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Chandigarh-Haryana News: सीएमश्री स्कूलों की तैयारी पीएमश्री के दावे अभी अधूरे

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कुलदीप शुक्ला
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चंडीगढ़। राज्य सरकार जहां एक ओर सीएमश्री स्कूल खोलने की तैयारी में जुट गई है वहीं दूसरी ओर राज्य में पहले से संचालित पीएमश्री स्कूलों के विकास के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे हैं।
प्रदेश में इस समय करीब 250 पीएमश्री स्कूल संचालित हैं लेकिन कई स्कूलों में न तो स्मार्ट बोर्ड पूरी तरह चालू हैं और न ही प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालत ज्यादा खराब है।
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राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों और पीएमश्री के बाद अब सरकार 250 सीएमश्री स्कूल शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। ये स्कूल हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त होंगे और इनमें इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई की सुविधा भी होगी। बच्चों की एंट्री फेस रिकग्निशन सिस्टम से होगी, वाई-फाई सुविधा दी जाएगी और खेल संसाधनों को बढ़ाया जाएगा।
पहली से तीसरी कक्षा तक खेल आधारित बुनियादी शिक्षा पर जोर होगा। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक विज्ञान, गणित, भूगोल, पर्यावरण और एस्ट्रोनॉमी की अलग-अलग प्रयोगशालाएं होंगी। छठी से आठवीं कक्षा तक व्यावसायिक शिक्षा, कला, संगीत, शिल्प, सहपाठ्य गतिविधियां, खेल मैदान और प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य कक्ष की व्यवस्था की जाएगी।
विशेषज्ञ की राय : नई श्रेणी शुरू करने की जल्दबाजी क्यों? राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बरवाला के सेवानिवृत्त लेक्चरर चमन लाल कौशिक का कहना है कि जब पीएमश्री स्कूलों में ही तय मानकों को पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका तो नई श्रेणी शुरू करने की जल्दबाजी क्यों? पीएमश्री योजना केंद्र सरकार की है जिसमें फंडिंग केंद्र और राज्य मिलकर करते हैं और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को मॉडल स्कूलों के रूप में लागू करना है।
प्रदेशभर में जमीनी स्थिति यह है कि कई पीएमश्री स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड बंद पड़े हैं, लैब अधूरी हैं और इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। विज्ञान, गणित और अंग्रेजी के प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी बनी हुई है। एक शिक्षक पर कई विषय पढ़ाने का दबाव है और अतिथि शिक्षकों पर निर्भरता बढ़ी है। ग्रामीण इलाकों में तो कई जगह सिर्फ स्कूल का बोर्ड बदला गया, व्यवस्था वही पुरानी रही।
उधर, सीएमश्री स्कूल पूरी तरह राज्य सरकार की योजना के तहत खुलेंगे। इनका फोकस राज्य की जरूरतों, स्थानीय संस्कृति, भाषा और रोजगार से जुड़ी शिक्षा पर होगा। मानक राज्य के अनुसार तय होंगे। सरकार को चाहिए कि वह पीएमश्री स्कूलों में व्यवस्था सुधारी जाए। ब्यूरो
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