{"_id":"6a6e45ef4daf50e306046a78","slug":"a-procession-featuring-lord-bholenaths-mount-and-a-kalash-yatra-was-taken-out-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-158463-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: भगवान भोलेनाथ की सवारी एवं कलश यात्रा निकाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: भगवान भोलेनाथ की सवारी एवं कलश यात्रा निकाली
विज्ञापन
बड़ा शिव मंदिर से कलश यात्रा निकालते हुए शिवभक्त।
- फोटो : 1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरखी दादरी। सावन मास के उपलक्ष्य में शहर में भगवान भोलेनाथ महाकाल की सवारी एवं कलश यात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में उज्जैन महाकाल के महंत ज्ञानेश्वरी का सानिध्य प्राप्त हुआ। यजमान के रूप में बड़ा शिव मंदिर सेवा समिति के प्रधान रमेश फोगाट ने परिवार सहित पूजा कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
समिति पदाधिकारियों ने वृंदावन से पधारे विद्वान आचार्य पंडित चंद्रप्रकाश ठाकुर का पुष्पमाला एवं पटका पहनाकर स्वागत किया। पंडित दिनेश शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाया। कलश यात्रा में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गीतों से भगवान शिव का गुणगान किया।
पंडित दिनेश शास्त्री ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में कलश को सुख, समृद्धि, शुद्धता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। कलश यात्रा से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जनकल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
विज्ञापन
महाकाल की सवारी एवं कलश यात्रा बड़ा शिव मंदिर से शुरू होकर भगवान परशुराम चौक, किला मैदान रोड, मुख्य बाजार, लाला लाजपत राय चौक, काठ मंडी, पुराना झज्जर रोड एवं सरदार झाड़ू सिंह चौक से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची।
इस अवसर पर शिव मंदिर सेवा समिति के उपप्रधान ओमप्रकाश फोगाट, साधुराम शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, विष्णु फोगाट, हर्ष गोल्डी, सतवीर जांगड़ा, अजीत सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
समिति पदाधिकारियों ने वृंदावन से पधारे विद्वान आचार्य पंडित चंद्रप्रकाश ठाकुर का पुष्पमाला एवं पटका पहनाकर स्वागत किया। पंडित दिनेश शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करवाया। कलश यात्रा में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गीतों से भगवान शिव का गुणगान किया।
विज्ञापन
पंडित दिनेश शास्त्री ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में कलश को सुख, समृद्धि, शुद्धता और मंगल का प्रतीक माना जाता है। कलश यात्रा से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जनकल्याण, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
विज्ञापन
महाकाल की सवारी एवं कलश यात्रा बड़ा शिव मंदिर से शुरू होकर भगवान परशुराम चौक, किला मैदान रोड, मुख्य बाजार, लाला लाजपत राय चौक, काठ मंडी, पुराना झज्जर रोड एवं सरदार झाड़ू सिंह चौक से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची।
इस अवसर पर शिव मंदिर सेवा समिति के उपप्रधान ओमप्रकाश फोगाट, साधुराम शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, विष्णु फोगाट, हर्ष गोल्डी, सतवीर जांगड़ा, अजीत सिंह मौजूद रहे।