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Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में वीबी जी राम जी को लागू होने में अभी समय लगेगा
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- पहले की तरह होते रहेंगे काम, 30 मार्च तक प्रदेश में जारी हो चुके हैं 15.57 लाख जाॅब कार्ड
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) को लागू होने में अभी समय लगेगा। केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर वीबी जी राम जी को लागू कर रही है। प्रदेश में योजना को लेकर काम जारी है। केंद्र से दिशा-निर्देश मिलते ही आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से नियमित कार्य जारी रहेंगे।
प्रदेश में 30 मार्च तक के ब्योरे के अनुसार 15.57 लाख जाॅब कार्ड जारी हुए हैं जिनमें सक्रिय जाॅब कार्ड की संख्या 5.42 लाख है। जाॅब कार्ड के माध्यम से 26.34 लाख मजदूरों ने कार्य किया। सक्रिय मजदूरों की बात करें तो इनकी संख्या 7.99 लाख है। अभी तक मनरेगा के तहत 15,619 कार्य पूरे हो चुके हैं। मनरेगा में 30 मार्च तक 43238.92 लाख रुपये खर्च हुए हैं। नए वित्तीय वर्ष में कार्य कराने के लिए अधिकतर पंचायतों में ग्राम सभाएं हो चुकी हैं। ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों पर काम होना है। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार का कहना है कि जो भी केंद्र सरकार के नियम और निर्देश होंगे उन्हीं के अनुसार योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। स्पष्ट निर्देश मिलने पर विस्तृत कार्य योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
15 के बजाय अब 7 दिनों में होगा मजदूरों को भुगतान
देशभर में मनरेगा के तहत सर्वाधिक मजदूरी हरियाणा में 400 रुपये प्रति दिन है। एक अप्रैल से मजदूरी का निर्धारण भी केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। हरियाणा की बात करें तो वीबी जी राम जी के तहत योजना पर कार्य कराने के लिए पंचायती राज विभाग के बजट में वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 610 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार 60 प्रतिशत बजट देगी और 40 प्रतिशत का प्रबंध राज्य सरकार करेगी। मजदूरों को 100 के बजाय 125 दिन काम मिलेगा। नई योजना के तहत मजदूरों को 15 के बजाय 7 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान होगा। देरी होने पर मुआवजे के साथ मजदूरी का भुगतान करना होगा और जो भी अधिकारी लापरवाही के लिए जिम्मेदार होंगे उनकी जवाबदेही भी तय होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) को लागू होने में अभी समय लगेगा। केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर वीबी जी राम जी को लागू कर रही है। प्रदेश में योजना को लेकर काम जारी है। केंद्र से दिशा-निर्देश मिलते ही आगामी प्रक्रिया शुरू होगी। नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल से नियमित कार्य जारी रहेंगे।
प्रदेश में 30 मार्च तक के ब्योरे के अनुसार 15.57 लाख जाॅब कार्ड जारी हुए हैं जिनमें सक्रिय जाॅब कार्ड की संख्या 5.42 लाख है। जाॅब कार्ड के माध्यम से 26.34 लाख मजदूरों ने कार्य किया। सक्रिय मजदूरों की बात करें तो इनकी संख्या 7.99 लाख है। अभी तक मनरेगा के तहत 15,619 कार्य पूरे हो चुके हैं। मनरेगा में 30 मार्च तक 43238.92 लाख रुपये खर्च हुए हैं। नए वित्तीय वर्ष में कार्य कराने के लिए अधिकतर पंचायतों में ग्राम सभाएं हो चुकी हैं। ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों पर काम होना है। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार का कहना है कि जो भी केंद्र सरकार के नियम और निर्देश होंगे उन्हीं के अनुसार योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। स्पष्ट निर्देश मिलने पर विस्तृत कार्य योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
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15 के बजाय अब 7 दिनों में होगा मजदूरों को भुगतान
देशभर में मनरेगा के तहत सर्वाधिक मजदूरी हरियाणा में 400 रुपये प्रति दिन है। एक अप्रैल से मजदूरी का निर्धारण भी केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। हरियाणा की बात करें तो वीबी जी राम जी के तहत योजना पर कार्य कराने के लिए पंचायती राज विभाग के बजट में वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए 610 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार 60 प्रतिशत बजट देगी और 40 प्रतिशत का प्रबंध राज्य सरकार करेगी। मजदूरों को 100 के बजाय 125 दिन काम मिलेगा। नई योजना के तहत मजदूरों को 15 के बजाय 7 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान होगा। देरी होने पर मुआवजे के साथ मजदूरी का भुगतान करना होगा और जो भी अधिकारी लापरवाही के लिए जिम्मेदार होंगे उनकी जवाबदेही भी तय होगी।