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Charkhi Dadri News: यूरिया खाद के 5500 बैग पहुंचे, पैक्स समितियों व जमीदारा सोसायटी ने शुरू किया वितरण
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:02 AM IST
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: जमींदारा सोसायटी कार्यालय में रखे यूरिया खाद के बैग। संवाद
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चरखी दादरी। जिले में यूरिया खाद के 5500 बैग पहुंचे हैं और खरीद केंद्र संचालकों ने खाद का वितरण शुरू कर दिया गया है। शहर के अलावा गांवों में स्थित पैक्स समितियों में भी खाद भेजी गई है। खरीफ सीजन में जिले में डीएपी 14 हजार व 26 हजार एमटी यूरिया की जरूरत रहेगी। अगस्त माह में सर्वाधिक 12000 एमटी खाद की जरूरत पड़ेगी। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1,22,368 हेक्टेयर क्षेत्र है। खरीफ सीजन में क्षेत्र में बाजरा, कपास, ग्वार व ज्वार की खेती होती है। हर साल सर्वाधिक औसत 1.50 लाख एकड़ में बाजरे की बिजाई होती है। फिलहाल जिले में डीएपी की कमी नहीं हैं। खाद के अब तक 6500 बैग वितरित किए जा चुके हैं। जुलाई व अगस्त माह में यूरिया की सर्वाधिक 16 हजार एमटी खाद की जरूरत पड़ेगी।
रसायन इस्तेमाल न करने के लिए समझा रहे अधिकारी
आजकल किसान प्रत्येक फसल में रासायनिक खाद का इस्तेमाल करते हैं ताकि बढिय़ा पैदावार मिल सके। रासायनिक खाद का इस्तेमाल न हो इसके लिए विभाग विशेषज्ञों की ओर से किसानों को समझाया भी जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने खेत बचाओ अभियान चला रखा है जो 30 जून तक चलेगा।
20 हजार एकड़ में कपास की बिजाई
कपास की बिजाई करीब 20 हजार एकड़ में होती है। डीएपी का संकट रबी सीजन के दौरान भी बना रहा था। अब खरीफ सीजन में भी काफी मात्रा में खाद की जरूरत है। यूरिया खाद की तो अगस्त व सितंबर माह तक जरूरत बनी रहेगी। डीएपी की खरीफ सीजन में 14 हजार एमटी की जरूरत रहेगी। डीएपी की मई व जून माह में 8000 एमटी की जरूरत पड़ेगी। इसी प्रकार यूरिया की खरीफ सीजन में कुल जरूरत 26 हजार एमटी है।
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डीएपी महीना वाइज खपत एक नजर में::::
महीना डीएपी - यूरिया - एसएसपी - एपीके
अप्रैल 2000 1000 500 200
मई 4000 2000 1000 300
जून 4000 6000 200 300
जुलाई 2000 8000 500 200
अगस्त 1500 8000 000 000
सितंबर 500 1000 000 000
कुल जोड़ 14000 26000 2500 1000 -
16 पैक्स समितियों व सोसाइटी में होता है वितरण
जिले में करीब 16 पैक्स समितियों व शहर में जमींदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। जो किसान फसल का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज करवाता है उसी के हिसाब से खाद बांटी जाती है। पोर्टल पर दर्ज जमीन के अनुपात में यूरिया व डीएपी खाद का वितरण किया जाता है। एक एकड़ तक एक बैग, दो एकड़ तक दो बैग व इसी प्रकार पांच एकड़ के लिए पांच बैग खाद दी जा रही है।
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हाल ही में यूरिया खाद के 5500 बैग पहुंचे हैं। जल्द ही डीएपी खाद मंगवाई जाएगी। किसान जरूरत के अनुसार ही खाद का इस्तेमाल करें। खरीफ सीजन में 14 हजार डीएपी खाद की जरूरत रहेगी। - नितिन कुमार, नियंत्रक, कृषि विभाग
रसायन इस्तेमाल न करने के लिए समझा रहे अधिकारी
आजकल किसान प्रत्येक फसल में रासायनिक खाद का इस्तेमाल करते हैं ताकि बढिय़ा पैदावार मिल सके। रासायनिक खाद का इस्तेमाल न हो इसके लिए विभाग विशेषज्ञों की ओर से किसानों को समझाया भी जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने खेत बचाओ अभियान चला रखा है जो 30 जून तक चलेगा।
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20 हजार एकड़ में कपास की बिजाई
कपास की बिजाई करीब 20 हजार एकड़ में होती है। डीएपी का संकट रबी सीजन के दौरान भी बना रहा था। अब खरीफ सीजन में भी काफी मात्रा में खाद की जरूरत है। यूरिया खाद की तो अगस्त व सितंबर माह तक जरूरत बनी रहेगी। डीएपी की खरीफ सीजन में 14 हजार एमटी की जरूरत रहेगी। डीएपी की मई व जून माह में 8000 एमटी की जरूरत पड़ेगी। इसी प्रकार यूरिया की खरीफ सीजन में कुल जरूरत 26 हजार एमटी है।
डीएपी महीना वाइज खपत एक नजर में::::
महीना डीएपी - यूरिया - एसएसपी - एपीके
अप्रैल 2000 1000 500 200
मई 4000 2000 1000 300
जून 4000 6000 200 300
जुलाई 2000 8000 500 200
अगस्त 1500 8000 000 000
सितंबर 500 1000 000 000
कुल जोड़ 14000 26000 2500 1000 -
16 पैक्स समितियों व सोसाइटी में होता है वितरण
जिले में करीब 16 पैक्स समितियों व शहर में जमींदारा सोसायटी की ओर से खाद का वितरण किया जाता है। जो किसान फसल का पंजीकरण पोर्टल पर दर्ज करवाता है उसी के हिसाब से खाद बांटी जाती है। पोर्टल पर दर्ज जमीन के अनुपात में यूरिया व डीएपी खाद का वितरण किया जाता है। एक एकड़ तक एक बैग, दो एकड़ तक दो बैग व इसी प्रकार पांच एकड़ के लिए पांच बैग खाद दी जा रही है।
हाल ही में यूरिया खाद के 5500 बैग पहुंचे हैं। जल्द ही डीएपी खाद मंगवाई जाएगी। किसान जरूरत के अनुसार ही खाद का इस्तेमाल करें। खरीफ सीजन में 14 हजार डीएपी खाद की जरूरत रहेगी। - नितिन कुमार, नियंत्रक, कृषि विभाग