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Chandigarh-Haryana News: अब मंडियों में गेटपास फिजिकल जांच के बाद बनेगा
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- अभी तक एंट्री वाले गेट पर सीसीटीवी कैमरे थे, अब निकासी वाले गेट पर भी लगेंगे
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में हुए धान घोटाले से खाद्य आपूर्ति विभाग ने बड़ा सबक लिया है। प्रदेश में आगामी सीजन के दाैरान होने वाली फसलों की खरीद को लेकर नियम बदलेंगे। जांच भी सख्त होगी। आगामी सीजन के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होने वाला कि अब गेटपास घर से नहीं बनेंगे। मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों के वाहनों की फिजिकल जांच होगी और फसल वाहन में है इसका भी सत्यापन होगा। वाहन और फसल के सत्यापन के बाद ही गेटपास कटेंगे।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर का कहना है कि भविष्य में गड़बड़ी न हो इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की तरफ से किसानों के वाहन की ट्रैकिंग की व्यवस्था होगी। जो किसान मंडी में फसल लेकर आएंगे उनके वाहन नंबर, वाहन की श्रेणी का लाइव फोटो होगा। जिस गेट से एंट्री होगी उस पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से होंगे और उसी कैमरे से निगरानी के बाद अंदर आने की अनुमति होगी। गेट में अंदर घुसने से पहले किसान की फसल, वजन, किसान का नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर का ब्योरा भी दर्ज होगा। मेरी फसल-मेरा ब्योरा के अनुसार पंजीकृत फसल का क्षेत्र आदि ब्योरे का भी मिलान होगा। मंडी के गेट पर ही फिजिकल जांच होगी। संबंधित फसल ब्योरे के अनुसार किसान के वाहन में हैं कि इसका सत्यापन होने के बाद ही गेटपास काटा जाएगा। मंडी में जो निकासी वाले गेट होंगे वहां भी कैमरे लगाए जाएंगे और निकासी के दाैरान भी किसानों के वाहनों की जांच होगी।
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ट्रैकिंग सिस्टम का प्रजेंटेशन हुआ, जल्द दिया जाएगा मूर्त रूप
खाद्य आपूर्ति विभाग ने किसानों के वाहनों की ट्रैकिंग को लेकर विभागीय मंत्री के समक्ष एक प्रजेंटेशन दिया है। आगामी दिनों में दो और प्रजेंटेशन होंगे और बाद में सुझावों को शामिल करके इसे फाइनल किया जाएगा। मंत्री नागर का कहना है कि इसका लाभ यह होगा कि आढ़तियों व राइस मिल में खरीदे गए धान की वास्तविक रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। जांच भी आसान होगी। मंडियों से राइस मिलों से धान की ढुलाई वाले वाहनों को लेकर भी और मजबूत ट्रैकिंग होगी। जो भी वाहन पहुंचेंगे उनमें निकासी के दाैरान फसल थी या वाहन खाली था यह पता चल सकेगा।
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अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में हुए धान घोटाले से खाद्य आपूर्ति विभाग ने बड़ा सबक लिया है। प्रदेश में आगामी सीजन के दाैरान होने वाली फसलों की खरीद को लेकर नियम बदलेंगे। जांच भी सख्त होगी। आगामी सीजन के लिए सबसे बड़ा बदलाव यह होने वाला कि अब गेटपास घर से नहीं बनेंगे। मंडी में फसल लेकर पहुंचने वाले किसानों के वाहनों की फिजिकल जांच होगी और फसल वाहन में है इसका भी सत्यापन होगा। वाहन और फसल के सत्यापन के बाद ही गेटपास कटेंगे।
खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर का कहना है कि भविष्य में गड़बड़ी न हो इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की तरफ से किसानों के वाहन की ट्रैकिंग की व्यवस्था होगी। जो किसान मंडी में फसल लेकर आएंगे उनके वाहन नंबर, वाहन की श्रेणी का लाइव फोटो होगा। जिस गेट से एंट्री होगी उस पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से होंगे और उसी कैमरे से निगरानी के बाद अंदर आने की अनुमति होगी। गेट में अंदर घुसने से पहले किसान की फसल, वजन, किसान का नाम, पंजीकृत मोबाइल नंबर का ब्योरा भी दर्ज होगा। मेरी फसल-मेरा ब्योरा के अनुसार पंजीकृत फसल का क्षेत्र आदि ब्योरे का भी मिलान होगा। मंडी के गेट पर ही फिजिकल जांच होगी। संबंधित फसल ब्योरे के अनुसार किसान के वाहन में हैं कि इसका सत्यापन होने के बाद ही गेटपास काटा जाएगा। मंडी में जो निकासी वाले गेट होंगे वहां भी कैमरे लगाए जाएंगे और निकासी के दाैरान भी किसानों के वाहनों की जांच होगी।
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ट्रैकिंग सिस्टम का प्रजेंटेशन हुआ, जल्द दिया जाएगा मूर्त रूप
खाद्य आपूर्ति विभाग ने किसानों के वाहनों की ट्रैकिंग को लेकर विभागीय मंत्री के समक्ष एक प्रजेंटेशन दिया है। आगामी दिनों में दो और प्रजेंटेशन होंगे और बाद में सुझावों को शामिल करके इसे फाइनल किया जाएगा। मंत्री नागर का कहना है कि इसका लाभ यह होगा कि आढ़तियों व राइस मिल में खरीदे गए धान की वास्तविक रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। जांच भी आसान होगी। मंडियों से राइस मिलों से धान की ढुलाई वाले वाहनों को लेकर भी और मजबूत ट्रैकिंग होगी। जो भी वाहन पहुंचेंगे उनमें निकासी के दाैरान फसल थी या वाहन खाली था यह पता चल सकेगा।