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भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों समेत कई क्षेत्रों के हित प्रभावित होंगे : दीपेंद्र
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आड़ में केंद्र सरकार किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के हितों से समझौता कर रही है। यह बराबरी का समझौता नहीं बल्कि आर्थिक दबाव है। पटना में पत्रकार वार्ता के दौरान हुड्डा ने कहा कि अगर मक्का, ज्वार, सोयाबीन और कपास जैसे उत्पाद शून्य शुल्क पर आयात होंगे तो देश के किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपने किसानों को भारी अनुदान देता है जबकि भारतीय किसान सीमित सहायता में खेती कर रहा है। ऐसे में शुल्क मुक्त आयात से प्रतिस्पर्धा असमान हो जाएगी। कपास और वस्त्र उद्योग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान प्रभावित होंगे।
ऊर्जा सुरक्षा पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि सस्ते कच्चे तेल के विकल्प छोड़कर महंगे आयात की बाध्यता देशहित में नहीं है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर खरीद का प्रावधान बराबरी के आधार पर है। कांग्रेस पार्टी देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता से समझौता नहीं होने देगी।
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चंडीगढ़। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की आड़ में केंद्र सरकार किसानों, बिजली उपभोक्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के हितों से समझौता कर रही है। यह बराबरी का समझौता नहीं बल्कि आर्थिक दबाव है। पटना में पत्रकार वार्ता के दौरान हुड्डा ने कहा कि अगर मक्का, ज्वार, सोयाबीन और कपास जैसे उत्पाद शून्य शुल्क पर आयात होंगे तो देश के किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका अपने किसानों को भारी अनुदान देता है जबकि भारतीय किसान सीमित सहायता में खेती कर रहा है। ऐसे में शुल्क मुक्त आयात से प्रतिस्पर्धा असमान हो जाएगी। कपास और वस्त्र उद्योग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान प्रभावित होंगे।
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ऊर्जा सुरक्षा पर बोलते हुए हुड्डा ने कहा कि सस्ते कच्चे तेल के विकल्प छोड़कर महंगे आयात की बाध्यता देशहित में नहीं है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर खरीद का प्रावधान बराबरी के आधार पर है। कांग्रेस पार्टी देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता से समझौता नहीं होने देगी।