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Chandigarh-Haryana News: हरियाणा आपराधिक न्याय व्यवस्था में देशभर में प्रथम
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-ई-समन और ई-चार्जशीट व्यवस्था से न्यायिक प्रक्रिया हुई अधिक पारदर्शी और प्रभावी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह जानकारी सोमवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में दी गई।
यह बैठक अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस) और अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) की 33वीं राज्य स्तरीय शीर्ष समिति की थी। बैठक में बताया गया कि 7 जून 2026 से हरियाणा राष्ट्रीय नए आपराधिक कानून डैशबोर्ड पर पहले स्थान पर बना हुआ है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, राज्य पिछले 59 महीनों में 44 बार इस राष्ट्रीय डैशबोर्ड में शीर्ष स्थान प्राप्त कर चुका है। अप्रैल 2026 में भी हरियाणा प्रगति डैशबोर्ड में प्रथम स्थान पर रहा था। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी न्यायालय अब न्यायालय सूचना प्रणाली के माध्यम से ई-समन जारी कर रहे हैं। पुलिस और न्यायालयों के बेहतर समन्वय के कारण ई-आरोपपत्र की स्वीकार्यता 90 फीसदी से अधिक हो गई है।
तकनीक के उपयोग पर जोर
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पुलिसिंग और न्यायिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है। बैठक में अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली 2.0 (आईसीजेएस 2.0) के तहत 34 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा ने नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह जानकारी सोमवार को मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में दी गई।
यह बैठक अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणाली (सीसीटीएनएस) और अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस) की 33वीं राज्य स्तरीय शीर्ष समिति की थी। बैठक में बताया गया कि 7 जून 2026 से हरियाणा राष्ट्रीय नए आपराधिक कानून डैशबोर्ड पर पहले स्थान पर बना हुआ है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, राज्य पिछले 59 महीनों में 44 बार इस राष्ट्रीय डैशबोर्ड में शीर्ष स्थान प्राप्त कर चुका है। अप्रैल 2026 में भी हरियाणा प्रगति डैशबोर्ड में प्रथम स्थान पर रहा था। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि राज्य के सभी न्यायालय अब न्यायालय सूचना प्रणाली के माध्यम से ई-समन जारी कर रहे हैं। पुलिस और न्यायालयों के बेहतर समन्वय के कारण ई-आरोपपत्र की स्वीकार्यता 90 फीसदी से अधिक हो गई है।
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तकनीक के उपयोग पर जोर
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पुलिसिंग और न्यायिक प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है। बैठक में अंतर-संचालनीय आपराधिक न्याय प्रणाली 2.0 (आईसीजेएस 2.0) के तहत 34 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।