सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Warning of strike if tin sheds are not vacated in the markets by 30 days

Chandigarh-Haryana News: मंडियों में 30 तक टिनशेड खाली न होने पर धरने की चेतावनी

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
Trending Videos

चंडीगढ़। प्रदेश में रबी-2026 खरीद सीजन शुरू होने से पहले ही भारतीय किसान सभा ने मंडियों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान सभा ने मंडियों में आढ़तियों से तुरंत टीनशेड खाली करने की मांग उठाई है। यह भी चेतावनी दी है कि 30 मार्च तक टिनशेड खाली नहीं किए तो संगठन की ओर से मंडियों में धरने शुरू किए जा सकते हैं। 31 मार्च को जींद की नई अनाज मंडी में राज्यस्तरीय रैली होगी। किसानों की फसलों की खरीद के लिए गेटपास दिन में 14 के बजाय पूरे 24 घंटे बनाने की भी मांग की है। मंडियों में गेहूं की खरीद से पहले सभी अव्यवस्थाएं दूर करने का भी मुद्दा उठाया।
भारतीय किसान सभा के राज्य प्रधान मास्टर बलबीर ने कहा कि उन्होंने जींद, ऊंचाना और नरवाना की मंडियों में जाकर देखा तो वहां किसानों के लिए पर्याप्त शाैचालय और उनकी सफाई का इंतजाम तक नहीं है। पेयजल के भी पूरे इंतजाम नहीं हो सके हैं। सफाई भी संतोषजनक नहीं है। राज्य प्रधान ने कहा कि सभी जिलों की कार्यकारिणी के पदाधिकारी मंडियों में पहुंचकर आढ़तियों से टीनशेड खाली कराने के लिए वार्ता कर रहे हैं। जिला उपायुक्तों और मंडी सचिवों से मुलाकात करके लगातार अव्यस्थाएं बताईं जा रही हैं। किसानों के लिए गेट पास के नियमों में बदलाव को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसान खेतों में काम देखेंगे या बायोमीट्रिक्स कराने आएंगे। गेटपास बनाने के नियम सरल नहीं किए गए तो किसानों के हक में आंदोलन किया जाएगा। रविवार को भी गेटपास बनाने की मांग करते हुए कहा कि मंडियों में फसल की खरीद के बाद ही प्रतिदिन उठान हो। यह भी मांग की है कि गांवों के क्रय केंद्रों और मंडियों में बिजली के पूरे इंतजाम नहीं हैं ऐसे में गेटपास को लेकर कोई अड़चन न आएं इसके लिए पहले ही वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं। जींद में होने वाली राज्यस्तरीय रैली में किसानों पर दर्ज मामलों को लेकर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन




बारिश से फसलों के दानों की गुणवत्ता प्रभावित : प्रीत
भारतीय किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रीत सिंह ने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश से खड़ी फसलें गिर गईं हैं। इससे गुणवत्ता और उत्पादन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। इसी तरह से जो सरसों की फसल काटकर खेतों में डाली गई थीं उनके दानों की गुणवत्ता में अंतर आया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरसों की खरीद के दाैरान दानों की गुणवत्ता को लेकर किसानों को तंग न किया जाए। यदि किसानों को तंग किया गया तो सभी मंडियों में पहुंचकर किसानों के हक की आवाज उठाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed