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Chandigarh-Haryana News: चाइनीज मांझा की अब न बिक्री होगी और न इस्तेमाल, पकड़े गए तो सख्त कार्रवाई तय
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- प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, एसएसपी, रेंज अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अलर्ट के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में जन सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता देते हुए हरियाणा सरकार ने चाइनीज मांझा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू कर दिया है। पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग की अधिसूचना के तहत कांच, धातु या नुकीले पदार्थों से लेपित पतंग डोर के उत्पादन, भंडारण, बिक्री, आपूर्ति, आयात और उपयोग पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। अब पुलिस ने निर्देश जारी किए है कि बाजारों और अन्य इलाकों में सघन निगरानी रखते हुए प्रतिबंधित मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएं।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, एसएसपी, रेंज अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नियमित जांच और जब्ती अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि केवल साधारण सूती डोर से ही पतंग उड़ाने की अनुमति होगी जिसमें किसी प्रकार का कांच, धातु या रासायनिक लेप न हो। प्रतिबंधित मांझे का प्रयोग न केवल कानूनन अपराध है बल्कि इसे मानव जीवन, पशु-पक्षियों और सार्वजनिक संपत्ति के लिए गंभीर खतरा भी बताया गया है।
सरकार ने जन जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया है। बाजारों, स्कूलों और सामुदायिक स्तर पर लोगों को चाइनीज मांझे के खतरों से अवगत कराने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं प्रतिबंधित मांझा की बिक्री या उपयोग नजर आए तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने साफ संदेश दिया है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और चाइनीज मांझा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मांझे से सड़क हादसे, गंभीर चोटें और पक्षियों की मौत जैसी घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं। इसलिए अब प्रदेश में सख्ती से कार्रवाई होगी और नियम तोड़ने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
सरकार और पुलिस का मानना है कि इस कड़े कदम से लोगों की जान बचाने, पक्षियों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षित पतंगबाजी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। लोगों से कानून का पालन करते हुए केवल सुरक्षित सूती डोर वाली पतंग उड़ाने की अपील की गई है ताकि यह किसी के लिए खतरा न बने।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में जन सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता देते हुए हरियाणा सरकार ने चाइनीज मांझा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू कर दिया है। पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग की अधिसूचना के तहत कांच, धातु या नुकीले पदार्थों से लेपित पतंग डोर के उत्पादन, भंडारण, बिक्री, आपूर्ति, आयात और उपयोग पर पूर्ण रोक लगा दी गई है। अब पुलिस ने निर्देश जारी किए है कि बाजारों और अन्य इलाकों में सघन निगरानी रखते हुए प्रतिबंधित मांझा बेचने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएं।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्तों, एसएसपी, रेंज अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नियमित जांच और जब्ती अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि केवल साधारण सूती डोर से ही पतंग उड़ाने की अनुमति होगी जिसमें किसी प्रकार का कांच, धातु या रासायनिक लेप न हो। प्रतिबंधित मांझे का प्रयोग न केवल कानूनन अपराध है बल्कि इसे मानव जीवन, पशु-पक्षियों और सार्वजनिक संपत्ति के लिए गंभीर खतरा भी बताया गया है।
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सरकार ने जन जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया है। बाजारों, स्कूलों और सामुदायिक स्तर पर लोगों को चाइनीज मांझे के खतरों से अवगत कराने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं प्रतिबंधित मांझा की बिक्री या उपयोग नजर आए तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने साफ संदेश दिया है कि जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और चाइनीज मांझा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मांझे से सड़क हादसे, गंभीर चोटें और पक्षियों की मौत जैसी घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं। इसलिए अब प्रदेश में सख्ती से कार्रवाई होगी और नियम तोड़ने वालों को किसी भी हालत में नहीं छोड़ा जाएगा।
सरकार और पुलिस का मानना है कि इस कड़े कदम से लोगों की जान बचाने, पक्षियों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षित पतंगबाजी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। लोगों से कानून का पालन करते हुए केवल सुरक्षित सूती डोर वाली पतंग उड़ाने की अपील की गई है ताकि यह किसी के लिए खतरा न बने।