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Chandigarh-Haryana News: युवाओं के रोजगार के लिए सब्सिडी बढ़ाकर अब एक लाख रुपये प्रति कर्मचारी होगी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में उद्योगों को स्थानीय युवाओं को नौकरी देने पर मिलने वाली 48 हजार की रोजगार सहायता राशि अब बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष दी जाएगी। इससे कंपनियों को भी राहत मिलेगी और युवाओं के लिए नौकरी के ज्यादा मौके बनेंगे।
नया पोर्टल शुरू होगा, 15 दिन में मिलेगा जवाब
निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट 45 कार्य दिवसों के अंदर जारी किया जाएगा। निवेशकों की समस्याओं का जल्दी समाधान करने के लिए एडवांस रूलिंग पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल पर किसी भी तरह की समस्या या सवाल डालने पर संबंधित विभाग को 15 दिनों के अंदर जवाब देना जरूरी होगा।
पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का होगा मेकओवर, नए विकसित होंगे
सरकार अब पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को नई पहचान देने की तैयारी में है। सोनीपत, हिसार, अंबाला, यमुनानगर समेत कई शहरों में बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 2026-27 में 500 करोड़ रुपये का सक्षम फंड बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही अंबाला और नारायणगढ़ में नए औद्योगिक क्षेत्र बसाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में भी नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए किसानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
नई औद्योगिक नीतियों को हरी झंडी
पहले घोषित 12 औद्योगिक नीतियों के नए प्रारूप तैयार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही अर्धचालक, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, खिलौने और खेल सामग्री से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी नई नीतियां बनाई गई हैं। एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता से जुड़े क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। ये सभी नीतियां वर्ष 2026-27 में लागू होंगी। उद्योगों को राहत देने के लिए औद्योगिक भूखंड लंबे समय की लीज पर दिए जाएंगे जिन्हें बाद में मालिकाना हक में बदलने का विकल्प भी मिलेगा।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत विकसित हरियाणा का दस्तावेज तैयार किया गया है। इसमें हर विभाग को 2030, 2036 और 2047 के हिसाब से अपना प्लान बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नया पोर्टल शुरू होगा, 15 दिन में मिलेगा जवाब
निवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट 45 कार्य दिवसों के अंदर जारी किया जाएगा। निवेशकों की समस्याओं का जल्दी समाधान करने के लिए एडवांस रूलिंग पोर्टल शुरू किया जाएगा। इस पोर्टल पर किसी भी तरह की समस्या या सवाल डालने पर संबंधित विभाग को 15 दिनों के अंदर जवाब देना जरूरी होगा।
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पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का होगा मेकओवर, नए विकसित होंगे
सरकार अब पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को नई पहचान देने की तैयारी में है। सोनीपत, हिसार, अंबाला, यमुनानगर समेत कई शहरों में बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 2026-27 में 500 करोड़ रुपये का सक्षम फंड बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही अंबाला और नारायणगढ़ में नए औद्योगिक क्षेत्र बसाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में भी नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए किसानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
नई औद्योगिक नीतियों को हरी झंडी
पहले घोषित 12 औद्योगिक नीतियों के नए प्रारूप तैयार कर लिए गए हैं। इसके साथ ही अर्धचालक, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, खिलौने और खेल सामग्री से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी नई नीतियां बनाई गई हैं। एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता से जुड़े क्षेत्रों को भी इसमें शामिल किया गया है। ये सभी नीतियां वर्ष 2026-27 में लागू होंगी। उद्योगों को राहत देने के लिए औद्योगिक भूखंड लंबे समय की लीज पर दिए जाएंगे जिन्हें बाद में मालिकाना हक में बदलने का विकल्प भी मिलेगा।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत विकसित हरियाणा का दस्तावेज तैयार किया गया है। इसमें हर विभाग को 2030, 2036 और 2047 के हिसाब से अपना प्लान बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।