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Chandigarh-Haryana News: सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ अब काम का हुनर भी सीखेंगे विद्यार्थी
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- 250 पीएम श्री स्कूलों में कौशल शिक्षा पर खर्च होंगे 9.34 करोड़ रुपये, विद्यार्थियों को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अब 250 पीएम श्री स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ काम से संबंधित कौशल भी सिखाए जाएंगे। कक्षा में सीखी बातों को वास्तविक जीवन से जोड़ने के लिए विद्यार्थियों को अलग-अलग कौशल से परिचित कराया जाएगा। उद्योग, कार्यशाला और सेवा केंद्रों के भ्रमण के साथ काम के दौरान प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण व दक्षता से भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करना है।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया के मुताबिक राज्य में 22 जिलों के 250 पीएम श्री विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा मजबूत करने के लिए सरकार ने 9 करोड़ 34 लाख 85 हजार रुपये की मंजूरी दी है। इन स्कूलों में राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे के अनुसार 14 तरह के व्यावसायिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। 8 विद्यालयों में एक-एक, 183 में दो-दो और 59 में तीन-तीन कौशल क्षेत्र हैं। इस तरह कुल 551 कौशल क्षेत्र संचालित हो रहे हैं।
छठी कक्षा से कौशल की पहचान
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मीनू दहिया के मुताबिक कक्षा छह से आठ तक विद्यार्थियों को अलग-अलग ट्रेड और कौशल से परिचित कराया जाएगा। नौवीं से 12वीं तक उद्योग भ्रमण और काम के दौरान प्रशिक्षण पर जोर रहेगा। विद्यार्थी कार्यस्थलों पर जाकर वास्तविक कामकाज समझेंगे। इसमें उद्योग विशेषज्ञों और कुशल पेशेवरों के व्याख्यान भी होंगे।
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5.09 करोड़ प्रशिक्षण पर खर्च होंगे
कुल बजट में 5 करोड़ 9 लाख 44 हजार रुपये कौशल प्रशिक्षण, काम के दौरान प्रशिक्षण और भ्रमण पर खर्च होंगे। अतिथि व्याख्यान के लिए 1 करोड़ 14 लाख 45 हजार, पूर्व-व्यावसायिक परिचय के लिए 37.50 लाख और उपकरण व कच्चे माल के रखरखाव के प्रशिक्षण के लिए 22 लाख रुपये का प्रावधान किया है। जागरूकता, मार्गदर्शन, परामर्श और कार्यालय से संबंधित खर्च के लिए 2 करोड़ 51 लाख 45 हजार रुपये का प्रावधान है।
करनाल में सबसे ज्यादा खर्च
करनाल को 70.42 लाख, हिसार को 67.75 लाख, नूंह को 55.20 लाख, यमुनानगर को 54.56 लाख, फतेहाबाद को 53.19 लाख, कैथल को 52.37 लाख, भिवानी को 51.32 लाख और जींद के लिए 51.13 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अब 250 पीएम श्री स्कूलों में बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ काम से संबंधित कौशल भी सिखाए जाएंगे। कक्षा में सीखी बातों को वास्तविक जीवन से जोड़ने के लिए विद्यार्थियों को अलग-अलग कौशल से परिचित कराया जाएगा। उद्योग, कार्यशाला और सेवा केंद्रों के भ्रमण के साथ काम के दौरान प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण व दक्षता से भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करना है।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया के मुताबिक राज्य में 22 जिलों के 250 पीएम श्री विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा मजबूत करने के लिए सरकार ने 9 करोड़ 34 लाख 85 हजार रुपये की मंजूरी दी है। इन स्कूलों में राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे के अनुसार 14 तरह के व्यावसायिक पाठ्यक्रम चल रहे हैं। 8 विद्यालयों में एक-एक, 183 में दो-दो और 59 में तीन-तीन कौशल क्षेत्र हैं। इस तरह कुल 551 कौशल क्षेत्र संचालित हो रहे हैं।
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छठी कक्षा से कौशल की पहचान
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मीनू दहिया के मुताबिक कक्षा छह से आठ तक विद्यार्थियों को अलग-अलग ट्रेड और कौशल से परिचित कराया जाएगा। नौवीं से 12वीं तक उद्योग भ्रमण और काम के दौरान प्रशिक्षण पर जोर रहेगा। विद्यार्थी कार्यस्थलों पर जाकर वास्तविक कामकाज समझेंगे। इसमें उद्योग विशेषज्ञों और कुशल पेशेवरों के व्याख्यान भी होंगे।
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5.09 करोड़ प्रशिक्षण पर खर्च होंगे
कुल बजट में 5 करोड़ 9 लाख 44 हजार रुपये कौशल प्रशिक्षण, काम के दौरान प्रशिक्षण और भ्रमण पर खर्च होंगे। अतिथि व्याख्यान के लिए 1 करोड़ 14 लाख 45 हजार, पूर्व-व्यावसायिक परिचय के लिए 37.50 लाख और उपकरण व कच्चे माल के रखरखाव के प्रशिक्षण के लिए 22 लाख रुपये का प्रावधान किया है। जागरूकता, मार्गदर्शन, परामर्श और कार्यालय से संबंधित खर्च के लिए 2 करोड़ 51 लाख 45 हजार रुपये का प्रावधान है।
करनाल में सबसे ज्यादा खर्च
करनाल को 70.42 लाख, हिसार को 67.75 लाख, नूंह को 55.20 लाख, यमुनानगर को 54.56 लाख, फतेहाबाद को 53.19 लाख, कैथल को 52.37 लाख, भिवानी को 51.32 लाख और जींद के लिए 51.13 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।