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Chandigarh-Haryana News: अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में दिखेगा देश की कला-संस्कृति का संगम
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- राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब सहित अन्य राज्यों के 100 से अधिक शिल्पकार होंगे शामिल
चंडीगढ़। पिहोवा में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में इस बार देश की कला, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का भव्य व अनोखा संगम देखने को मिलेगा। हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब सहित अन्य राज्यों के कलाकारों और शिल्पकारों को महोत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह महोत्सव 19 जनवरी से 25 जनवरी तक आयोजित होगा जबकि मुख्य कार्यक्रम 19 से 23 जनवरी तक चलेंगे।
महोत्सव का शुभारंभ 19 जनवरी को आदिबद्री से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। 20 और 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दो सत्रों में सरस्वती पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे जिनके अंत में पैनल चर्चा होगी। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रवक्ता के अनुसार 22 जनवरी को राखीगढ़ी व कुनाल में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक प्रदर्शनी व कार्यशालाओं का आयोजन होगा।
23 जनवरी को पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर 31 कुंडीय हवन यज्ञ, मंत्रोच्चारण, 2100 विद्यार्थियों की ओर से सरस्वती वंदना, सायं दीपदान, भजन संध्या और सरस्वती आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। महोत्सव को विशेष पहचान देने के लिए 19 से 25 जनवरी तक सरस मेला भी लगेगा जिसमें 100 से अधिक शिल्पकार भाग लेंगे। इस मेले में शिल्पकला के साथ-साथ विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति, गीत और नृत्यों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
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चंडीगढ़। पिहोवा में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में इस बार देश की कला, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत का भव्य व अनोखा संगम देखने को मिलेगा। हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, पंजाब सहित अन्य राज्यों के कलाकारों और शिल्पकारों को महोत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह महोत्सव 19 जनवरी से 25 जनवरी तक आयोजित होगा जबकि मुख्य कार्यक्रम 19 से 23 जनवरी तक चलेंगे।
महोत्सव का शुभारंभ 19 जनवरी को आदिबद्री से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। 20 और 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में दो सत्रों में सरस्वती पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे जिनके अंत में पैनल चर्चा होगी। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के प्रवक्ता के अनुसार 22 जनवरी को राखीगढ़ी व कुनाल में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक प्रदर्शनी व कार्यशालाओं का आयोजन होगा।
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23 जनवरी को पिहोवा स्थित सरस्वती तीर्थ पर 31 कुंडीय हवन यज्ञ, मंत्रोच्चारण, 2100 विद्यार्थियों की ओर से सरस्वती वंदना, सायं दीपदान, भजन संध्या और सरस्वती आरती के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। महोत्सव को विशेष पहचान देने के लिए 19 से 25 जनवरी तक सरस मेला भी लगेगा जिसमें 100 से अधिक शिल्पकार भाग लेंगे। इस मेले में शिल्पकला के साथ-साथ विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति, गीत और नृत्यों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।