{"_id":"6a620689d834ee778b02e405","slug":"haryana-presents-roadmap-for-education-reform-at-national-conference-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-1077781-2026-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: हरियाणा ने राष्ट्रीय सम्मेलन में रखा शिक्षा सुधार का रोडमैप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: हरियाणा ने राष्ट्रीय सम्मेलन में रखा शिक्षा सुधार का रोडमैप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय सम्मेलन में शिक्षक प्रशिक्षण के लिए आईआईटी-आईआईएम जैसे संस्थानों की भागीदारी का सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नई दिल्ली में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में हरियाणा ने भविष्य की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक प्रशिक्षण को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षक ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास से युक्त पीढ़ी तैयार करेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में ढांडा ने कहा कि हरियाणा की शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्यालयों को ऐसे संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां हर बच्चे को उसकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आईआईटी, आईआईएम और सीएसआईआर जैसे देश के अग्रणी संस्थानों की प्रत्यक्ष भागीदारी का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे शिक्षकों को नई तकनीक, शोध आधारित शिक्षण पद्धतियों और बदलती शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा जिससे स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और मजबूत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नई दिल्ली में आयोजित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में हरियाणा ने भविष्य की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक प्रशिक्षण को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा जब शिक्षक ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास से युक्त पीढ़ी तैयार करेंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में ढांडा ने कहा कि हरियाणा की शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्यालयों को ऐसे संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है जहां हर बच्चे को उसकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाने के लिए आईआईटी, आईआईएम और सीएसआईआर जैसे देश के अग्रणी संस्थानों की प्रत्यक्ष भागीदारी का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे शिक्षकों को नई तकनीक, शोध आधारित शिक्षण पद्धतियों और बदलती शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा जिससे स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता और मजबूत होगी।
विज्ञापन