हरियाणा राज्यसभा चुनाव: निर्दलीय देवेंद्र कादियान का बड़ा दावा, कहा-इनेलो विधायक गए थे नांदल का नामांकन कराने
हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर भाजपा और कांग्रेस को जीत मिली है। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल हार गए थे।
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निर्दलीय विधायक देवेंद्र कादियान ने राज्यसभा चुनाव में इनेलो की भूमिका को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को जीत के लिए सिर्फ एक वोट की कमी रह गई थी। यदि इनेलो विधायक वोट डालते तो परिणाम कुछ और होता। जबकि सतीश नांदल का नामांकन कराने निर्दलीय और इनेलो विधायक साथ गए थे।
कादियान ने आरोप लगाया कि इनेलो ने अंत समय में चुनाव से पीछे हटने का फैसला किया जबकि पहले दिन से उन्होंने ही शुरुआत की थी। बाद में क्यों पलटे, समझ नहीं आया। निर्दलीय विधायक ने कहा, इनेलो प्रमुख अभय चौटाला ने भी साथ देने का आश्वासन दिया था।
कादियान का आरोप झूठा, इनेलो की छवि खराब कर रहे : आदित्य
डबवाली से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने देवेंद्र कादयान के बयान को झूठा और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि इनेलो के विधायक न तो नामांकन प्रक्रिया में शामिल थे और न पार्टी की इसमें कोई भूमिका रही। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हार के बाद भाजपा और उसके समर्थक इनेलो की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। नामांकन की पूरी प्रक्रिया मीडिया के सामने हुई थी और उस समय केवल निर्दलीय विधायक मौजूद थे। सहमति पत्र में भी इनेलो का उल्लेख नहीं है। देवीलाल ने कादियान को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपना बयान वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें अन्यथा उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज किया जाएगा।
कांग्रेस के तीन विधायकों ने जानबूझकर अपने वोट रद्द कराए
कादियान ने कांग्रेस के रद्द हुए तीन वोटों पर कहा, कांग्रेस के जो तीन वोट रद्द हुए उनमें एक ही पेन से निशान लगे थे। जिस पेन से वोट का निशान लगाया था उसी से मतपत्र पर निशान लगाया गया। यह तकनीकी गलती नहीं है। कांग्रेस विधायकों ने यह जानबूझकर किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस के पांच विधायकों ने निर्दलीय प्रत्याशी को वोट दिया।