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Chandigarh-Haryana News: काम में लापरवाही पर कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक निलंबित
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विभागीय जांच में तीन गंभीर लापरवाहियां उजागर, बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) राजीव कुमार मिश्रा को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच में उनके द्वारा तीन प्रमुख मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान राजीव कुमार मिश्रा का मुख्यालय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंचकूला निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी किया गया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहला मामला खरीफ फसल-2025 के दौरान सिरसा जिले के 44 गांवों में फसल बीमा से जुड़ी गड़बड़ियों का है। इस संबंध में बीमा कंपनी ने जिला स्तरीय समिति में शिकायत दर्ज कराई थी। समिति के निर्णय से असंतुष्ट होकर कंपनी ने 30 जुलाई 2025 को संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) के पास अपील दायर की, लेकिन राजीव कुमार मिश्रा ने करीब चार माह तक इस अपील पर कोई कार्रवाई नहीं की और फाइल अपने पास ही रखे रहे।
दूसरा मामला रबी फसल-2023-24 से संबंधित है, जिसमें कथित अनियमितताओं को लेकर क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इस प्रकरण की जानकारी मिलने के बावजूद राजीव मिश्रा ने नियमानुसार अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित नहीं किया, बल्कि अपने स्तर पर ही एडवोकेट जनरल, हरियाणा को मामले में अगली तारीख लेने की सिफारिश कर दी, जो विभागीय नियमों के विरुद्ध है।
तीसरे मामले में किसानों के बीच कृषि विकास कार्यक्रमों और आधुनिक खेती की जानकारी फैलाने से जुड़े इंटेंसिव एक्सटेंशन कैंपेन का शेड्यूल वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं भेजा गया। इतना ही नहीं, विभाग द्वारा जानकारी मांगे जाने पर इस संबंध में गलत सूचना भी दी गई। इन तीनों मामलों को गंभीर मानते हुए विभाग ने संयुक्त निदेशक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) राजीव कुमार मिश्रा को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। विभागीय जांच में उनके द्वारा तीन प्रमुख मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान राजीव कुमार मिश्रा का मुख्यालय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंचकूला निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय से बाहर जाने पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव द्वारा जारी किया गया है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार, पहला मामला खरीफ फसल-2025 के दौरान सिरसा जिले के 44 गांवों में फसल बीमा से जुड़ी गड़बड़ियों का है। इस संबंध में बीमा कंपनी ने जिला स्तरीय समिति में शिकायत दर्ज कराई थी। समिति के निर्णय से असंतुष्ट होकर कंपनी ने 30 जुलाई 2025 को संयुक्त निदेशक (सांख्यिकी) के पास अपील दायर की, लेकिन राजीव कुमार मिश्रा ने करीब चार माह तक इस अपील पर कोई कार्रवाई नहीं की और फाइल अपने पास ही रखे रहे।
दूसरा मामला रबी फसल-2023-24 से संबंधित है, जिसमें कथित अनियमितताओं को लेकर क्षेमा जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इस प्रकरण की जानकारी मिलने के बावजूद राजीव मिश्रा ने नियमानुसार अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित नहीं किया, बल्कि अपने स्तर पर ही एडवोकेट जनरल, हरियाणा को मामले में अगली तारीख लेने की सिफारिश कर दी, जो विभागीय नियमों के विरुद्ध है।
तीसरे मामले में किसानों के बीच कृषि विकास कार्यक्रमों और आधुनिक खेती की जानकारी फैलाने से जुड़े इंटेंसिव एक्सटेंशन कैंपेन का शेड्यूल वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं भेजा गया। इतना ही नहीं, विभाग द्वारा जानकारी मांगे जाने पर इस संबंध में गलत सूचना भी दी गई। इन तीनों मामलों को गंभीर मानते हुए विभाग ने संयुक्त निदेशक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।