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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   It will take two to three years to complete the work under Amrit Yojana-2.

Chandigarh-Haryana News: अमृत योजना-2 के कामों को पूरा करने के लिए अभी दो से तीन वर्ष लगेंगे

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अरुण शर्मा
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चंडीगढ़। हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक घर में शुद्ध और पर्याप्त पानी की आपूर्ति के लिए संचालित अमृत योजना-2 के कार्य अभी अधूरे हैं। योजना के तहत कार्यों को पूरा कराने में अभी दो से तीन वर्ष का और समय लगेगा। अब मार्च 2027 के बजाय कार्य पूरे कराने की अवधि दो से तीन वर्ष यानी 2029 तक बढ़ाने की तैयारी है।
जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार अमृत योजना-1 का कार्य शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने कराया था। अमृत-2 योजना देशभर के 500 शहरों के लिए वर्ष 2021 में स्वीकृत की गई थी। उस दाैरान भी हरियाणा निकाय विभाग को कार्य कराने का जिम्मा मिला लेकिन वर्ष 2022-2023 में जनस्वास्थ्य विभाग को ही पेयजल आपूर्ति व सीवरेज से संबंधित योजनाओं के काम कराने का जिम्मा साैंपा गया। योजना के तहत शहरी क्षेत्र में स्टेट वाटर एक्शन प्लान-1 के तहत पेयजल आपूर्ति की 48 परियोजनाएं मंजूर की गईं। इन योजनाओं पर करीब 1443.74 करोड़ खर्च करने की योजना प्रस्तावित थी। स्टेट वाटर एक्शन प्लान-2 के तहत 14 पेजयल आपूर्ति की परियोजनाओं पर करीब 1064 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कार्यों में देरी का बड़ा कारण यही बताया जा रहा है कि निकाय विभाग से परियोजना जनस्वास्थ्य विभाग को मिली तो डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट), टेंडर, कार्य के वितरण आदि में देरी हुई। इस कारण मार्च 2029 तक योजना की अवधि बढ़ाई जा सकती है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि अमृत योजना-2 के तहत बजट मिल गया है और इस पर बड़ी तेजी से कार्य कराया जा रहा है।
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शहरों में काम अधूरे, कहीं टेंडर ही नहीं हुए
महेंद्रगढ़ के नारनाैल में 208 करोड़ रुपये की लागत से काम होने हैं लेकिन मुख्यालय से बजट को मंजूरी मिलने पर ही काम शुरू होंगे। झज्जर में कोई काम नहीं हो रहे। यमुनानगर में 69 काॅलोनियों में 32 करोड़ से पेयजल आपूर्ति की लाइन बिछाने के लिए सर्वे होने के बाद आगामी कार्य होगा। हिसार शहर के वार्ड-11 में 35 किमी लाइन बिछाने का कार्य अभी भी अधूरा है। कैथल में 22 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन बिछाने के लिए डीपीआर तैयार नहीं हो सकी।
कुरुक्षेत्र के शहरी और निकट ग्रामीण क्षेत्रों में 84 करोड़ से काम शुरू होने हैं। अंबाला में 165 करोड़ से काम होंगे लेकिन मुख्यालय से अभी मंजूरी का इंतजार है। करनाल में सर्वे हुआ नहीं व डीपीआर तैयार करने के लिए अभी एजेंसी की तलाश है। पानीपत में सर्वे के लिए एक एजेंसी को काम साैंपा है। भिवानी में टेंडर लगाने की तैयारी हो रही है। फतेहाबाद में पाइप लाइन बदलने और बूस्टिंग स्टेशन निर्मित करने के काम पूरे हो चुके हैं। भूना शहर में काम शुरू नहीं हुए। सिरसा में 100 करोड़ से काम होंगे। जलापूर्ति में सुधार के लिए 67 करोड़ से अधिक लागत के टेंडर लगाए गए हैं। चरखी दादरी में 115 करोड़ रुपये की लागत से काम हो रहे हैं और 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सोनीपत में काम हो चुके हैं। जींद में 45 प्रतिशत काम हुआ है। रेवाड़ी, रोहतक में भी काम अभी पूरे नहीं हो सके हैं।
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