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Chandigarh-Haryana News: दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को मंजूरी, कुरुक्षेत्र होते हुए पंचकूला तक विस्तार

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-कैबिनेट के तीन बड़े फैसले : आरआरटीएस, मेट्रो और ऑर्बिटल रेल प्रोजेक्ट को हरी झंडी
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-खरखाैदा, मानेसर, सोहना आदि औद्योगिक शहरों के लिए संशोधित परियोजना मंजूर



अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। हरियाणा मंत्रिमंडल ने प्रदेश में परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए तीन बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। दिल्ली-पानीपत-करनाल तक नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) कॉरिडोर को स्वीकृति मिल गई है। साथ ही इस कॉरिडोर को आगे कुरुक्षेत्र और साहा होते हुए पंचकूला तक विस्तार देने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि यह परियोजना केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) के सहयोग से विकसित की जाएगी। दिल्ली से करनाल तक इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 136.30 किलोमीटर होगी, जिस पर करीब 33,051.15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। हरियाणा सरकार इस परियोजना में 7,472.11 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
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परियोजना के तहत 11 स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत स्टेशनों के आसपास उच्च फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) की अनुमति दी जाएगी जिससे परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता को मजबूती मिलेगी।



रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर को भी मंजूरी

कैबिनेट ने रिठाला-नरेला-कुंडली (फेज-4) मेट्रो कॉरिडोर के हरियाणा हिस्से की संशोधित डीपीआर को भी मंजूरी दी है। इसके तहत मेट्रो लाइन को नरेला से कुंडली तक 2.76 किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा। कुंडली और नाथुपुर में दो एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण होगा। हरियाणा हिस्से पर करीब 545.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे जिसमें केंद्र सरकार 97.30 करोड़ रुपये का योगदान देगी।



ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से जुड़े औद्योगिक शहर

हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (एचओआरसी) परियोजना की संशोधित लागत को भी मंजूरी दी गई है। अब इस परियोजना की लागत बढ़कर 11,709 करोड़ रुपये हो गई है जो पहले 5,618 करोड़ रुपये थी। लागत बढ़ने के पीछे जीएसटी दर में वृद्धि, जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी और निर्माण लागत में इजाफा प्रमुख कारण बताए गए हैं। यह कॉरिडोर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ेगा जिससे माल ढुलाई आसान होगी और औद्योगिक गतिविधियों , माल ढुलाई होगी आसानको गति मिलेगी।
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