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Chandigarh-Haryana News: सरकारी स्कूलों के बच्चों की हिंदी व गणित सुधरा, अब श्रेणी-1 में 53 फीसदी स्कूल
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निपुण हरियाणा मिशन : डिजिटल माध्यम से बच्चों का आकलन, 45 दिन में बढ़ गई बच्चों के सीखने की रफ्तार
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर में काफी सुधार आया है। इसका आकलन निपुण हरियाणा मिशन के तहत हुई राज्यव्यापी निपुण जनगणना व उसके बाद हुए 45 दिवसीय विशेष शैक्षणिक अभियान के परिणाम आने पर हुआ है। सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच दो चरणों के आकलन में दूसरी व तीसरी कक्षा के बच्चों में हिंदी और गणित विषय में सुधार का स्तर तेजी से बढ़ा हुअस नजर आया। तीन महीने में ही श्रेणी ए में शामिल होने वाले स्कूलों की संख्या भी बढ़कर 621 से 4,545 हो गई।
नतीजों के अनुसार कक्षा दो में हिंदी भाषा में बच्चों की दक्षता 46.5 से बढ़कर 67.0 फीसदी और 63.7 से बढ़कर 78.8 हो गई। इसी तरह कक्षा तीन में हिंदी में दक्षता 44.21 से बढ़कर 61.4 व गणित में 50.5 से बढ़कर 71.0 फीसदी हो गई।
सितंबर 2025 में हुए पहले राज्यव्यापी निपुण जनगणना अभ्यास में कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया। लगभग 8,600 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में यह प्रक्रिया निपुण हरियाणा शिक्षक एप के जरिए हुई। इसमें बच्चों की हिंदी और गणित विषय में क्षमता आधारित परीक्षा ली गई। प्रशिक्षित शिक्षकों ने मूल्यांकन किया जबकि राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने निगरानी कर आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित की।
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तीन माह में ऐसे बदली तस्वीर, किस श्रेणी में कितने स्कूल
-श्रेणी ए (75 फीसदी से अधिक दक्षता) : 621 से बढ़कर 4,545 स्कूल
-श्रेणी बी (50-75फीसदी दक्षता) : 1,640 से बढ़कर 2,051 स्कूल
-श्रेणी सी (50 फीसदी से कम दक्षता) : 6,385 से घटकर 1,973 स्कूल
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25 हजार ने मूल्यांकन व 23,382 ने किया आकलन
परीक्षा के लिए 1,520 से अधिक मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया और राज्यभर के 25,000 से ज्यादा प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) व पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक (पीजीटी) शिक्षकों को मूल्यांकनकर्ता के रूप में लगाया गया। सितंबर मेंु पहले आकल के बाद पूरे प्रदेश के 22 जिलों में 45 दिन का लक्षित शैक्षणिक अभियान चलाया गया। इस अभ्यास में प्रदेशभर से 4.35 लाख बच्चों का मूल्यांकन किया गया। 2.16 लाख का हिंदी व 2.2 लाख का गणित में आकलन हुआ। 23,382 शिक्षक आकलनकर्ता बने।
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कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों के सीखने के स्तर में काफी सुधार आया है। इसका आकलन निपुण हरियाणा मिशन के तहत हुई राज्यव्यापी निपुण जनगणना व उसके बाद हुए 45 दिवसीय विशेष शैक्षणिक अभियान के परिणाम आने पर हुआ है। सितंबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच दो चरणों के आकलन में दूसरी व तीसरी कक्षा के बच्चों में हिंदी और गणित विषय में सुधार का स्तर तेजी से बढ़ा हुअस नजर आया। तीन महीने में ही श्रेणी ए में शामिल होने वाले स्कूलों की संख्या भी बढ़कर 621 से 4,545 हो गई।
नतीजों के अनुसार कक्षा दो में हिंदी भाषा में बच्चों की दक्षता 46.5 से बढ़कर 67.0 फीसदी और 63.7 से बढ़कर 78.8 हो गई। इसी तरह कक्षा तीन में हिंदी में दक्षता 44.21 से बढ़कर 61.4 व गणित में 50.5 से बढ़कर 71.0 फीसदी हो गई।
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सितंबर 2025 में हुए पहले राज्यव्यापी निपुण जनगणना अभ्यास में कक्षा 2 और 3 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया गया। लगभग 8,600 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में यह प्रक्रिया निपुण हरियाणा शिक्षक एप के जरिए हुई। इसमें बच्चों की हिंदी और गणित विषय में क्षमता आधारित परीक्षा ली गई। प्रशिक्षित शिक्षकों ने मूल्यांकन किया जबकि राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने निगरानी कर आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित की।
तीन माह में ऐसे बदली तस्वीर, किस श्रेणी में कितने स्कूल
-श्रेणी ए (75 फीसदी से अधिक दक्षता) : 621 से बढ़कर 4,545 स्कूल
-श्रेणी बी (50-75फीसदी दक्षता) : 1,640 से बढ़कर 2,051 स्कूल
-श्रेणी सी (50 फीसदी से कम दक्षता) : 6,385 से घटकर 1,973 स्कूल
25 हजार ने मूल्यांकन व 23,382 ने किया आकलन
परीक्षा के लिए 1,520 से अधिक मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया और राज्यभर के 25,000 से ज्यादा प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) व पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक (पीजीटी) शिक्षकों को मूल्यांकनकर्ता के रूप में लगाया गया। सितंबर मेंु पहले आकल के बाद पूरे प्रदेश के 22 जिलों में 45 दिन का लक्षित शैक्षणिक अभियान चलाया गया। इस अभ्यास में प्रदेशभर से 4.35 लाख बच्चों का मूल्यांकन किया गया। 2.16 लाख का हिंदी व 2.2 लाख का गणित में आकलन हुआ। 23,382 शिक्षक आकलनकर्ता बने।