{"_id":"6a6ca0908c46f005a401c2ea","slug":"pensioners-emphasized-the-restoration-of-the-old-pension-scheme-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1095-1084620-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: पेंशनरों ने पुरानी पेंशन की बहाली पर दिया जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: पेंशनरों ने पुरानी पेंशन की बहाली पर दिया जोर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेंशनर्स फेडरेशन ने 8वें वेतन आयोग को सौंपा 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के अध्यक्ष को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन साैंपा है। फेडरेशन ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली को सबसे प्रमुख मांग बताया है।
पेंशनरों ने 100 फीसदी पेंशन समानता लागू करने की मांग भी उठाई है। वेतनमानों के संशोधन के साथ पेंशन के स्वतः पुनरीक्षण की भी मांग की गई है। फेडरेशन के महासचिव वजीर सिंह ने कहा कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन का आधार है। उन्होंने आयोग से इन मांगों को अपनी अंतिम सिफारिशों में शामिल करने का आग्रह किया है।
रिटायर कर्मचारी संघ हरियाणा के सलाहकार सुभाष लांबा ने कहा कि महंगाई भत्ता (डीए) 50 फीसदी होने पर उसका मूल पेंशन में विलय किया जाए। न्यूनतम पेंशन को नए वेतन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का कम से कम 50 फीसदी के बराबर करने की मांग की गई। पेंशन की कम्यूटेशन राशि की बहाली 15 वर्ष के बजाय 12 वर्ष में करने का सुझाव दिया गया है। फेडरेशन ने राज्य सरकारों के पेंशनर्स को भी केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग की है। फेडरेशन ने सीजीएचएस और कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की भी मांग की है। चिकित्सा भत्ते में वृद्धि व पारिवारिक पेंशन में सुधार की भी बात कही गई है। भेदभावपूर्ण प्रावधानों को समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। इसके अतिरिक्त वैधानिक राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग की गई है। फेडरेशन ने 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन शुरू करने और 95 वर्ष की आयु तक इसे क्रमिक रूप से बढ़ाकर 100 फीसदी करने का सुझाव दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के अध्यक्ष को सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन साैंपा है। फेडरेशन ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली को सबसे प्रमुख मांग बताया है।
पेंशनरों ने 100 फीसदी पेंशन समानता लागू करने की मांग भी उठाई है। वेतनमानों के संशोधन के साथ पेंशन के स्वतः पुनरीक्षण की भी मांग की गई है। फेडरेशन के महासचिव वजीर सिंह ने कहा कि पेंशन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मानजनक जीवन का आधार है। उन्होंने आयोग से इन मांगों को अपनी अंतिम सिफारिशों में शामिल करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
रिटायर कर्मचारी संघ हरियाणा के सलाहकार सुभाष लांबा ने कहा कि महंगाई भत्ता (डीए) 50 फीसदी होने पर उसका मूल पेंशन में विलय किया जाए। न्यूनतम पेंशन को नए वेतन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का कम से कम 50 फीसदी के बराबर करने की मांग की गई। पेंशन की कम्यूटेशन राशि की बहाली 15 वर्ष के बजाय 12 वर्ष में करने का सुझाव दिया गया है। फेडरेशन ने राज्य सरकारों के पेंशनर्स को भी केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग की है। फेडरेशन ने सीजीएचएस और कैशलेस चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की भी मांग की है। चिकित्सा भत्ते में वृद्धि व पारिवारिक पेंशन में सुधार की भी बात कही गई है। भेदभावपूर्ण प्रावधानों को समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। इसके अतिरिक्त वैधानिक राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग की गई है। फेडरेशन ने 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन शुरू करने और 95 वर्ष की आयु तक इसे क्रमिक रूप से बढ़ाकर 100 फीसदी करने का सुझाव दिया है।
विज्ञापन