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Chandigarh-Haryana News: इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद बाउंसर की आत्महत्या, महिला को जमानत से इन्कार
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- दूसरे समान मामले में भी महिला पहले से नामजद, ऐसे गंभी मामलों में जमानत उचित नहीं : हाईकोर्ट
- महिला ने खुद को बेकसूर बताते हुए मामले में जमानत देने की लगाई थी याचिका
चंडीगढ़। इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती कर एक बाउंसर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपी महिला को जमानत देने से पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उसका नाम एक अन्य समान मामले में भी सामने आया है ऐसे में उसे जमानत देना उचित नहीं होगा।
प्रिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में खुद को बेकसूर बताते हुए जमानत की मांग की थी। मृतक डिंपल एक अस्पताल में बाउंसर के रूप में कार्यरत था। मृतक के पिता सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि प्रिया नामक महिला जो अंबाला में एक दुकान पर काम करती थी, इंस्टाग्राम के माध्यम से उसके बेटे के संपर्क में आई और बाद में उससे पैसे व महंगे उपहारों की मांग करने लगी। मांगें पूरी न होने पर वह उसे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देती थी।
पूछताछ में आरोपित ने खुद को तलाकशुदा बताया और स्वीकार किया कि उसने मृतक से संबंध बनाए। उससे धन और उपहार मांगे। पुलिस के अनुसार उसने माना कि जब मृतक ने पैसे देने में असमर्थता जताई और आत्महत्या की बात कही तो उसने गुस्से में उसे ऐसा करने को कह दिया। बाद में उसे पता चला कि उसने वास्तव में जहर खाकर जान दे दी। जांच में खुलासा हुआ कि पहले भी इसी तरह एक अन्य व्यक्ति से पैसे ऐंठने के मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। हाईकोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह जमानत का उपयुक्त मामला नहीं है। अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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- महिला ने खुद को बेकसूर बताते हुए मामले में जमानत देने की लगाई थी याचिका
चंडीगढ़। इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती कर एक बाउंसर को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपी महिला को जमानत देने से पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उसका नाम एक अन्य समान मामले में भी सामने आया है ऐसे में उसे जमानत देना उचित नहीं होगा।
प्रिया ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में खुद को बेकसूर बताते हुए जमानत की मांग की थी। मृतक डिंपल एक अस्पताल में बाउंसर के रूप में कार्यरत था। मृतक के पिता सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि प्रिया नामक महिला जो अंबाला में एक दुकान पर काम करती थी, इंस्टाग्राम के माध्यम से उसके बेटे के संपर्क में आई और बाद में उससे पैसे व महंगे उपहारों की मांग करने लगी। मांगें पूरी न होने पर वह उसे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देती थी।
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पूछताछ में आरोपित ने खुद को तलाकशुदा बताया और स्वीकार किया कि उसने मृतक से संबंध बनाए। उससे धन और उपहार मांगे। पुलिस के अनुसार उसने माना कि जब मृतक ने पैसे देने में असमर्थता जताई और आत्महत्या की बात कही तो उसने गुस्से में उसे ऐसा करने को कह दिया। बाद में उसे पता चला कि उसने वास्तव में जहर खाकर जान दे दी। जांच में खुलासा हुआ कि पहले भी इसी तरह एक अन्य व्यक्ति से पैसे ऐंठने के मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। हाईकोर्ट ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह जमानत का उपयुक्त मामला नहीं है। अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।