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चिराग : अब आठ लाख वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों को भी मिलेगा लाभ
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-पहली बार सरकार ने परिवार की आयसीमा 1.80 लाख से बढ़ाकर 8 लाख की, अब ज्यादा छात्रों को मिलेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अब आठ लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चाें को भी चिराग योजना का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए सरकार ने नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। पहले यह आय सीमा केवल 1.80 लाख रुपये थी। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाखों ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी जो इस दायरे से बाहर थे।
इस योजना का लाभ बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मिलना शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए कक्षा छह से 12वीं तक दाखिले का पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है। हरियाणा में यह योजना शैक्षणिक सत्र 2022-23 में शुरू हुई थी। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे निजी स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। सरकार प्राइमरी कक्षा के लिए प्रति विद्यार्थी 700 रुपये प्रतिमाह, छठी से आठवीं तक के लिए 900 व 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए 1100 रुपये प्रतिमाह स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि के रूप में देती है। योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलता है जिन्होंने इससे पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है।
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15 फरवरी से शुरू हो जाएगी दाखिले की प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने वाले स्कूलों को 15 फरवरी 2026 तक विभागीय वेबसाइट पर सहमति देनी होगी। उसके बाद 10 मार्च से उन स्कूलों में उपलब्ध सीटों का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद अभिभावक 13 मार्च से 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अगर किसी कक्षा में आवेदन सीटों से अधिक हुए तो 1 से 5 अप्रैल के बीच पारदर्शी तरीके से लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी में चयनित छात्रों का दाखिला 15 अप्रैल तक सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि प्रतीक्षा सूची से 30 अप्रैल तक दाखिले किए जा सकेंगे।
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पिछली बार पोर्टल पर दिखाई थी 34,271 सीटें, योग्य केवल 2500 मिले
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रदेशभर के 700 निजी स्कूलों ने दाखिले के लिए 34,271 सीटें शिक्षा विभाग के पोर्टल पर दिखाई थी। शिक्षा विभाग ने केवल 2500 विद्यार्थियों को दाखिले के योग्य करार दिया। इसका कारण था कि कई विद्यार्थियों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) नहीं मिले थे तो कई विद्यार्थियों के 6 नंबर फॉर्म नहीं जमा थे। इनके बाद पांचवीं से आठवीं कक्षा तक 1,418 दाखिले हुए थे।
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सबसे ज्यादा नौवीं के लिए खाली दिखाईं सीटें
5वीं- 472
6वीं -4197
7वीं -4202
8वीं -4274
9वीं -4754
10वीं -4533
11वीं -4234
12वीं -4005
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दो से तीन गुना विद्यार्थियों की वृद्धि संभावित : प्राइवेट स्कूल एसो.
हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यवान कुंडू के मुताबिक अब विद्यार्थियों की संख्या दो से तीन गुना वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, यह पूरी तरह दाखिला प्रक्रिया पर निर्भर करता है। निजी स्कूलों का सहमति देना या ना देना उनकी मर्जी पर है। इसके बाद शिक्षा विभाग की तरफ से छंटनी की जाती है फिर जाकर असल में उन बच्चों की संख्या सामने आती है जिनको लाभ मिलेगा।
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योजना का लाभ पाने के लिए इन शर्तों का करना होगा पालन
-विद्यार्थी अपने वर्तमान खंड के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में उपलब्ध सीटों पर आवेदन कर सकते हैं।
- एक छात्र खंड में एक से अधिक विद्यालयों में भी दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है।
