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हरियाणा में नए मुख्य सचिव की दौड़: मौजूदा मुख्य सचिव का सेवा विस्तार 30 जून तक, जानें किसकी दावेदारी मजबूत

आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 08 Jun 2026 09:55 AM IST
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सार

अनुराग रस्तोगी के बाद मुख्य सचिव पद की दौड़ में जिन अधिकारियों के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं, उनमें वरिष्ठ 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल, इसी बैच की सुमिता मिश्रा और 1992 बैच के आईएएस अरुण कुमार गुप्ता का नाम शामिल हैं।

Haryana new Chief Secretary Incumbent tenure extended until June 30
सुधीर राजपाल, अरुण गुप्ता और सुमिता मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हरियाणा में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मौजूदा मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का सेवा विस्तार 30 जून को समाप्त होने जा रहा है। 



स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते उन्हें दोबारा से सेवाविस्तार मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। ऐसे में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक पद पर नई नियुक्ति को लेकर कयासों का दौर तेज हो गया है।
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अनुराग रस्तोगी के बाद मुख्य सचिव पद की दौड़ में जिन अधिकारियों के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं, उनमें वरिष्ठ 1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल, इसी बैच की सुमिता मिश्रा और 1992 बैच के आईएएस अरुण कुमार गुप्ता का नाम शामिल हैं।
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हरियाणा आईएएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची के अनुसार 1990 बैच के अधिकारी सुधीर राजपाल सबसे वरिष्ठ हैं। उनके बाद 1990 बैच की ही अधिकारी सुमिता मिश्रा का नाम आता है। वरिष्ठता के आधार पर दोनों अधिकारियों को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं, 1992 बैच के आईएएस अधिकारी अरुण गुप्ता का नाम भी चर्चा में है।

ये अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार

सुधीर राजपाल : 1990 बैच के सुधीर राजपाल हरियाणा के आईएएस अधिकारियों में सबसे वरिष्ठ हैं। मौजूदा समय में वह राज्य के गृह सचिव हैं और वन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे यूपीएससी के टॉपर रहे हैं। उनकी रैंक 2 थी। वे सभी महत्वपूर्ण विभाग देख चुके हैं और हर विभाग में काम करते वक्त अपनी विशेष छाप छोड़ी है। साल 2024 में जब लिंगानुपात गिर गया था तो सरकार ने उन्हें जिम्मेदारी दी और लिंगानुपात को रिकॉर्ड स्तर पर लेकर आए। वे इसी साल नवंबर में रिटायर हो जाएंगे।

सुमिता मिश्रा : 1990 बैच की सुमिता मिश्रा वित्तीय आयुक्त (एफसीआर) हैं और उनके पास स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है। वे आईएएस अधिकारियों की वरिष्ठा सूची में नंबर दो पर हैं। आमतौर पर हरियाणा सरकार एफसीआर का पद मुख्य सचिव के बाद राज्य के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी देती है, मगर राज्य सरकार ने सुधीर राजपाल के बजाय मिश्रा पर भरोसा जताते हुए एफसीआर का पद सौंपा। एफसीआर के पद पर रहते हुए उन्होंने कई सुधार किए हैं, जिनमें पेपरलेस रजिस्ट्री, आटोमैटिक म्यूटेशन, संपत्तियों का ऑनलाइन शामिल है। गृह सचिव रहते हुए भी उनकी परफार्मेंस काफी मजबूत रही थी। उनके समय ही ट्रेवलिंग एजेंट, गैंबलिंग एक्ट समेत कई बिल लाए गए थे। वे जनवरी 2027 में रिटायर होंगी।

अरुण कुमार गुप्ता : 1992 बैच के अरुण कुमार गुप्ता मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव हैं और वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। प्रधान सचिव होने के नाते उनकी गिनती सरकार के विश्वासपात्रों में होती है। बैंक घोटाले में सरकार की ओर से गठित जांच कमेटी का जिम्मा हरियाणा सरकार ने उन्हें ही सौंपा था। वे भी राज्य के सभी प्रमुख विभाग को संभाल चुके हैं। साल 2026-27 के बजट से पहले जब वित्त सचिव व मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी बीमार पड़ गए थे तो राज्य सरकार ने वित्त विभाग की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। समय पर बजट बनाने में उनकी अहम भूमिका रही थी। वे इसी साल 30 सितंबर को रिटायर हो रहे हैं।

इनके नाम की भी चर्चा

मुख्य सचिव की दौड़ में कई और अफसरों के नाम की भी चर्चा चल रही है। हालांकि इनमें से अधिकतर अफसर केंद्र में कार्यरत हैं। इनमें मुख्य रूप से 1991 बैच के अनिल मलिक जो केंद्र में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, तत्कालीन सीएम के पूर्व प्रधान सचिव 1993 बैच के वी उमाशंकर भी केंद्र में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात हैं। हालांकि उमाशंकर के बारे में कहा जा रहा है कि वे और उनकी पत्नी दीप्ति उमाशंकर केंद्र में तैनात हैं। ऐसे में वे अब हरियाणा में आना नहीं चाहते।

अनुराग रस्तोगी को इन विभाग में किया जा सकता है एडजस्ट

सेवा विस्तार नहीं मिलने की स्थिति में हरियाणा सरकार अनुराग रस्तोगी को किसी बड़े पद पर एडजस्ट कर सकती है। पिछले दिनों हरियाणा सरकार ने उन्हें सेवा का अधिकार का चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है और उनके स्थायी चेयरमैन बनने के काफी चांस हैं। दरअसल राज्य सरकार ने टीसी गुप्ता के सेवानिवृत्ति के बाद नई नियुक्ति के लिए कोई विज्ञापन भी नहीं निकाला है। इसके अलावा उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का चेयरमैन बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।

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