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Punjab: पीएचडीसीसीआई ने शुरू किया प्रोजेक्ट उड़ान, राज्यपाल कटारिया ने किया कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन
Sun, 12 Jul 2026 03:26 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 12 Jul 2026 03:26 PM IST
सार
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया।
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राज्यपाल ने किया कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम तथा पंजाब स्टेट चैप्टर ने स्टूडियो बाय हिमानी अरोड़ा के सहयोग से केंद्रीय जेल, अमृतसर में स्थापित पीएचडीसीसीआई कौशल विकास केंद्र में ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए करण गिल्होत्रा, चेयर, पंजाब स्टेट चैप्टर, पीएचडीसीसीआई ने कहा कि यह कौशल विकास केंद्र महिला बंदियों के पुनर्वास और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पीएचडीसीसीआई का उद्देश्य महिलाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानपूर्वक समाज में अपना जीवन पुनः स्थापित कर सकें।
हिमानी अरोड़ा, चेयर, रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम, पीएचडीसीसीआई तथा प्रोजेक्ट उड़ान की प्रमुख संचालक ने बताया कि स्टूडियो बाय हिमानी अरोड़ा के माध्यम से महिला बंदियों को सिलाई, कढ़ाई, टेक्सटाइल क्राफ्ट और आधुनिक फैशन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल कौशल सिखाना नहीं, बल्कि महिलाओं को रचनात्मकता और उद्यमिता के माध्यम से सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ सामाजिक उद्यमिता का एक सफल मॉडल बनकर उभरेगा और उद्योग एवं समाज के सहयोग से अनेक जीवनों में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
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इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए करण गिल्होत्रा, चेयर, पंजाब स्टेट चैप्टर, पीएचडीसीसीआई ने कहा कि यह कौशल विकास केंद्र महिला बंदियों के पुनर्वास और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पीएचडीसीसीआई का उद्देश्य महिलाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, ताकि रिहाई के बाद वे सम्मानपूर्वक समाज में अपना जीवन पुनः स्थापित कर सकें।
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हिमानी अरोड़ा, चेयर, रीजनल फैशन टेक्स टेक फोरम, पीएचडीसीसीआई तथा प्रोजेक्ट उड़ान की प्रमुख संचालक ने बताया कि स्टूडियो बाय हिमानी अरोड़ा के माध्यम से महिला बंदियों को सिलाई, कढ़ाई, टेक्सटाइल क्राफ्ट और आधुनिक फैशन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल कौशल सिखाना नहीं, बल्कि महिलाओं को रचनात्मकता और उद्यमिता के माध्यम से सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ सामाजिक उद्यमिता का एक सफल मॉडल बनकर उभरेगा और उद्योग एवं समाज के सहयोग से अनेक जीवनों में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
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मुख्य अतिथि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपने संबोधन में पीएचडीसीसीआई और रीजनल फैशन टेक्स एंड टेक फोरम की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और श्रम की गरिमा के माध्यम से पुनर्वास ही समावेशी समाज के निर्माण का आधार है। उन्होंने उद्योग और सरकार के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि सामाजिक परिवर्तन के लिए स्थायी अवसर सृजित किए जा सकें।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन करने के साथ-साथ केंद्र को सिलाई मशीनें भी भेंट कीं और महिला बंदियों से संवाद कर उन्हें प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह (आईएएस), केंद्रीय जेल अमृतसर के अधीक्षक राजीव कुमार अरोड़ा, पीएचडीसीसीआई अमृतसर ज़ोन के संयोजक सीए जयदीप सिंह, सह-संयोजक निपुण अग्रवाल तथा सहायक सचिव सुमित कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में एसएस मान (आईपीएस), उप महानिरीक्षक, जेल, अमृतसर रेंज ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पीएचडीसीसीआई एवं उसके सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके सफल पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में लगभग 200 महिला बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे नए कौशल सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का सशक्त माध्यम बताया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन करने के साथ-साथ केंद्र को सिलाई मशीनें भी भेंट कीं और महिला बंदियों से संवाद कर उन्हें प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह (आईएएस), केंद्रीय जेल अमृतसर के अधीक्षक राजीव कुमार अरोड़ा, पीएचडीसीसीआई अमृतसर ज़ोन के संयोजक सीए जयदीप सिंह, सह-संयोजक निपुण अग्रवाल तथा सहायक सचिव सुमित कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में एसएस मान (आईपीएस), उप महानिरीक्षक, जेल, अमृतसर रेंज ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए पीएचडीसीसीआई एवं उसके सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके सफल पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में लगभग 200 महिला बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे नए कौशल सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने तथा बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का सशक्त माध्यम बताया।