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Charkhi Dadri News: 16 माह में 12 पाइल कैप तैयार, रोहतक रोड आरओबी निर्माण धीमी चाल
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 07 Jun 2026 11:46 PM IST
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रोहतक रोड पर निर्माणाधीन आरओबी।
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चरखी दादरी। शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और लोगों को रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से रोहतक रोड रेलवे फाटक पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। निर्धारित समय सीमा के अनुरूप कार्य प्रगति नहीं होने पर लोक निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है फिर भी निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी देखने को नहीं मिल रही है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। 16 माह में केवल 12 पाइल कैप ही तैयार किए गए हैं।
स्थानीय रोहतक रोड रेलवे फाटक पर ट्रेनों की बढ़ती आवाजाही के कारण फाटक को बार-बार बंद करना पड़ता है। कई बार हर 15 मिनट के अंतराल में फाटक बंद होने से वाहन चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग ने फरवरी 2025 में करीब 78 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू करवाया था।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्माण एजेंसी के साथ हुए अनुबंध के तहत आरओबी का पूरा कार्य दो वर्ष में पूरा किया जाना है। 940 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज के लिए कुल 240 पाइल का निर्माण प्रस्तावित है। हालांकि परियोजना की अवधि का आधे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केवल 170 पाइल की नींव तैयार हो सकी है। वहीं मात्र 12 पाइल पर लोहे का ढांचा खड़ा किया गया है। कार्य की धीमी प्रगति को देखते हुए विभाग ने एजेंसी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था लेकिन इसका भी कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है।
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स्थानीय निवासियों व राहगीरों का कहना है कि वर्तमान गति को देखते हुए फरवरी 2027 तक परियोजना का कार्य पूरा होना मुश्किल प्रतीत हो रहा है। उनका मानना है कि अभी भी करीब 70 प्रतिशत कार्य शेष है और आगामी आठ से नौ महीनों में इसे पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा। यदि एजेंसी ने मशीनों और श्रमिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की तो परियोजना की समय सीमा आगे बढ़ सकती है जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
लोगों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
वहीं निर्माण कार्य के कारण रोहतक रोड पर लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदे गए हैं और निर्माण सामग्री बिखरी हुई है। रूट डायवर्जन की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने के कारण भारी और हल्के वाहन निर्माणाधीन संकरे मार्ग से गुजर रहे हैं। इसके चलते दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
गड्ढों और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुपहिया वाहन और ई-रिक्शा दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। वहीं उड़ती धूल से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य में तेजी लाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है।
वर्सन :
निर्माण एजेंसी के संचालक आवश्यक उपकरण लेने के लिए भोपाल गए हुए हैं। उपकरण उपलब्ध होते ही कार्य में तेजी आएगी। विभाग की ओर से एजेंसी को निर्धारित समय सीमा के भीतर आरओबी निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।- गुरचरण सिंह, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, दादरी।
स्थानीय रोहतक रोड रेलवे फाटक पर ट्रेनों की बढ़ती आवाजाही के कारण फाटक को बार-बार बंद करना पड़ता है। कई बार हर 15 मिनट के अंतराल में फाटक बंद होने से वाहन चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग ने फरवरी 2025 में करीब 78 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू करवाया था।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्माण एजेंसी के साथ हुए अनुबंध के तहत आरओबी का पूरा कार्य दो वर्ष में पूरा किया जाना है। 940 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज के लिए कुल 240 पाइल का निर्माण प्रस्तावित है। हालांकि परियोजना की अवधि का आधे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केवल 170 पाइल की नींव तैयार हो सकी है। वहीं मात्र 12 पाइल पर लोहे का ढांचा खड़ा किया गया है। कार्य की धीमी प्रगति को देखते हुए विभाग ने एजेंसी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था लेकिन इसका भी कोई खास असर दिखाई नहीं दे रहा है।
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स्थानीय निवासियों व राहगीरों का कहना है कि वर्तमान गति को देखते हुए फरवरी 2027 तक परियोजना का कार्य पूरा होना मुश्किल प्रतीत हो रहा है। उनका मानना है कि अभी भी करीब 70 प्रतिशत कार्य शेष है और आगामी आठ से नौ महीनों में इसे पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा। यदि एजेंसी ने मशीनों और श्रमिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की तो परियोजना की समय सीमा आगे बढ़ सकती है जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
लोगों को करना पड़ रहा परेशानियों का सामना
वहीं निर्माण कार्य के कारण रोहतक रोड पर लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खोदे गए हैं और निर्माण सामग्री बिखरी हुई है। रूट डायवर्जन की व्यवस्था प्रभावी नहीं होने के कारण भारी और हल्के वाहन निर्माणाधीन संकरे मार्ग से गुजर रहे हैं। इसके चलते दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
गड्ढों और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुपहिया वाहन और ई-रिक्शा दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। वहीं उड़ती धूल से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से निर्माण कार्य में तेजी लाने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है।
वर्सन :
निर्माण एजेंसी के संचालक आवश्यक उपकरण लेने के लिए भोपाल गए हुए हैं। उपकरण उपलब्ध होते ही कार्य में तेजी आएगी। विभाग की ओर से एजेंसी को निर्धारित समय सीमा के भीतर आरओबी निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।- गुरचरण सिंह, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, दादरी।