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बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर खर्च राशि की निष्पक्ष जांच कराई जाए : अभय
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- कहा- जांच के लिए विधानसभा की एक विशेष समिति गठित की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर खर्च की गई राशि को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। चौटाला ने मांग की कि कांग्रेस और भाजपा के कार्यकाल के दौरान बाढ़ नियंत्रण पर खर्च हुए हजारों करोड़ रुपये की विधानसभा की विशेष समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह स्पष्ट होना चाहिए कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग किन कार्यों पर हुआ और उसका वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचा या नहीं।
चौटाला कहा कि हर साल बाढ़ रोकने के नाम पर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर किए जाते हैं लेकिन बारिश के मौसम में हालात पहले जैसे ही नजर आते हैं। कई क्षेत्रों में जलभराव, कमजोर तटबंध और अधूरी जल निकासी व्यवस्था अब भी बड़ी समस्या बने हुए हैं। इस वर्ष फ्लड कंट्रोल बोर्ड ने 388 परियोजनाओं के लिए 640 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके बावजूद अनेक स्थानों पर ड्रेनेज की सफाई और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े जरूरी कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद उसके परिणाम धरातल पर दिखाई नहीं देते हैं। उन्होंने सरकार से बारिश शुरू होने से पहले सभी अधूरे बाढ़ नियंत्रण कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
- कहा- जांच के लिए विधानसभा की एक विशेष समिति गठित की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण कार्यों पर खर्च की गई राशि को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। चौटाला ने मांग की कि कांग्रेस और भाजपा के कार्यकाल के दौरान बाढ़ नियंत्रण पर खर्च हुए हजारों करोड़ रुपये की विधानसभा की विशेष समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए। यह स्पष्ट होना चाहिए कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग किन कार्यों पर हुआ और उसका वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचा या नहीं।
चौटाला कहा कि हर साल बाढ़ रोकने के नाम पर करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर किए जाते हैं लेकिन बारिश के मौसम में हालात पहले जैसे ही नजर आते हैं। कई क्षेत्रों में जलभराव, कमजोर तटबंध और अधूरी जल निकासी व्यवस्था अब भी बड़ी समस्या बने हुए हैं। इस वर्ष फ्लड कंट्रोल बोर्ड ने 388 परियोजनाओं के लिए 640 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके बावजूद अनेक स्थानों पर ड्रेनेज की सफाई और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े जरूरी कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद उसके परिणाम धरातल पर दिखाई नहीं देते हैं। उन्होंने सरकार से बारिश शुरू होने से पहले सभी अधूरे बाढ़ नियंत्रण कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।
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