{"_id":"697f8177540f4b3f4d08a327","slug":"the-government-has-withheld-the-promotion-of-ias-officer-d-suresh-and-ordered-a-resolution-within-four-weeks-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-938840-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: सरकार ने आईएएस डी-सुरेश की पदोन्नति रोकी, 4 सप्ताह में निपटारे का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: सरकार ने आईएएस डी-सुरेश की पदोन्नति रोकी, 4 सप्ताह में निपटारे का आदेश
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम में जमीन आवंटन मामले में चार्जशीट करने पर कैट पहुंचे डी सुरेश
वाई पूरण कुमार के मामले में परिवार को न्याय देने की उठाई थी आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। छह साल पुराने जमीन आवंटन मामले में फंसे हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस डी सुरेश की पदोन्नति रोकने पर डी सुरेश ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में याचिका दायर की है। कैट ने हरियाणा सरकार को चार सप्ताह में मामले को निपटाने का आदेश जारी किया है। कैट ने हरियाणा के मुख्य सचिव, कार्मिक विभाग के प्रमुख सेक्रेटरी, विजिलेंस ब्यूरो के कमिश्नर और एसीबी के डीजी को निर्देश दिए हैं। डी सुरेश ने दिवंगत वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरण कुमार के मामले में परिवार को न्याय देने के लिए आवाज उठाई थी।
कैट में दायर याचिका में डी सुरेश ने 30 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद विभागीय पदोन्नति समिति की सिफारिशों और नियमों का हवाला देकर एक जनवरी 2025 से एसीएस के पद पर पदोन्नत करने की मांग की है। साथ ही एक जनवरी 2025 से सभी बढ़े वेतन-भत्ते व अन्य लाभ को ब्याज सहित देने की मांग की है। उन्होंने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देकर 28 अक्तूबर 2025 को जारी अनुशासनात्मक कार्रवाई और चार्जशीट को रद्द करने की मांग उठाई है।
स्कूल को पुरानी दर पर अलॉट की थी जमीन
2019 में डी सुरेश गुरुग्राम में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक थे। आरोप है कि गुरुग्राम के सेक्टर-56 में ट्रस्ट को निजी स्कूल चलाने के लिए डेढ़ एकड़ जमीन 1990 की दर से अलॉट कर दी। इससे सरकार को तकरीबन 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में एंट्री करप्शन ब्यूरो ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
Trending Videos
वाई पूरण कुमार के मामले में परिवार को न्याय देने की उठाई थी आवाज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। छह साल पुराने जमीन आवंटन मामले में फंसे हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस डी सुरेश की पदोन्नति रोकने पर डी सुरेश ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) में याचिका दायर की है। कैट ने हरियाणा सरकार को चार सप्ताह में मामले को निपटाने का आदेश जारी किया है। कैट ने हरियाणा के मुख्य सचिव, कार्मिक विभाग के प्रमुख सेक्रेटरी, विजिलेंस ब्यूरो के कमिश्नर और एसीबी के डीजी को निर्देश दिए हैं। डी सुरेश ने दिवंगत वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरण कुमार के मामले में परिवार को न्याय देने के लिए आवाज उठाई थी।
कैट में दायर याचिका में डी सुरेश ने 30 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद विभागीय पदोन्नति समिति की सिफारिशों और नियमों का हवाला देकर एक जनवरी 2025 से एसीएस के पद पर पदोन्नत करने की मांग की है। साथ ही एक जनवरी 2025 से सभी बढ़े वेतन-भत्ते व अन्य लाभ को ब्याज सहित देने की मांग की है। उन्होंने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में मामला लंबित होने का हवाला देकर 28 अक्तूबर 2025 को जारी अनुशासनात्मक कार्रवाई और चार्जशीट को रद्द करने की मांग उठाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्कूल को पुरानी दर पर अलॉट की थी जमीन
2019 में डी सुरेश गुरुग्राम में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक थे। आरोप है कि गुरुग्राम के सेक्टर-56 में ट्रस्ट को निजी स्कूल चलाने के लिए डेढ़ एकड़ जमीन 1990 की दर से अलॉट कर दी। इससे सरकार को तकरीबन 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में एंट्री करप्शन ब्यूरो ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