- जिस मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय को अभिभावक/छात्र द्वारा आवेदन पत्र दिया जाएगा, वह पावती (रसीद) अवश्य देगा।
- सफल विद्यार्थियों को पिछले सरकारी विद्यालय से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) लेना अनिवार्य होगा।
- दाखिले के लिए छात्र के पास फैमिली आईडी या परिवार पहचान पत्र (पीपीपी नंबर) होना अनिवार्य है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में अब आठ लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चाें को भी चिराग योजना का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए सरकार ने नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। पहले यह आय सीमा केवल 1.80 लाख रुपये थी। इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाखों ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी जो इस दायरे से बाहर थे।
इस योजना का लाभ बच्चों को नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मिलना शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए कक्षा छह से 12वीं तक दाखिले का पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है। हरियाणा में यह योजना शैक्षणिक सत्र 2022-23 में शुरू हुई थी। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे निजी स्कूलों में दाखिला ले सकते हैं। सरकार प्राइमरी कक्षा के लिए प्रति विद्यार्थी 700 रुपये प्रतिमाह, छठी से आठवीं तक के लिए 900 व 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए 1100 रुपये प्रतिमाह स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि के रूप में देती है। योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलता है जिन्होंने इससे पहले सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है।
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15 फरवरी से शुरू हो जाएगी दाखिले की प्रक्रिया
योजना का लाभ लेने वाले स्कूलों को 15 फरवरी 2026 तक विभागीय वेबसाइट पर सहमति देनी होगी। उसके बाद 10 मार्च से उन स्कूलों में उपलब्ध सीटों का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद अभिभावक 13 मार्च से 30 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अगर किसी कक्षा में आवेदन सीटों से अधिक हुए तो 1 से 5 अप्रैल के बीच पारदर्शी तरीके से लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी में चयनित छात्रों का दाखिला 15 अप्रैल तक सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि प्रतीक्षा सूची से 30 अप्रैल तक दाखिले किए जा सकेंगे।
पिछली बार पोर्टल पर दिखाई थी 34,271 सीटें, योग्य केवल 2500 मिले
शैक्षणिक सत्र 2024-25 में प्रदेशभर के 700 निजी स्कूलों ने दाखिले के लिए 34,271 सीटें शिक्षा विभाग के पोर्टल पर दिखाई थी। शिक्षा विभाग ने केवल 2500 विद्यार्थियों को दाखिले के योग्य करार दिया। इसका कारण था कि कई विद्यार्थियों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) नहीं मिले थे तो कई विद्यार्थियों के 6 नंबर फॉर्म नहीं जमा थे। इनके बाद पांचवीं से आठवीं कक्षा तक 1,418 दाखिले हुए थे।
सबसे ज्यादा नौवीं के लिए खाली दिखाईं सीटें
5वीं- 472
6वीं -4197
7वीं -4202
8वीं -4274
9वीं -4754
10वीं -4533
11वीं -4234
12वीं -4005
दो से तीन गुना विद्यार्थियों की वृद्धि संभावित : प्राइवेट स्कूल एसो.
हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यवान कुंडू के मुताबिक अब विद्यार्थियों की संख्या दो से तीन गुना वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, यह पूरी तरह दाखिला प्रक्रिया पर निर्भर करता है। निजी स्कूलों का सहमति देना या ना देना उनकी मर्जी पर है। इसके बाद शिक्षा विभाग की तरफ से छंटनी की जाती है फिर जाकर असल में उन बच्चों की संख्या सामने आती है जिनको लाभ मिलेगा।
योजना का लाभ पाने के लिए इन शर्तों का करना होगा पालन
-विद्यार्थी अपने वर्तमान खंड के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में उपलब्ध सीटों पर आवेदन कर सकते हैं।
- एक छात्र खंड में एक से अधिक विद्यालयों में भी दाखिले के लिए आवेदन कर सकता है।
- जिस मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय को अभिभावक/छात्र द्वारा आवेदन पत्र दिया जाएगा, वह पावती (रसीद) अवश्य देगा।
- सफल विद्यार्थियों को पिछले सरकारी विद्यालय से स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) लेना अनिवार्य होगा।
- दाखिले के लिए छात्र के पास फैमिली आईडी या परिवार पहचान पत्र (पीपीपी नंबर) होना अनिवार्य है।
