{"_id":"6a85ba5248cd7d856d04e4bd","slug":"anganwadi-workers-and-helpers-to-stage-a-sit-in-at-the-ministers-residence-in-bhiwani-today-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1095-1100829-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: आंगनबाड़ी वर्करों-हेल्परों का भिवानी में मंत्री आवास पर पड़ाव आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: आंगनबाड़ी वर्करों-हेल्परों का भिवानी में मंत्री आवास पर पड़ाव आज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स यूनियन की राज्य कमेटी ने वीरवार को भिवानी में महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री के आवास पर पड़ाव डालने की घोषणा की है। यूनियन का आरोप है कि सरकार पिछले पांच-छह सालों से वर्करों और हेल्परों का मानदेय नहीं बढ़ा रही है।
यूनियन की राज्य प्रधान रूपा राणा और सचिव बिजनेश राणा ने बताया कि 2018 में प्रधानमंत्री ने वर्करों के लिए 1500 रुपये और हेल्परों के लिए 750 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। हरियाणा सरकार ने इस घोषणा को आज तक लागू नहीं किया है। वर्करों और हेल्परों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों और क्रेच सेंटरों का किराया भी कई महीनों से बकाया है। हजारों की संख्या में वर्करों और हेल्परों के पद खाली पड़े हैं। यूनियन ने मंत्री, आयुक्त और निदेशक के साथ कई बैठकें की। इन बैठकों के बावजूद उनकी मांगों का कोई समाधान नहीं किया गया है। यूनियन का कहना है कि विभाग के कार्यों के अलावा उनसे अन्य काम भी लिए जा रहे हैं। यूनियन ने अपनी मांगों को पूरा करवाने और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में यह पड़ाव आयोजित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
यूनियन की राज्य प्रधान रूपा राणा और सचिव बिजनेश राणा ने बताया कि 2018 में प्रधानमंत्री ने वर्करों के लिए 1500 रुपये और हेल्परों के लिए 750 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। हरियाणा सरकार ने इस घोषणा को आज तक लागू नहीं किया है। वर्करों और हेल्परों को कई महीनों से मानदेय नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों और क्रेच सेंटरों का किराया भी कई महीनों से बकाया है। हजारों की संख्या में वर्करों और हेल्परों के पद खाली पड़े हैं। यूनियन ने मंत्री, आयुक्त और निदेशक के साथ कई बैठकें की। इन बैठकों के बावजूद उनकी मांगों का कोई समाधान नहीं किया गया है। यूनियन का कहना है कि विभाग के कार्यों के अलावा उनसे अन्य काम भी लिए जा रहे हैं। यूनियन ने अपनी मांगों को पूरा करवाने और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में यह पड़ाव आयोजित करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन