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Chandigarh-Haryana News: टीबी उन्मूलन में अब जिला प्रशासन की होगी जवाबदेही
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राज्यपाल ने 13 जिलों के उपायुक्तों को दिए निर्देश, तीन महीने बाद राज्यपाल करेंगे समीक्षा
जोखिम वाले गांवों में स्क्रीनिंग और मरीजों को समय पर पोषण सहायता देने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में टीबी के पूरी तरह उन्मूलन के लिए अब जिलों के कामकाज की नियमित समीक्षा होगी। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने 13 जिलों के उपायुक्तों को टीबी की जल्द पहचान, समय पर इलाज और जरूरतमंद मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के परिणामों का समय-समय पर ऑडिट भी किया जाए ताकि पता चल सके कि जमीनी स्तर पर इसका कितना असर हो रहा है।
राज्यपाल ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित लोक भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टीबी मुक्त भारत अभियान और निक्षय मित्र पहल की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टीबी के ज्यादा मामले वाले गांवों पर विशेष ध्यान दिया जाए। ऐसे क्षेत्रों में स्क्रीनिंग बढ़ाई जाए और स्वास्थ्य सुविधाएं उन लोगों तक पहुंचाई जाएं जिनको इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने टीबी मरीजों के इलाज और देखभाल पर विशेष जोर दिया। साथ ही निक्षय मित्र पहल के तहत मरीजों को समय पर पोषण सहायता किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने जिला टीबी केंद्रों को मजबूत करने और टीबी मुक्त भारत एप जैसी तकनीक का अधिक इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
हरियाणा टीबी के खिलाफ अभियान में देश के बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है। उपायुक्तों से टीबी मुक्त हरियाणा का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी गंभीरता से काम करने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तीन महीने बाद वह जिलों में निक्षय मित्र पहल के प्रदर्शन की दोबारा समीक्षा करेंगे। बैठक में 13 जिलों के उपायुक्तों ने भाग लिया। सभी उपायुक्तों से खुद निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कराने और अपने कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी इस अभियान से जोड़ने की अपील की गई।
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जोखिम वाले गांवों में स्क्रीनिंग और मरीजों को समय पर पोषण सहायता देने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में टीबी के पूरी तरह उन्मूलन के लिए अब जिलों के कामकाज की नियमित समीक्षा होगी। राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने 13 जिलों के उपायुक्तों को टीबी की जल्द पहचान, समय पर इलाज और जरूरतमंद मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के परिणामों का समय-समय पर ऑडिट भी किया जाए ताकि पता चल सके कि जमीनी स्तर पर इसका कितना असर हो रहा है।
राज्यपाल ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित लोक भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टीबी मुक्त भारत अभियान और निक्षय मित्र पहल की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टीबी के ज्यादा मामले वाले गांवों पर विशेष ध्यान दिया जाए। ऐसे क्षेत्रों में स्क्रीनिंग बढ़ाई जाए और स्वास्थ्य सुविधाएं उन लोगों तक पहुंचाई जाएं जिनको इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने टीबी मरीजों के इलाज और देखभाल पर विशेष जोर दिया। साथ ही निक्षय मित्र पहल के तहत मरीजों को समय पर पोषण सहायता किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने जिला टीबी केंद्रों को मजबूत करने और टीबी मुक्त भारत एप जैसी तकनीक का अधिक इस्तेमाल करने को कहा। उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
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हरियाणा टीबी के खिलाफ अभियान में देश के बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल है। उपायुक्तों से टीबी मुक्त हरियाणा का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी गंभीरता से काम करने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तीन महीने बाद वह जिलों में निक्षय मित्र पहल के प्रदर्शन की दोबारा समीक्षा करेंगे। बैठक में 13 जिलों के उपायुक्तों ने भाग लिया। सभी उपायुक्तों से खुद निक्षय मित्र के रूप में पंजीकरण कराने और अपने कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को भी इस अभियान से जोड़ने की अपील की गई।
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