।
गैर समुद्री क्षेत्र वाले राज्यों में हरियाणा मत्स्य पालन में दूसरे स्थान है। यहां कुल 2244 सरोवरों में मछली पालन की योजना पर काम चल रहा है, जिनमें अमृत सरोवर भी शामिल हैं। इनसे करीब 2.32 लाख मीट्रिक टन झींगा और मछलियों का उत्पादन भी हो रहा है। प्रदेश में सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए करीब 166 करोड़ मछली का बीज भी तैयार कराया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बजट में मत्स्य पालन उद्योग को अमृत सरोवरों से जोड़ने की घोषणा के बाद हरियाणा के मत्स्य पालकों में नई आशा जागी है। हालांकि हरियाणा में इस योजना पर पहले से काम हो रहा है पर अब केंद्रीय बजट में योजना तय होने से इसे और मजबूती मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2014-2015 में हरियाणा में केवल 70 एकड़ में ही मछली पालन हो रहा था। 2024-2025 तक यह क्षेत्रफल बढ़कर 58,293 एकड़ हो गया है। अब इसके और बढ़ने की उम्मीद है।
गैर समुद्री क्षेत्र वाले राज्यों में हरियाणा मत्स्य पालन में दूसरे स्थान है। यहां कुल 2244 सरोवरों में मछली पालन की योजना पर काम चल रहा है, जिनमें अमृत सरोवर भी शामिल हैं। इनसे करीब 2.32 लाख मीट्रिक टन झींगा और मछलियों का उत्पादन भी हो रहा है। प्रदेश में सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए करीब 166 करोड़ मछली का बीज भी तैयार कराया है।
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