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Chandigarh-Haryana News: ई-लाइब्रेरी की प्रतीक्षा...सिस्टम की परीक्षा
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पंचायतों में 996 ई-लाइब्रेरी जल्द शुरू करने की तैयारी, पहले चरण की लाइब्रेरी के लिए फर्नीचर पहुंचा, कंप्यूटर-यूपीएस के टेंडर जल्द
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। प्रदेश में ग्राम स्तर पर अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-लाइब्रेरी स्थापित करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना को दो चरणों में लागू किया जाना है। पहले चरण में प्रदेश की 996 पंचायतों में ई-लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं, जिनके लिए फर्नीचर की आपूर्ति पूरी कर ली गई है।
इन ई-लाइब्रेरी में डिजिटल कंटेंट के साथ प्रेरणादायक पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार, दो माह के भीतर पुस्तकों की आपूर्ति पूरी कर ली जाएगी। कंप्यूटर और यूपीएस की खरीद के लिए पंचायती राज विभाग ने हारट्रोन को स्वीकृति दे दी है। विभागीय हाईपावर कमेटी की बैठक में कंप्यूटरों की अंतिम संख्या तय की जाएगी। पहले प्रत्येक लाइब्रेरी में पांच कंप्यूटर लगाने का प्रस्ताव था, जिसे अब अंतिम रूप दिया जाना है।
प्रदेश में कुल 6227 पंचायतें हैं। पंचायती राज विभाग के अनुसार पहले चरण की 996 ई-लाइब्रेरी पंचायत भवनों में स्थापित की जा रही हैं। विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सरकार अपने सभी वादों को पूरा कर रही है। गांव स्तर पर लाइब्रेरी खुलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सुविधा मिलेगी।
सरपंच बोले- अभी अधूरे हैं इंतजाम
जमीनी स्तर पर कुछ पंचायतों में तैयारियां अभी अधूरी बताई जा रही हैं। रोहतक जिले के बहलवा गांव की सरपंच ज्योति ने बताया कि ई-लाइब्रेरी के लिए फर्नीचर तो पहुंच गया है लेकिन एसी, पंखे, किताबें और इंटरनेट जैसी सुविधाएं अभी नहीं मिली हैं। चिड़ी पंचायत के सरपंच नवीन का कहना है कि उनके गांव में अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर समैण ने कहा कि योजना को शुरू हुए लगभग एक वर्ष हो चुका है लेकिन कार्यगति अपेक्षाकृत धीमी है।
दूसरे चरण में महेंद्रगढ़ अव्वल
वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 1000 ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना पर कार्य जारी है। दूसरे चरण के लिए पंचायतों में 1724 भवन चिह्नित किए गए हैं, जिन पर अगले वित्तीय वर्ष के बजट में काम शुरू होगा। दूसरे चरण में सर्वाधिक 179 भवन महेंद्रगढ़ जिले में चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा अंबाला में 74, भिवानी में 93, चरखी दादरी में 23, फरीदाबाद में 41, फतेहाबाद में 33, गुरुग्राम में 26, हिसार में 79, झज्जर में 102, जींद में 124, कैथल में 118, करनाल में 100 और कुरुक्षेत्र में 44 भवन ई-लाइब्रेरी के लिए चयनित किए गए हैं।
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अरुण शर्मा
चंडीगढ़। प्रदेश में ग्राम स्तर पर अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-लाइब्रेरी स्थापित करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना को दो चरणों में लागू किया जाना है। पहले चरण में प्रदेश की 996 पंचायतों में ई-लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं, जिनके लिए फर्नीचर की आपूर्ति पूरी कर ली गई है।
इन ई-लाइब्रेरी में डिजिटल कंटेंट के साथ प्रेरणादायक पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार, दो माह के भीतर पुस्तकों की आपूर्ति पूरी कर ली जाएगी। कंप्यूटर और यूपीएस की खरीद के लिए पंचायती राज विभाग ने हारट्रोन को स्वीकृति दे दी है। विभागीय हाईपावर कमेटी की बैठक में कंप्यूटरों की अंतिम संख्या तय की जाएगी। पहले प्रत्येक लाइब्रेरी में पांच कंप्यूटर लगाने का प्रस्ताव था, जिसे अब अंतिम रूप दिया जाना है।
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प्रदेश में कुल 6227 पंचायतें हैं। पंचायती राज विभाग के अनुसार पहले चरण की 996 ई-लाइब्रेरी पंचायत भवनों में स्थापित की जा रही हैं। विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सरकार अपने सभी वादों को पूरा कर रही है। गांव स्तर पर लाइब्रेरी खुलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सुविधा मिलेगी।
सरपंच बोले- अभी अधूरे हैं इंतजाम
जमीनी स्तर पर कुछ पंचायतों में तैयारियां अभी अधूरी बताई जा रही हैं। रोहतक जिले के बहलवा गांव की सरपंच ज्योति ने बताया कि ई-लाइब्रेरी के लिए फर्नीचर तो पहुंच गया है लेकिन एसी, पंखे, किताबें और इंटरनेट जैसी सुविधाएं अभी नहीं मिली हैं। चिड़ी पंचायत के सरपंच नवीन का कहना है कि उनके गांव में अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर समैण ने कहा कि योजना को शुरू हुए लगभग एक वर्ष हो चुका है लेकिन कार्यगति अपेक्षाकृत धीमी है।
दूसरे चरण में महेंद्रगढ़ अव्वल
वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 1000 ई-लाइब्रेरी स्थापित करने की योजना पर कार्य जारी है। दूसरे चरण के लिए पंचायतों में 1724 भवन चिह्नित किए गए हैं, जिन पर अगले वित्तीय वर्ष के बजट में काम शुरू होगा। दूसरे चरण में सर्वाधिक 179 भवन महेंद्रगढ़ जिले में चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा अंबाला में 74, भिवानी में 93, चरखी दादरी में 23, फरीदाबाद में 41, फतेहाबाद में 33, गुरुग्राम में 26, हिसार में 79, झज्जर में 102, जींद में 124, कैथल में 118, करनाल में 100 और कुरुक्षेत्र में 44 भवन ई-लाइब्रेरी के लिए चयनित किए गए हैं।
