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Chandigarh-Haryana News: आज जींद में कर्मचारी-मजदूर-किसान महासम्मेलन
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- आंदोलन का होगा एलान : सुभाष लांबा
चंडीगढ़। कर्मचारी, मजदूर और किसान संगठनों की ओर से वीरवार को जींद की जाट धर्मशाला में राज्य स्तरीय महासम्मेलन कराया जाएगा। महासम्मेलन में केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी, कर्मचारी-मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। यह जानकारी अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने दी।
उन्होंने बताया कि महासम्मेलन में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) के घटक संगठनों, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, केंद्रीय ट्रेड यूनियन सीटू, एटक, इंटक, एचएमएस, एआईयूटीयूसी और संयुक्त किसान मोर्चा के हजारों प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैंक और बीमा कर्मियों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।
सुभाष लांबा ने आरोप लगाया कि सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों के अधिकार छीने हैं, बिजली निजीकरण की तैयारी है और मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है। ठेका कर्मचारियों, पेंशन, वेतन आयोग, खाली पदों पर भर्ती और बकाया डीए-डीआर की अनदेखी से नाराज संगठनों ने संयुक्त आंदोलन का फैसला लिया है।
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चंडीगढ़। कर्मचारी, मजदूर और किसान संगठनों की ओर से वीरवार को जींद की जाट धर्मशाला में राज्य स्तरीय महासम्मेलन कराया जाएगा। महासम्मेलन में केंद्र व राज्य सरकार की जनविरोधी, कर्मचारी-मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। यह जानकारी अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने दी।
उन्होंने बताया कि महासम्मेलन में नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) के घटक संगठनों, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, केंद्रीय ट्रेड यूनियन सीटू, एटक, इंटक, एचएमएस, एआईयूटीयूसी और संयुक्त किसान मोर्चा के हजारों प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैंक और बीमा कर्मियों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।
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सुभाष लांबा ने आरोप लगाया कि सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर मजदूरों के अधिकार छीने हैं, बिजली निजीकरण की तैयारी है और मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है। ठेका कर्मचारियों, पेंशन, वेतन आयोग, खाली पदों पर भर्ती और बकाया डीए-डीआर की अनदेखी से नाराज संगठनों ने संयुक्त आंदोलन का फैसला लिया है।