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Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में पशुपालन और मत्स्य पालन को मिलेगा नया आधार
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- सुविधाएं बढ़ाने और नजदीक बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश: श्याम सिंह राणा
चंडीगढ़। सरकार पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने व सुविधाएं मजबूत करने के लिए ठोस व व्यावहारिक कदम उठाने जा रही है। इसके तहत जहां पशु डिस्पेंसरियों और अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा वहीं मत्स्य पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए नजदीकी बाजार उपलब्ध करवाने की कार्य योजना भी तैयार की जाएगी।
चंडीगढ़ में वीरवार को पशुपालन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पशुपालन, कृषि व किसान कल्याण और मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने बजट-पूर्व परामर्श बैठकों के दौरान उक्त बातों को स्पष्ट किया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन पशु अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की कमी है उन्हें जल्द अपग्रेड किया जाए।
साथ ही पुराने और जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि पशुओं का समय पर और प्रभावी उपचार हो सके। बैठक में बताया कि वर्ष 2020-21 से अक्तूबर 2025 तक गोशालाओं को लगभग 390.31 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। बेसहारा पशुओं के पुनर्वास व बुनियादी ढांचे के लिए 69.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं जिसमें से 80.56 लाख रुपये चारा अनुदान के रूप में बांटे जा चुके हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों को रोजगार देने के उद्देश्य से अब तक 20,032 लाभार्थियों को फायदा पहुंचाया गया है। भेड़-बकरी पालन योजना के तहत 15 मादा और एक नर इकाई पर 90 फीसदी अनुदान देकर 3,891 लोगों को लाभान्वित किया गया है। महिला सशक्तीकरण के तहत डेयरी इकाइयों पर ब्याज अनुदान और 25 प्रतिशत सब्सिडी से अब तक 14,168 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। साथ ही देशी नस्लों के संरक्षण के लिए 5,000 से 20,000 रुपये प्रति पशु तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
मत्स्य पालन विभाग की बैठक में मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालकों को अब मछली बेचने के लिए दूर की मंडियों में नहीं भटकना पड़ेगा। उनके नजदीक ही बाजार उपलब्ध करवाने की योजना बनाई जाए जिससे बेहतर दाम मिल सकें। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप योजनाओं को तेज करने और तालाबों पर सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि भिवानी और सिरसा में 98.90 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। मंत्री ने सभी योजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने पर जोर दिया।
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चंडीगढ़। सरकार पशुपालकों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने व सुविधाएं मजबूत करने के लिए ठोस व व्यावहारिक कदम उठाने जा रही है। इसके तहत जहां पशु डिस्पेंसरियों और अस्पतालों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा वहीं मत्स्य पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए नजदीकी बाजार उपलब्ध करवाने की कार्य योजना भी तैयार की जाएगी।
चंडीगढ़ में वीरवार को पशुपालन विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पशुपालन, कृषि व किसान कल्याण और मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने बजट-पूर्व परामर्श बैठकों के दौरान उक्त बातों को स्पष्ट किया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन पशु अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और मशीनों की कमी है उन्हें जल्द अपग्रेड किया जाए।
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साथ ही पुराने और जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनों का निर्माण सुनिश्चित किया जाए ताकि पशुओं का समय पर और प्रभावी उपचार हो सके। बैठक में बताया कि वर्ष 2020-21 से अक्तूबर 2025 तक गोशालाओं को लगभग 390.31 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। बेसहारा पशुओं के पुनर्वास व बुनियादी ढांचे के लिए 69.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं जिसमें से 80.56 लाख रुपये चारा अनुदान के रूप में बांटे जा चुके हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों को रोजगार देने के उद्देश्य से अब तक 20,032 लाभार्थियों को फायदा पहुंचाया गया है। भेड़-बकरी पालन योजना के तहत 15 मादा और एक नर इकाई पर 90 फीसदी अनुदान देकर 3,891 लोगों को लाभान्वित किया गया है। महिला सशक्तीकरण के तहत डेयरी इकाइयों पर ब्याज अनुदान और 25 प्रतिशत सब्सिडी से अब तक 14,168 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। साथ ही देशी नस्लों के संरक्षण के लिए 5,000 से 20,000 रुपये प्रति पशु तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
मत्स्य पालन विभाग की बैठक में मंत्री ने कहा कि मत्स्य पालकों को अब मछली बेचने के लिए दूर की मंडियों में नहीं भटकना पड़ेगा। उनके नजदीक ही बाजार उपलब्ध करवाने की योजना बनाई जाए जिससे बेहतर दाम मिल सकें। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप योजनाओं को तेज करने और तालाबों पर सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि भिवानी और सिरसा में 98.90 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जा रहा है। मंत्री ने सभी योजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने पर जोर दिया।