फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Scope of vocational education to double; AI and FinTech to be taught in schools.

Chandigarh-Haryana News: व्यावसायिक शिक्षा का दायरा होगा दोगुना, स्कूलों में होगी एआई व फिनटेक की पढ़ाई

विज्ञापन
पहले चरण में 306 अतिरिक्त सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी
विज्ञापन



अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार अब सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक) जैसे आधुनिक विषय शुरू करेगी। साथ ही व्यावसायिक (वोकेशनल) शिक्षा का दायरा भी लगभग दोगुना किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने समग्र शिक्षा योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और रोजगार से जुड़े कौशल उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को 100 प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार लाने के निर्देश दिए।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने कहा कि पहले चरण में 306 अतिरिक्त सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जाएगी। इससे वर्ष 2026-27 में माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा की पहुंच 31 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य आगे चलकर सभी सरकारी माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध कराना है। वर्तमान में 15 व्यावसायिक विषय पढ़ाए जा रहे हैं। अब इनमें एआई और फिनेटक जैसे नए पाठ्यक्रम भी शामिल किए जाएंगे।
विज्ञापन

सरकार के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा के अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं। वर्ष 2025-26 में 1,382 सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के करीब 1.58 लाख विद्यार्थियों को कार्यशालाओं, इंटर्नशिप और कौशल मेलों के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ा गया। वहीं 1,398 सरकारी स्कूलों में 2.13 लाख विद्यार्थी व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं जिनमें लगभग 45 प्रतिशत विद्यार्थियों ने कौशल आधारित पाठ्यक्रम चुने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


26 स्कूलों के चार हजार विद्यार्थियों को फ्रेंच भाषा पढ़ाई जा रही

राज्य सरकार बहुभाषी शिक्षा को भी बढ़ावा दे रही है। फिलहाल 26 सरकारी स्कूलों में करीब 4,000 विद्यार्थियों को फ्रेंच भाषा पढ़ाई जा रही है। अगले चरण में सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा शुरू करने की योजना है। सरकार ने स्कूलों की निगरानी मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उपायुक्तों (एडीसी ) को जिम्मेदारी सौंपी है। वे स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल संसाधनों, शिक्षण गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्वच्छता और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करेंगे।




स्कूल छोड़ चुके 2000 किशोरों की पहचान


स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए वर्ष 2026-27 में 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2,000 किशोरों की पहचान की गई है। इनके लिए एनआईओएस के सहयोग से विशेष अभियान चलाया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के बोर्ड परीक्षा शुल्क और स्टेशनरी के लिए 40 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बिजली, सुरक्षित पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय उपलब्ध हैं। वहीं लगभग 99 प्रतिशत स्कूल स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, इंटरनेट जैसी डिजिटल सुविधाओं से लैस हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed